ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
Islāmpur, पश्चिम बंगाल

Islāmpur — पंचांग

25 सितंबर 2025, गुरुवार

सूर्योदय
05:27
सूर्यास्त
17:30
चंद्रोदय
08:19
चंद्रास्त
19:18
← पिछला दिनआज का पंचांगअगला दिन →

सितंबर 2025 — मासिक पंचांग

पंचांग — पाँच अंग

तिथि
शुक्ल तृतीया
07:06 तक
अगली: शुक्ल चतुर्थी
प्रगति90%
नक्षत्र
स्वाति (2 पाद)
19:08 तक
अगली: विशाखा
स्वामी: राहु
योग
वैधृति
21:52 तक
अगला: विष्कम्भ
अशुभ
करण
गर
07:06 तक
अगला: वणिज
शुभ
वार
गुरुवार

पंचांग सार

तिथि
शुक्ल तृतीया· 07:06 तक
शुक्ल चतुर्थी
नक्षत्र
स्वाति · पद 2· 19:08 तक
विशाखा
योग
वैधृति· 21:52 तक
विष्कम्भ
करण
गर· 07:06 तक
वणिज
वार
गुरुवार
पक्ष
शुक्ल पक्ष

ग्रह स्थिति

सूर्य
राशिकन्या
नक्षत्रउत्तर फाल्गुनी
पद4
देशांतर157°56'08"
चन्द्रमा
राशितुला
नक्षत्रस्वाति
पद2
देशांतर192°43'58"

राशि

चंद्र राशि
तुला
सूर्य राशि
कन्या

Islāmpur — शुभ-अशुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:51 — 04:39
प्रातः सन्ध्या
04:39 — 06:15
सूर्योदय
05:27
अभिजित मुहूर्त
11:05 — 11:53
अमृत कालविशेष
12:59 — 14:30
विजय मुहूर्त
15:06 — 15:54
गोधूलि मुहूर्त
17:06 — 17:54
सूर्यास्त
17:30
सायाह्न सन्ध्या
17:33 — 18:42
निशिता मुहूर्त
23:05 — 23:53
राहु काल
12:59 — 14:30
यमगंड काल
16:00 — 17:30
गुलिक काल
08:28 — 09:58
प्रथम दुर्मुहूर्त
10:44 — 11:29
द्वितीय दुर्मुहूर्त
16:00 — 16:45
चंद्रोदय
08:19
चंद्रास्त
19:18
मध्याह्न
11:29

हिन्दू पंचांग — संवत् एवं मास

चन्द्र माह (पूर्णिमान्त)
आश्विन
चन्द्र माह (अमान्त)
आश्विन
पक्ष
शुक्ल पक्ष
विक्रम संवत्
2082
शक संवत्
1947
गुजराती संवत्
2080

नक्षत्र विस्तार

नक्षत्र पद
पद 2
स्वाति
नक्षत्र स्वामी
राहु
नक्षत्र देवता
वायु
सूर्य नक्षत्र
उत्तर फाल्गुनी
पद 4स्वामी: सूर्य

ऋतु एवं अयन

वैदिक ऋतु
शरद
द्रिक ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

दिनमान एवं रात्रिमान

दिनमान
12 घण्टे 03 मिनट 24 सेकण्ड
30 घटी 9 पल
रात्रिमान
11 घण्टे 56 मिनट 36 सेकण्ड
29 घटी 51 पल
मध्याह्न (सौर)
11:29
सूर्य का उच्चतम बिन्दु

दिन का चौघड़िया — 25 सितंबर 2025, गुरुवार

अमृतशुभलाभचरकालउद्वेगरोग
05:2706:57
शुभ
विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य
06:5708:28
रोग
स्वास्थ्य निर्णय टालें
08:2809:58
उद्वेग
नया काम प्रारंभ न करें
09:5811:29
चर
यात्रा, वाहन चालन
11:2912:59
लाभ
व्यापार, धन लेनदेन, नौकरी
12:5914:30
अमृत
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह
14:3016:00
काल
महत्वपूर्ण निर्णय टालें
16:0017:30
शुभ
विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य

रात का चौघड़िया

17:3019:00
अमृत
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह
19:0020:30
काल
महत्वपूर्ण निर्णय टालें
20:3021:59
शुभ
विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य
21:5923:29
रोग
स्वास्थ्य निर्णय टालें
23:2900:58
उद्वेग
नया काम प्रारंभ न करें
00:5802:28
चर
यात्रा, वाहन चालन
02:2803:57
लाभ
व्यापार, धन लेनदेन, नौकरी
03:5705:27
अमृत
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह

Islāmpur पंचांग — सितंबर 2025

123456789101112131415161718192021222324252627282930

अन्य शहरों का पंचांग — 25 सितंबर 2025, गुरुवार

दिल्लीमुंबईकोलकाताचेन्नईबेंगलुरुहैदराबादअहमदाबादपुणेजयपुरलखनऊवाराणसीप्रयागराज

Islāmpur पंचांग — 25 सितंबर 2025, गुरुवार

Islāmpur (पश्चिम बंगाल) के लिए 25 सितंबर 2025, गुरुवार का सम्पूर्ण हिन्दू पंचांग यहाँ प्रस्तुत है। पंचांग के पाँच अंग — तिथि, नक्षत्र, योग, करण और वार — के साथ-साथ सूर्योदय, सूर्यास्त, चंद्रोदय, राहु काल, यमगंड काल, गुलिक काल, ब्रह्म मुहूर्त, अभिजित मुहूर्त और चौघड़िया की सटीक जानकारी दी गई है।

यह पंचांग Islāmpur के अक्षांश-देशांतर के अनुसार खगोलीय गणना पर आधारित है, जिससे सूर्योदय और अन्य समय स्थानीय रूप से सटीक हैं। किसी भी शुभ कार्य, पूजा, व्रत या मुहूर्त के लिए अपने शहर का पंचांग अवश्य देखें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

Islāmpur में 25 सितंबर 2025, गुरुवार को सूर्योदय कब है?

Islāmpur में 25 सितंबर 2025, गुरुवार को सूर्योदय 05:27 बजे और सूर्यास्त 17:30 बजे है। ये समय खगोलीय गणना के आधार पर सटीक हैं।

Islāmpur में 25 सितंबर 2025, गुरुवार को राहु काल कब है?

Islāmpur में 25 सितंबर 2025, गुरुवार को राहु काल 12:59 से 14:30 तक है। इस समय नए कार्य प्रारंभ न करें।

Islāmpur में 25 सितंबर 2025, गुरुवार को तिथि क्या है?

Islāmpur में 25 सितंबर 2025, गुरुवार को शुक्ल तृतीया तिथि है।

पंचांग के पाँच अंग कौन से हैं?

पंचांग के पाँच अंग हैं — तिथि (चंद्र दिन), नक्षत्र (चंद्र मंडल), योग (सूर्य-चंद्र संयोग), करण (अर्ध-तिथि) और वार (सप्ताह का दिन)। ये पाँचों मिलकर किसी भी दिन की शुभता निर्धारित करते हैं।

अभिजित मुहूर्त किसे कहते हैं?

अभिजित मुहूर्त दिन का सबसे शुभ समय है, जो सौर मध्याह्न (solar noon) के आसपास 48 मिनट का होता है। बृहत्संहिता के अनुसार यह दिन का आठवाँ मुहूर्त है।