ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
जयपुर, राजस्थान

जयपुर — पंचांग

16 अप्रैल 2027, शुक्रवार

सूर्योदय
06:03
सूर्यास्त
18:51
चंद्रोदय
14:26
चंद्रास्त
02:54
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अप्रैल 2027 — मासिक पंचांग

पंचांग — पाँच अंग

तिथि
शुक्ल दशमी
11:22 तक
अगली: शुक्ल एकादशी
प्रगति76%
नक्षत्र
आश्लेषा (4 पाद)
08:17 तक
अगली: मघा
स्वामी: बुध
योग
गंड
00:00 तक
अगला: वृद्धि
अशुभ
करण
गर
00:00 तक
अगला: वणिज
शुभ
वार
शुक्रवार

पंचांग सार

तिथि
शुक्ल दशमी· 11:22 तक
शुक्ल एकादशी
नक्षत्र
आश्लेषा · पद 4· 08:17 तक
मघा
योग
गंड· 00:00 तक
वृद्धि
करण
गर· 00:00 तक
वणिज
वार
शुक्रवार
पक्ष
शुक्ल पक्ष

ग्रह स्थिति

सूर्य
राशिमेष
नक्षत्रअश्विनी
पद1
देशांतर1°34'50"
चन्द्रमा
राशिकर्क
नक्षत्रआश्लेषा
पद4
देशांतर118°40'35"

राशि

चंद्र राशि
कर्क
सूर्य राशि
मेष

जयपुर — शुभ-अशुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:27 — 05:15
प्रातः सन्ध्या
05:15 — 06:51
सूर्योदय
06:03
अभिजित मुहूर्त
12:03 — 12:51
अमृत कालविशेष
09:15 — 10:51
विजय मुहूर्त
16:18 — 17:09
गोधूलि मुहूर्त
18:27 — 19:15
सूर्यास्त
18:51
सायाह्न सन्ध्या
18:54 — 20:03
निशिता मुहूर्त
00:03 — 00:51
राहु काल
10:51 — 12:27
यमगंड काल
15:39 — 17:15
गुलिक काल
07:39 — 09:15
प्रथम दुर्मुहूर्त
08:27 — 09:15
द्वितीय दुर्मुहूर्त
10:51 — 11:39
चंद्रोदय
14:26
चंद्रास्त
02:54
मध्याह्न
12:27

हिन्दू पंचांग — संवत् एवं मास

चन्द्र माह (पूर्णिमान्त)
वैशाख
चन्द्र माह (अमान्त)
वैशाख
पक्ष
शुक्ल पक्ष
विक्रम संवत्
2084
शक संवत्
1949
गुजराती संवत्
2082

नक्षत्र विस्तार

नक्षत्र पद
पद 4
आश्लेषा
नक्षत्र स्वामी
बुध
नक्षत्र देवता
सर्प
सूर्य नक्षत्र
अश्विनी
पद 1स्वामी: केतु

ऋतु एवं अयन

वैदिक ऋतु
वसन्त
द्रिक ऋतु
वसन्त
अयन
उत्तरायण

दिनमान एवं रात्रिमान

दिनमान
12 घण्टे 48 मिनट 50 सेकण्ड
32 घटी 2 पल
रात्रिमान
11 घण्टे 11 मिनट 10 सेकण्ड
27 घटी 58 पल
मध्याह्न (सौर)
12:27
सूर्य का उच्चतम बिन्दु

दिन का चौघड़िया — 16 अप्रैल 2027, शुक्रवार

अमृतशुभलाभचरकालउद्वेगरोग
06:0307:39
चर
यात्रा, वाहन चालन
07:3909:15
लाभ
व्यापार, धन लेनदेन, नौकरी
09:1510:51
अमृत
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह
10:5112:27
काल
महत्वपूर्ण निर्णय टालें
12:2714:03
शुभ
विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य
14:0315:39
रोग
स्वास्थ्य निर्णय टालें
15:3917:15
उद्वेग
नया काम प्रारंभ न करें
17:1518:51
चर
यात्रा, वाहन चालन

रात का चौघड़िया

18:5120:15
रोग
स्वास्थ्य निर्णय टालें
20:1521:39
उद्वेग
नया काम प्रारंभ न करें
21:3923:03
चर
यात्रा, वाहन चालन
23:0300:27
लाभ
व्यापार, धन लेनदेन, नौकरी
00:2701:51
अमृत
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह
01:5103:15
काल
महत्वपूर्ण निर्णय टालें
03:1504:39
शुभ
विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य
04:3906:03
रोग
स्वास्थ्य निर्णय टालें

जयपुर पंचांग — अप्रैल 2027

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अन्य शहरों का पंचांग — 16 अप्रैल 2027, शुक्रवार

दिल्लीमुंबईकोलकाताचेन्नईबेंगलुरुहैदराबादअहमदाबादपुणेलखनऊवाराणसीप्रयागराजहरिद्वार

जयपुर पंचांग — 16 अप्रैल 2027, शुक्रवार

जयपुर (राजस्थान) के लिए 16 अप्रैल 2027, शुक्रवार का सम्पूर्ण हिन्दू पंचांग यहाँ प्रस्तुत है। पंचांग के पाँच अंग — तिथि, नक्षत्र, योग, करण और वार — के साथ-साथ सूर्योदय, सूर्यास्त, चंद्रोदय, राहु काल, यमगंड काल, गुलिक काल, ब्रह्म मुहूर्त, अभिजित मुहूर्त और चौघड़िया की सटीक जानकारी दी गई है।

यह पंचांग जयपुर के अक्षांश-देशांतर के अनुसार खगोलीय गणना पर आधारित है, जिससे सूर्योदय और अन्य समय स्थानीय रूप से सटीक हैं। किसी भी शुभ कार्य, पूजा, व्रत या मुहूर्त के लिए अपने शहर का पंचांग अवश्य देखें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जयपुर में 16 अप्रैल 2027, शुक्रवार को सूर्योदय कब है?

जयपुर में 16 अप्रैल 2027, शुक्रवार को सूर्योदय 06:03 बजे और सूर्यास्त 18:51 बजे है। ये समय खगोलीय गणना के आधार पर सटीक हैं।

जयपुर में 16 अप्रैल 2027, शुक्रवार को राहु काल कब है?

जयपुर में 16 अप्रैल 2027, शुक्रवार को राहु काल 10:51 से 12:27 तक है। इस समय नए कार्य प्रारंभ न करें।

जयपुर में 16 अप्रैल 2027, शुक्रवार को तिथि क्या है?

जयपुर में 16 अप्रैल 2027, शुक्रवार को शुक्ल दशमी तिथि है।

पंचांग के पाँच अंग कौन से हैं?

पंचांग के पाँच अंग हैं — तिथि (चंद्र दिन), नक्षत्र (चंद्र मंडल), योग (सूर्य-चंद्र संयोग), करण (अर्ध-तिथि) और वार (सप्ताह का दिन)। ये पाँचों मिलकर किसी भी दिन की शुभता निर्धारित करते हैं।

अभिजित मुहूर्त किसे कहते हैं?

अभिजित मुहूर्त दिन का सबसे शुभ समय है, जो सौर मध्याह्न (solar noon) के आसपास 48 मिनट का होता है। बृहत्संहिता के अनुसार यह दिन का आठवाँ मुहूर्त है।