ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
जयपुर, राजस्थान

जयपुर — पंचांग

15 अगस्त 2027, रविवार

सूर्योदय
05:58
सूर्यास्त
19:04
चंद्रोदय
17:58
चंद्रास्त
04:00
← पिछला दिनआज का पंचांगअगला दिन →

अगस्त 2027 — मासिक पंचांग

पंचांग — पाँच अंग

तिथि
शुक्ल त्रयोदशी
07:54 तक
अगली: शुक्ल चतुर्दशी
प्रगति93%
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा (2 पाद)
20:28 तक
अगली: श्रवण
स्वामी: सूर्य
योग
आयुष्मान
23:35 तक
अगला: सौभाग्य
शुभ
करण
तैतिल
07:54 तक
अगला: गर
शुभ
वार
रविवार

पंचांग सार

तिथि
शुक्ल त्रयोदशी· 07:54 तक
शुक्ल चतुर्दशी
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा · पद 2· 20:28 तक
श्रवण
योग
आयुष्मान· 23:35 तक
सौभाग्य
करण
तैतिल· 07:54 तक
गर
वार
रविवार
पक्ष
शुक्ल पक्ष

ग्रह स्थिति

सूर्य
राशिकर्क
नक्षत्रआश्लेषा
पद4
देशांतर117°45'24"
चन्द्रमा
राशिमकर
नक्षत्रउत्तराषाढ़ा
पद2
देशांतर272°52'57"

राशि

चंद्र राशि
मकर
सूर्य राशि
कर्क

जयपुर — शुभ-अशुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:22 — 05:10
प्रातः सन्ध्या
05:10 — 06:46
सूर्योदय
05:58
अभिजित मुहूर्त
12:07 — 12:55
अमृत कालविशेष
10:53 — 12:31
विजय मुहूर्त
16:27 — 17:20
गोधूलि मुहूर्त
18:40 — 19:28
सूर्यास्त
19:04
सायाह्न सन्ध्या
19:07 — 20:16
निशिता मुहूर्त
00:07 — 00:55
राहु काल
17:26 — 19:04
यमगंड काल
10:53 — 12:31
गुलिक काल
15:48 — 17:26
प्रथम दुर्मुहूर्त
10:53 — 11:42
द्वितीय दुर्मुहूर्त
18:15 — 19:04
चंद्रोदय
17:58
चंद्रास्त
04:00
मध्याह्न
12:31

हिन्दू पंचांग — संवत् एवं मास

चन्द्र माह (पूर्णिमान्त)
श्रावण
चन्द्र माह (अमान्त)
श्रावण
पक्ष
शुक्ल पक्ष
विक्रम संवत्
2084
शक संवत्
1949
गुजराती संवत्
2082

नक्षत्र विस्तार

नक्षत्र पद
पद 2
उत्तराषाढ़ा
नक्षत्र स्वामी
सूर्य
नक्षत्र देवता
विश्वेदेव
सूर्य नक्षत्र
आश्लेषा
पद 4स्वामी: बुध

ऋतु एवं अयन

वैदिक ऋतु
वर्षा
द्रिक ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

दिनमान एवं रात्रिमान

दिनमान
13 घण्टे 06 मिनट 11 सेकण्ड
32 घटी 45 पल
रात्रिमान
10 घण्टे 53 मिनट 49 सेकण्ड
27 घटी 15 पल
मध्याह्न (सौर)
12:31
सूर्य का उच्चतम बिन्दु

दिन का चौघड़िया — 15 अगस्त 2027, रविवार

अमृतशुभलाभचरकालउद्वेगरोग
05:5807:36
उद्वेग
नया काम प्रारंभ न करें
07:3609:15
चर
यात्रा, वाहन चालन
09:1510:53
लाभ
व्यापार, धन लेनदेन, नौकरी
10:5312:31
अमृत
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह
12:3114:10
काल
महत्वपूर्ण निर्णय टालें
14:1015:48
शुभ
विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य
15:4817:26
रोग
स्वास्थ्य निर्णय टालें
17:2619:04
उद्वेग
नया काम प्रारंभ न करें

रात का चौघड़िया

19:0420:26
शुभ
विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य
20:2621:48
रोग
स्वास्थ्य निर्णय टालें
21:4823:10
उद्वेग
नया काम प्रारंभ न करें
23:1000:31
चर
यात्रा, वाहन चालन
00:3101:53
लाभ
व्यापार, धन लेनदेन, नौकरी
01:5303:15
अमृत
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह
03:1504:36
काल
महत्वपूर्ण निर्णय टालें
04:3605:58
शुभ
विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य

जयपुर पंचांग — अगस्त 2027

12345678910111213141516171819202122232425262728293031

अन्य शहरों का पंचांग — 15 अगस्त 2027, रविवार

दिल्लीमुंबईकोलकाताचेन्नईबेंगलुरुहैदराबादअहमदाबादपुणेलखनऊवाराणसीप्रयागराजहरिद्वार

जयपुर पंचांग — 15 अगस्त 2027, रविवार

जयपुर (राजस्थान) के लिए 15 अगस्त 2027, रविवार का सम्पूर्ण हिन्दू पंचांग यहाँ प्रस्तुत है। पंचांग के पाँच अंग — तिथि, नक्षत्र, योग, करण और वार — के साथ-साथ सूर्योदय, सूर्यास्त, चंद्रोदय, राहु काल, यमगंड काल, गुलिक काल, ब्रह्म मुहूर्त, अभिजित मुहूर्त और चौघड़िया की सटीक जानकारी दी गई है।

यह पंचांग जयपुर के अक्षांश-देशांतर के अनुसार खगोलीय गणना पर आधारित है, जिससे सूर्योदय और अन्य समय स्थानीय रूप से सटीक हैं। किसी भी शुभ कार्य, पूजा, व्रत या मुहूर्त के लिए अपने शहर का पंचांग अवश्य देखें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जयपुर में 15 अगस्त 2027, रविवार को सूर्योदय कब है?

जयपुर में 15 अगस्त 2027, रविवार को सूर्योदय 05:58 बजे और सूर्यास्त 19:04 बजे है। ये समय खगोलीय गणना के आधार पर सटीक हैं।

जयपुर में 15 अगस्त 2027, रविवार को राहु काल कब है?

जयपुर में 15 अगस्त 2027, रविवार को राहु काल 17:26 से 19:04 तक है। इस समय नए कार्य प्रारंभ न करें।

जयपुर में 15 अगस्त 2027, रविवार को तिथि क्या है?

जयपुर में 15 अगस्त 2027, रविवार को शुक्ल त्रयोदशी तिथि है।

पंचांग के पाँच अंग कौन से हैं?

पंचांग के पाँच अंग हैं — तिथि (चंद्र दिन), नक्षत्र (चंद्र मंडल), योग (सूर्य-चंद्र संयोग), करण (अर्ध-तिथि) और वार (सप्ताह का दिन)। ये पाँचों मिलकर किसी भी दिन की शुभता निर्धारित करते हैं।

अभिजित मुहूर्त किसे कहते हैं?

अभिजित मुहूर्त दिन का सबसे शुभ समय है, जो सौर मध्याह्न (solar noon) के आसपास 48 मिनट का होता है। बृहत्संहिता के अनुसार यह दिन का आठवाँ मुहूर्त है।