ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
जयपुर, राजस्थान

जयपुर — पंचांग

1 अक्टूबर 2027, शुक्रवार

सूर्योदय
06:19
सूर्यास्त
18:14
चंद्रोदय
07:24
चंद्रास्त
18:49
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अक्टूबर 2027 — मासिक पंचांग

पंचांग — पाँच अंग

तिथि
शुक्ल द्वितीया
00:00 तक
अगली: शुक्ल तृतीया
प्रगति3%
नक्षत्र
चित्रा (1 पाद)
00:00 तक
अगली: स्वाति
स्वामी: मंगल
योग
ऐन्द्र
18:11 तक
अगला: वैधृति
शुभ
करण
बालव
00:00 तक
अगला: कौलव
शुभ
वार
शुक्रवार

पंचांग सार

तिथि
शुक्ल द्वितीया· 00:00 तक
शुक्ल तृतीया
नक्षत्र
चित्रा · पद 1· 00:00 तक
स्वाति
योग
ऐन्द्र· 18:11 तक
वैधृति
करण
बालव· 00:00 तक
कौलव
वार
शुक्रवार
पक्ष
शुक्ल पक्ष

ग्रह स्थिति

सूर्य
राशिकन्या
नक्षत्रहस्त
पद2
देशांतर163°23'36"
चन्द्रमा
राशिकन्या
नक्षत्रचित्रा
पद1
देशांतर175°47'36"

राशि

चंद्र राशि
कन्या
सूर्य राशि
कन्या

जयपुर — शुभ-अशुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:43 — 05:31
प्रातः सन्ध्या
05:31 — 07:07
सूर्योदय
06:19
अभिजित मुहूर्त
11:52 — 12:40
अमृत कालविशेष
09:18 — 10:47
विजय मुहूर्त
15:51 — 16:38
गोधूलि मुहूर्त
17:50 — 18:38
सूर्यास्त
18:14
सायाह्न सन्ध्या
18:17 — 19:26
निशिता मुहूर्त
23:52 — 00:40
राहु काल
10:47 — 12:16
यमगंड काल
15:15 — 16:44
गुलिक काल
07:48 — 09:18
प्रथम दुर्मुहूर्त
08:33 — 09:18
द्वितीय दुर्मुहूर्त
10:47 — 11:32
चंद्रोदय
07:24
चंद्रास्त
18:49
मध्याह्न
12:16

हिन्दू पंचांग — संवत् एवं मास

चन्द्र माह (पूर्णिमान्त)
आश्विन
चन्द्र माह (अमान्त)
आश्विन
पक्ष
शुक्ल पक्ष
विक्रम संवत्
2084
शक संवत्
1949
गुजराती संवत्
2082

नक्षत्र विस्तार

नक्षत्र पद
पद 1
चित्रा
नक्षत्र स्वामी
मंगल
नक्षत्र देवता
विश्वकर्मा
सूर्य नक्षत्र
हस्त
पद 2स्वामी: चंद्र

ऋतु एवं अयन

वैदिक ऋतु
शरद
द्रिक ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

दिनमान एवं रात्रिमान

दिनमान
11 घण्टे 54 मिनट 36 सेकण्ड
29 घटी 47 पल
रात्रिमान
12 घण्टे 05 मिनट 24 सेकण्ड
30 घटी 13 पल
मध्याह्न (सौर)
12:16
सूर्य का उच्चतम बिन्दु

दिन का चौघड़िया — 1 अक्टूबर 2027, शुक्रवार

अमृतशुभलाभचरकालउद्वेगरोग
06:1907:48
चर
यात्रा, वाहन चालन
07:4809:18
लाभ
व्यापार, धन लेनदेन, नौकरी
09:1810:47
अमृत
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह
10:4712:16
काल
महत्वपूर्ण निर्णय टालें
12:1613:46
शुभ
विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य
13:4615:15
रोग
स्वास्थ्य निर्णय टालें
15:1516:44
उद्वेग
नया काम प्रारंभ न करें
16:4418:14
चर
यात्रा, वाहन चालन

रात का चौघड़िया

18:1419:44
रोग
स्वास्थ्य निर्णय टालें
19:4421:15
उद्वेग
नया काम प्रारंभ न करें
21:1522:46
चर
यात्रा, वाहन चालन
22:4600:16
लाभ
व्यापार, धन लेनदेन, नौकरी
00:1601:47
अमृत
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह
01:4703:18
काल
महत्वपूर्ण निर्णय टालें
03:1804:48
शुभ
विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य
04:4806:19
रोग
स्वास्थ्य निर्णय टालें

जयपुर पंचांग — अक्टूबर 2027

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अन्य शहरों का पंचांग — 1 अक्टूबर 2027, शुक्रवार

दिल्लीमुंबईकोलकाताचेन्नईबेंगलुरुहैदराबादअहमदाबादपुणेलखनऊवाराणसीप्रयागराजहरिद्वार

जयपुर पंचांग — 1 अक्टूबर 2027, शुक्रवार

जयपुर (राजस्थान) के लिए 1 अक्टूबर 2027, शुक्रवार का सम्पूर्ण हिन्दू पंचांग यहाँ प्रस्तुत है। पंचांग के पाँच अंग — तिथि, नक्षत्र, योग, करण और वार — के साथ-साथ सूर्योदय, सूर्यास्त, चंद्रोदय, राहु काल, यमगंड काल, गुलिक काल, ब्रह्म मुहूर्त, अभिजित मुहूर्त और चौघड़िया की सटीक जानकारी दी गई है।

यह पंचांग जयपुर के अक्षांश-देशांतर के अनुसार खगोलीय गणना पर आधारित है, जिससे सूर्योदय और अन्य समय स्थानीय रूप से सटीक हैं। किसी भी शुभ कार्य, पूजा, व्रत या मुहूर्त के लिए अपने शहर का पंचांग अवश्य देखें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जयपुर में 1 अक्टूबर 2027, शुक्रवार को सूर्योदय कब है?

जयपुर में 1 अक्टूबर 2027, शुक्रवार को सूर्योदय 06:19 बजे और सूर्यास्त 18:14 बजे है। ये समय खगोलीय गणना के आधार पर सटीक हैं।

जयपुर में 1 अक्टूबर 2027, शुक्रवार को राहु काल कब है?

जयपुर में 1 अक्टूबर 2027, शुक्रवार को राहु काल 10:47 से 12:16 तक है। इस समय नए कार्य प्रारंभ न करें।

जयपुर में 1 अक्टूबर 2027, शुक्रवार को तिथि क्या है?

जयपुर में 1 अक्टूबर 2027, शुक्रवार को शुक्ल द्वितीया तिथि है।

पंचांग के पाँच अंग कौन से हैं?

पंचांग के पाँच अंग हैं — तिथि (चंद्र दिन), नक्षत्र (चंद्र मंडल), योग (सूर्य-चंद्र संयोग), करण (अर्ध-तिथि) और वार (सप्ताह का दिन)। ये पाँचों मिलकर किसी भी दिन की शुभता निर्धारित करते हैं।

अभिजित मुहूर्त किसे कहते हैं?

अभिजित मुहूर्त दिन का सबसे शुभ समय है, जो सौर मध्याह्न (solar noon) के आसपास 48 मिनट का होता है। बृहत्संहिता के अनुसार यह दिन का आठवाँ मुहूर्त है।