ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
जयपुर, राजस्थान

जयपुर — पंचांग

30 नवंबर 2027, मंगलवार

सूर्योदय
06:57
सूर्यास्त
17:33
चंद्रोदय
08:55
चंद्रास्त
19:22
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नवंबर 2027 — मासिक पंचांग

पंचांग — पाँच अंग

तिथि
शुक्ल द्वितीया
10:09 तक
अगली: शुक्ल तृतीया
प्रगति87%
नक्षत्र
मूल (2 पाद)
21:29 तक
अगली: पूर्वाषाढ़ा
स्वामी: केतु
योग
शूल
00:00 तक
अगला: गंड
अशुभ
करण
कौलव
10:09 तक
अगला: तैतिल
शुभ
वार
मंगलवार

पंचांग सार

तिथि
शुक्ल द्वितीया· 10:09 तक
शुक्ल तृतीया
नक्षत्र
मूल · पद 2· 21:29 तक
पूर्वाषाढ़ा
योग
शूल· 00:00 तक
गंड
करण
कौलव· 10:09 तक
तैतिल
वार
मंगलवार
पक्ष
शुक्ल पक्ष

ग्रह स्थिति

सूर्य
राशिवृश्चिक
नक्षत्रअनुराधा
पद4
देशांतर223°21'13"
चन्द्रमा
राशिधनु
नक्षत्रमूल
पद2
देशांतर245°49'57"

राशि

चंद्र राशि
धनु
सूर्य राशि
वृश्चिक

जयपुर — शुभ-अशुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:21 — 06:09
प्रातः सन्ध्या
06:09 — 07:45
सूर्योदय
06:57
अभिजित मुहूर्त
11:51 — 12:39
अमृत कालविशेष
12:15 — 13:35
विजय मुहूर्त
15:26 — 16:08
गोधूलि मुहूर्त
17:09 — 17:57
सूर्यास्त
17:33
सायाह्न सन्ध्या
17:36 — 18:45
निशिता मुहूर्त
23:51 — 00:39
राहु काल
14:54 — 16:14
यमगंड काल
08:17 — 09:36
गुलिक काल
12:15 — 13:35
प्रथम दुर्मुहूर्त
10:16 — 10:56
द्वितीय दुर्मुहूर्त
13:35 — 14:14
चंद्रोदय
08:55
चंद्रास्त
19:22
मध्याह्न
12:15

हिन्दू पंचांग — संवत् एवं मास

चन्द्र माह (पूर्णिमान्त)
मार्गशीर्ष
चन्द्र माह (अमान्त)
मार्गशीर्ष
पक्ष
शुक्ल पक्ष
विक्रम संवत्
2084
शक संवत्
1949
गुजराती संवत्
2083

नक्षत्र विस्तार

नक्षत्र पद
पद 2
मूल
नक्षत्र स्वामी
केतु
नक्षत्र देवता
निऋति
सूर्य नक्षत्र
अनुराधा
पद 4स्वामी: शनि

ऋतु एवं अयन

वैदिक ऋतु
हेमन्त
द्रिक ऋतु
हेमन्त
अयन
दक्षिणायन

दिनमान एवं रात्रिमान

दिनमान
10 घण्टे 35 मिनट 34 सेकण्ड
26 घटी 29 पल
रात्रिमान
13 घण्टे 24 मिनट 26 सेकण्ड
33 घटी 31 पल
मध्याह्न (सौर)
12:15
सूर्य का उच्चतम बिन्दु

दिन का चौघड़िया — 30 नवंबर 2027, मंगलवार

अमृतशुभलाभचरकालउद्वेगरोग
06:5708:17
रोग
स्वास्थ्य निर्णय टालें
08:1709:36
उद्वेग
नया काम प्रारंभ न करें
09:3610:56
चर
यात्रा, वाहन चालन
10:5612:15
लाभ
व्यापार, धन लेनदेन, नौकरी
12:1513:35
अमृत
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह
13:3514:54
काल
महत्वपूर्ण निर्णय टालें
14:5416:14
शुभ
विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य
16:1417:33
रोग
स्वास्थ्य निर्णय टालें

रात का चौघड़िया

17:3319:14
काल
महत्वपूर्ण निर्णय टालें
19:1420:54
शुभ
विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य
20:5422:35
रोग
स्वास्थ्य निर्णय टालें
22:3500:15
उद्वेग
नया काम प्रारंभ न करें
00:1501:56
चर
यात्रा, वाहन चालन
01:5603:36
लाभ
व्यापार, धन लेनदेन, नौकरी
03:3605:17
अमृत
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह
05:1706:57
काल
महत्वपूर्ण निर्णय टालें

जयपुर पंचांग — नवंबर 2027

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अन्य शहरों का पंचांग — 30 नवंबर 2027, मंगलवार

दिल्लीमुंबईकोलकाताचेन्नईबेंगलुरुहैदराबादअहमदाबादपुणेलखनऊवाराणसीप्रयागराजहरिद्वार

जयपुर पंचांग — 30 नवंबर 2027, मंगलवार

जयपुर (राजस्थान) के लिए 30 नवंबर 2027, मंगलवार का सम्पूर्ण हिन्दू पंचांग यहाँ प्रस्तुत है। पंचांग के पाँच अंग — तिथि, नक्षत्र, योग, करण और वार — के साथ-साथ सूर्योदय, सूर्यास्त, चंद्रोदय, राहु काल, यमगंड काल, गुलिक काल, ब्रह्म मुहूर्त, अभिजित मुहूर्त और चौघड़िया की सटीक जानकारी दी गई है।

यह पंचांग जयपुर के अक्षांश-देशांतर के अनुसार खगोलीय गणना पर आधारित है, जिससे सूर्योदय और अन्य समय स्थानीय रूप से सटीक हैं। किसी भी शुभ कार्य, पूजा, व्रत या मुहूर्त के लिए अपने शहर का पंचांग अवश्य देखें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जयपुर में 30 नवंबर 2027, मंगलवार को सूर्योदय कब है?

जयपुर में 30 नवंबर 2027, मंगलवार को सूर्योदय 06:57 बजे और सूर्यास्त 17:33 बजे है। ये समय खगोलीय गणना के आधार पर सटीक हैं।

जयपुर में 30 नवंबर 2027, मंगलवार को राहु काल कब है?

जयपुर में 30 नवंबर 2027, मंगलवार को राहु काल 14:54 से 16:14 तक है। इस समय नए कार्य प्रारंभ न करें।

जयपुर में 30 नवंबर 2027, मंगलवार को तिथि क्या है?

जयपुर में 30 नवंबर 2027, मंगलवार को शुक्ल द्वितीया तिथि है।

पंचांग के पाँच अंग कौन से हैं?

पंचांग के पाँच अंग हैं — तिथि (चंद्र दिन), नक्षत्र (चंद्र मंडल), योग (सूर्य-चंद्र संयोग), करण (अर्ध-तिथि) और वार (सप्ताह का दिन)। ये पाँचों मिलकर किसी भी दिन की शुभता निर्धारित करते हैं।

अभिजित मुहूर्त किसे कहते हैं?

अभिजित मुहूर्त दिन का सबसे शुभ समय है, जो सौर मध्याह्न (solar noon) के आसपास 48 मिनट का होता है। बृहत्संहिता के अनुसार यह दिन का आठवाँ मुहूर्त है।