ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
Jaito, पंजाब

Jaito — पंचांग

15 फरवरी 2025, शनिवार

सूर्योदय
07:11
सूर्यास्त
18:19
चंद्रोदय
20:56
चंद्रास्त
08:37
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फरवरी 2025 — मासिक पंचांग

सर्वार्थ सिद्धि योग
15 फरवरी 2025, शनिवार को सर्वार्थ सिद्धि योग है — सभी शुभ कार्यों के लिए उत्तम दिन

पंचांग — पाँच अंग

तिथि
कृष्ण तृतीया
23:53 तक
अगली: कृष्ण चतुर्थी
प्रगति36%
नक्षत्र
उत्तर फाल्गुनी (2 पाद)
01:39 तक
अगली: हस्त
स्वामी: सूर्य
योग
सुकर्मा
07:31 तक
अगला: धृति
शुभ
करण
वणिज
10:49 तक
अगला: विष्टि
शुभ
वार
शनिवार

पंचांग सार

तिथि
कृष्ण तृतीया· 23:53 तक
कृष्ण चतुर्थी
नक्षत्र
उत्तर फाल्गुनी · पद 2· 01:39 तक
हस्त
योग
सुकर्मा· 07:31 तक
धृति
करण
वणिज· 10:49 तक
विष्टि
वार
शनिवार
पक्ष
कृष्ण पक्ष

ग्रह स्थिति

सूर्य
राशिकुम्भ
नक्षत्रधनिष्ठा
पद3
देशांतर302°24'49"
चन्द्रमा
राशिकन्या
नक्षत्रउत्तर फाल्गुनी
पद2
देशांतर150°43'26"

राशि

चंद्र राशि
कन्या
सूर्य राशि
कुम्भ

Jaito — शुभ-अशुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:35 — 06:23
प्रातः सन्ध्या
06:23 — 07:59
सूर्योदय
07:11
अभिजित मुहूर्त
12:21 — 13:09
अमृत कालविशेष
15:32 — 16:55
विजय मुहूर्त
16:05 — 16:50
गोधूलि मुहूर्त
17:55 — 18:43
सूर्यास्त
18:19
सायाह्न सन्ध्या
18:22 — 19:31
निशिता मुहूर्त
00:21 — 01:09
राहु काल
09:58 — 11:21
यमगंड काल
14:08 — 15:32
गुलिक काल
07:11 — 08:34
प्रथम दुर्मुहूर्त
09:58 — 10:40
द्वितीय दुर्मुहूर्त
15:32 — 16:13
चंद्रोदय
20:56
चंद्रास्त
08:37
मध्याह्न
12:45
सर्वार्थ सिद्धि योगसम्पूर्ण दिन

हिन्दू पंचांग — संवत् एवं मास

चन्द्र माह (पूर्णिमान्त)
चैत्र
चन्द्र माह (अमान्त)
फाल्गुन
पक्ष
कृष्ण पक्ष
विक्रम संवत्
2082
शक संवत्
1946
गुजराती संवत्
2080

नक्षत्र विस्तार

नक्षत्र पद
पद 2
उत्तर फाल्गुनी
नक्षत्र स्वामी
सूर्य
नक्षत्र देवता
अर्यमा
सूर्य नक्षत्र
धनिष्ठा
पद 3स्वामी: मंगल

ऋतु एवं अयन

वैदिक ऋतु
वसन्त
द्रिक ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

दिनमान एवं रात्रिमान

दिनमान
11 घण्टे 07 मिनट 45 सेकण्ड
27 घटी 49 पल
रात्रिमान
12 घण्टे 52 मिनट 15 सेकण्ड
32 घटी 11 पल
मध्याह्न (सौर)
12:45
सूर्य का उच्चतम बिन्दु

दिन का चौघड़िया — 15 फरवरी 2025, शनिवार

अमृतशुभलाभचरकालउद्वेगरोग
07:1108:34
काल
महत्वपूर्ण निर्णय टालें
08:3409:58
शुभ
विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य
09:5811:21
रोग
स्वास्थ्य निर्णय टालें
11:2112:45
उद्वेग
नया काम प्रारंभ न करें
12:4514:08
चर
यात्रा, वाहन चालन
14:0815:32
लाभ
व्यापार, धन लेनदेन, नौकरी
15:3216:55
अमृत
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह
16:5518:19
काल
महत्वपूर्ण निर्णय टालें

रात का चौघड़िया

18:1919:55
उद्वेग
नया काम प्रारंभ न करें
19:5521:32
चर
यात्रा, वाहन चालन
21:3223:08
लाभ
व्यापार, धन लेनदेन, नौकरी
23:0800:45
अमृत
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह
00:4502:21
काल
महत्वपूर्ण निर्णय टालें
02:2103:58
शुभ
विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य
03:5805:34
रोग
स्वास्थ्य निर्णय टालें
05:3407:11
उद्वेग
नया काम प्रारंभ न करें

Jaito पंचांग — फरवरी 2025

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अन्य शहरों का पंचांग — 15 फरवरी 2025, शनिवार

दिल्लीमुंबईकोलकाताचेन्नईबेंगलुरुहैदराबादअहमदाबादपुणेजयपुरलखनऊवाराणसीप्रयागराज

Jaito पंचांग — 15 फरवरी 2025, शनिवार

Jaito (पंजाब) के लिए 15 फरवरी 2025, शनिवार का सम्पूर्ण हिन्दू पंचांग यहाँ प्रस्तुत है। पंचांग के पाँच अंग — तिथि, नक्षत्र, योग, करण और वार — के साथ-साथ सूर्योदय, सूर्यास्त, चंद्रोदय, राहु काल, यमगंड काल, गुलिक काल, ब्रह्म मुहूर्त, अभिजित मुहूर्त और चौघड़िया की सटीक जानकारी दी गई है।

यह पंचांग Jaito के अक्षांश-देशांतर के अनुसार खगोलीय गणना पर आधारित है, जिससे सूर्योदय और अन्य समय स्थानीय रूप से सटीक हैं। किसी भी शुभ कार्य, पूजा, व्रत या मुहूर्त के लिए अपने शहर का पंचांग अवश्य देखें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

Jaito में 15 फरवरी 2025, शनिवार को सूर्योदय कब है?

Jaito में 15 फरवरी 2025, शनिवार को सूर्योदय 07:11 बजे और सूर्यास्त 18:19 बजे है। ये समय खगोलीय गणना के आधार पर सटीक हैं।

Jaito में 15 फरवरी 2025, शनिवार को राहु काल कब है?

Jaito में 15 फरवरी 2025, शनिवार को राहु काल 09:58 से 11:21 तक है। इस समय नए कार्य प्रारंभ न करें।

Jaito में 15 फरवरी 2025, शनिवार को तिथि क्या है?

Jaito में 15 फरवरी 2025, शनिवार को कृष्ण तृतीया तिथि है।

पंचांग के पाँच अंग कौन से हैं?

पंचांग के पाँच अंग हैं — तिथि (चंद्र दिन), नक्षत्र (चंद्र मंडल), योग (सूर्य-चंद्र संयोग), करण (अर्ध-तिथि) और वार (सप्ताह का दिन)। ये पाँचों मिलकर किसी भी दिन की शुभता निर्धारित करते हैं।

अभिजित मुहूर्त किसे कहते हैं?

अभिजित मुहूर्त दिन का सबसे शुभ समय है, जो सौर मध्याह्न (solar noon) के आसपास 48 मिनट का होता है। बृहत्संहिता के अनुसार यह दिन का आठवाँ मुहूर्त है।