ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
Jalālī, उत्तर प्रदेश

Jalālī — पंचांग

2 जुलाई 2025, बुधवार

सूर्योदय
05:25
सूर्यास्त
19:17
चंद्रोदय
11:57
चंद्रास्त
23:57
← पिछला दिनआज का पंचांगअगला दिन →

जुलाई 2025 — मासिक पंचांग

सर्वार्थ सिद्धि योग
2 जुलाई 2025, बुधवार को सर्वार्थ सिद्धि योग है — सभी शुभ कार्यों के लिए उत्तम दिन

पंचांग — पाँच अंग

तिथि
शुक्ल सप्तमी
11:59 तक
अगली: शुक्ल अष्टमी
प्रगति71%
नक्षत्र
उत्तर फाल्गुनी (3 पाद)
11:07 तक
अगली: हस्त
स्वामी: सूर्य
योग
वरीयान
17:45 तक
अगला: परिघ
शुभ
करण
वणिज
11:59 तक
अगला: विष्टि
शुभ
वार
बुधवार

पंचांग सार

तिथि
शुक्ल सप्तमी· 11:59 तक
शुक्ल अष्टमी
नक्षत्र
उत्तर फाल्गुनी · पद 3· 11:07 तक
हस्त
योग
वरीयान· 17:45 तक
परिघ
करण
वणिज· 11:59 तक
विष्टि
वार
बुधवार
पक्ष
शुक्ल पक्ष

ग्रह स्थिति

सूर्य
राशिमिथुन
नक्षत्रआर्द्रा
पद3
देशांतर76°08'11"
चन्द्रमा
राशिकन्या
नक्षत्रउत्तर फाल्गुनी
पद3
देशांतर156°37'22"

राशि

चंद्र राशि
कन्या
सूर्य राशि
मिथुन

Jalālī — शुभ-अशुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:49 — 04:37
प्रातः सन्ध्या
04:37 — 06:13
सूर्योदय
05:25
अभिजित मुहूर्त
11:57 — 12:45
अमृत कालविशेष
07:09 — 08:53
विजय मुहूर्त
16:31 — 17:26
गोधूलि मुहूर्त
18:53 — 19:41
सूर्यास्त
19:17
सायाह्न सन्ध्या
19:20 — 20:29
निशिता मुहूर्त
23:57 — 00:45
राहु काल
12:21 — 14:05
यमगंड काल
05:25 — 07:09
गुलिक काल
10:37 — 12:21
प्रथम दुर्मुहूर्त
10:37 — 11:29
चंद्रोदय
11:57
चंद्रास्त
23:57
मध्याह्न
12:21
सर्वार्थ सिद्धि योगसम्पूर्ण दिन

हिन्दू पंचांग — संवत् एवं मास

चन्द्र माह (पूर्णिमान्त)
आषाढ़
चन्द्र माह (अमान्त)
आषाढ़
पक्ष
शुक्ल पक्ष
विक्रम संवत्
2082
शक संवत्
1947
गुजराती संवत्
2080

नक्षत्र विस्तार

नक्षत्र पद
पद 3
उत्तर फाल्गुनी
नक्षत्र स्वामी
सूर्य
नक्षत्र देवता
अर्यमा
सूर्य नक्षत्र
आर्द्रा
पद 3स्वामी: राहु

ऋतु एवं अयन

वैदिक ऋतु
ग्रीष्म
द्रिक ऋतु
वर्षा
अयन
उत्तरायण

दिनमान एवं रात्रिमान

दिनमान
13 घण्टे 52 मिनट 18 सेकण्ड
34 घटी 41 पल
रात्रिमान
10 घण्टे 07 मिनट 42 सेकण्ड
25 घटी 19 पल
मध्याह्न (सौर)
12:21
सूर्य का उच्चतम बिन्दु

दिन का चौघड़िया — 2 जुलाई 2025, बुधवार

अमृतशुभलाभचरकालउद्वेगरोग
05:2507:09
लाभ
व्यापार, धन लेनदेन, नौकरी
07:0908:53
अमृत
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह
08:5310:37
काल
महत्वपूर्ण निर्णय टालें
10:3712:21
शुभ
विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य
12:2114:05
रोग
स्वास्थ्य निर्णय टालें
14:0515:49
उद्वेग
नया काम प्रारंभ न करें
15:4917:33
चर
यात्रा, वाहन चालन
17:3319:17
लाभ
व्यापार, धन लेनदेन, नौकरी

रात का चौघड़िया

19:1720:33
लाभ
व्यापार, धन लेनदेन, नौकरी
20:3321:49
अमृत
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह
21:4923:05
काल
महत्वपूर्ण निर्णय टालें
23:0500:21
शुभ
विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य
00:2101:37
रोग
स्वास्थ्य निर्णय टालें
01:3702:53
उद्वेग
नया काम प्रारंभ न करें
02:5304:09
चर
यात्रा, वाहन चालन
04:0905:25
लाभ
व्यापार, धन लेनदेन, नौकरी

Jalālī पंचांग — जुलाई 2025

12345678910111213141516171819202122232425262728293031

अन्य शहरों का पंचांग — 2 जुलाई 2025, बुधवार

दिल्लीमुंबईकोलकाताचेन्नईबेंगलुरुहैदराबादअहमदाबादपुणेजयपुरलखनऊवाराणसीप्रयागराज

Jalālī पंचांग — 2 जुलाई 2025, बुधवार

Jalālī (उत्तर प्रदेश) के लिए 2 जुलाई 2025, बुधवार का सम्पूर्ण हिन्दू पंचांग यहाँ प्रस्तुत है। पंचांग के पाँच अंग — तिथि, नक्षत्र, योग, करण और वार — के साथ-साथ सूर्योदय, सूर्यास्त, चंद्रोदय, राहु काल, यमगंड काल, गुलिक काल, ब्रह्म मुहूर्त, अभिजित मुहूर्त और चौघड़िया की सटीक जानकारी दी गई है।

यह पंचांग Jalālī के अक्षांश-देशांतर के अनुसार खगोलीय गणना पर आधारित है, जिससे सूर्योदय और अन्य समय स्थानीय रूप से सटीक हैं। किसी भी शुभ कार्य, पूजा, व्रत या मुहूर्त के लिए अपने शहर का पंचांग अवश्य देखें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

Jalālī में 2 जुलाई 2025, बुधवार को सूर्योदय कब है?

Jalālī में 2 जुलाई 2025, बुधवार को सूर्योदय 05:25 बजे और सूर्यास्त 19:17 बजे है। ये समय खगोलीय गणना के आधार पर सटीक हैं।

Jalālī में 2 जुलाई 2025, बुधवार को राहु काल कब है?

Jalālī में 2 जुलाई 2025, बुधवार को राहु काल 12:21 से 14:05 तक है। इस समय नए कार्य प्रारंभ न करें।

Jalālī में 2 जुलाई 2025, बुधवार को तिथि क्या है?

Jalālī में 2 जुलाई 2025, बुधवार को शुक्ल सप्तमी तिथि है।

पंचांग के पाँच अंग कौन से हैं?

पंचांग के पाँच अंग हैं — तिथि (चंद्र दिन), नक्षत्र (चंद्र मंडल), योग (सूर्य-चंद्र संयोग), करण (अर्ध-तिथि) और वार (सप्ताह का दिन)। ये पाँचों मिलकर किसी भी दिन की शुभता निर्धारित करते हैं।

अभिजित मुहूर्त किसे कहते हैं?

अभिजित मुहूर्त दिन का सबसे शुभ समय है, जो सौर मध्याह्न (solar noon) के आसपास 48 मिनट का होता है। बृहत्संहिता के अनुसार यह दिन का आठवाँ मुहूर्त है।