ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
Jāmuria, पश्चिम बंगाल

Jāmuria — पंचांग

23 मई 2025, शुक्रवार

सूर्योदय
04:57
सूर्यास्त
18:21
चंद्रोदय
01:44
चंद्रास्त
14:19
← पिछला दिनआज का पंचांगअगला दिन →

मई 2025 — मासिक पंचांग

पंचक चल रहा है
पंचक काल में शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं

पंचांग — पाँच अंग

तिथि
कृष्ण एकादशी
00:00 तक
अगली: कृष्ण द्वादशी
प्रगति13%
नक्षत्र
उत्तरभाद्रपद (2 पाद)
16:02 तक
अगली: रेवती
स्वामी: शनि
योग
प्रीति
18:36 तक
अगला: आयुष्मान
शुभ
करण
बव
00:00 तक
अगला: बालव
शुभ
वार
शुक्रवार

पंचांग सार

तिथि
कृष्ण एकादशी· 00:00 तक
कृष्ण द्वादशी
नक्षत्र
उत्तरभाद्रपद · पद 2· 16:02 तक
रेवती
योग
प्रीति· 18:36 तक
आयुष्मान
करण
बव· 00:00 तक
बालव
वार
शुक्रवार
पक्ष
कृष्ण पक्ष

ग्रह स्थिति

सूर्य
राशिवृषभ
नक्षत्रकृत्तिका
पद4
देशांतर37°51'30"
चन्द्रमा
राशिमीन
नक्षत्रउत्तरभाद्रपद
पद2
देशांतर339°23'10"

राशि

चंद्र राशि
मीन
सूर्य राशि
वृषभ

Jāmuria — शुभ-अशुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:21 — 04:09
प्रातः सन्ध्या
04:09 — 05:45
सूर्योदय
04:57
अभिजित मुहूर्त
11:15 — 12:03
अमृत कालविशेष
08:18 — 09:58
विजय मुहूर्त
15:40 — 16:33
गोधूलि मुहूर्त
17:57 — 18:45
सूर्यास्त
18:21
सायाह्न सन्ध्या
18:24 — 19:33
निशिता मुहूर्त
23:15 — 00:03
राहु काल
09:58 — 11:39
यमगंड काल
15:00 — 16:40
गुलिक काल
06:37 — 08:18
प्रथम दुर्मुहूर्त
07:27 — 08:18
द्वितीय दुर्मुहूर्त
09:58 — 10:48
चंद्रोदय
01:44
चंद्रास्त
14:19
मध्याह्न
11:39

हिन्दू पंचांग — संवत् एवं मास

चन्द्र माह (पूर्णिमान्त)
आषाढ़
चन्द्र माह (अमान्त)
ज्येष्ठ
पक्ष
कृष्ण पक्ष
विक्रम संवत्
2082
शक संवत्
1947
गुजराती संवत्
2080

नक्षत्र विस्तार

नक्षत्र पद
पद 2
उत्तरभाद्रपद
नक्षत्र स्वामी
शनि
नक्षत्र देवता
अहिर्बुध्न्य
सूर्य नक्षत्र
कृत्तिका
पद 4स्वामी: सूर्य

ऋतु एवं अयन

वैदिक ऋतु
ग्रीष्म
द्रिक ऋतु
ग्रीष्म
अयन
उत्तरायण

दिनमान एवं रात्रिमान

दिनमान
13 घण्टे 24 मिनट 00 सेकण्ड
33 घटी 30 पल
रात्रिमान
10 घण्टे 36 मिनट 00 सेकण्ड
26 घटी 30 पल
मध्याह्न (सौर)
11:39
सूर्य का उच्चतम बिन्दु

दिन का चौघड़िया — 23 मई 2025, शुक्रवार

अमृतशुभलाभचरकालउद्वेगरोग
04:5706:37
चर
यात्रा, वाहन चालन
06:3708:18
लाभ
व्यापार, धन लेनदेन, नौकरी
08:1809:58
अमृत
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह
09:5811:39
काल
महत्वपूर्ण निर्णय टालें
11:3913:19
शुभ
विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य
13:1915:00
रोग
स्वास्थ्य निर्णय टालें
15:0016:40
उद्वेग
नया काम प्रारंभ न करें
16:4018:21
चर
यात्रा, वाहन चालन

रात का चौघड़िया

18:2119:40
रोग
स्वास्थ्य निर्णय टालें
19:4021:00
उद्वेग
नया काम प्रारंभ न करें
21:0022:19
चर
यात्रा, वाहन चालन
22:1923:39
लाभ
व्यापार, धन लेनदेन, नौकरी
23:3900:58
अमृत
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह
00:5802:18
काल
महत्वपूर्ण निर्णय टालें
02:1803:37
शुभ
विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य
03:3704:57
रोग
स्वास्थ्य निर्णय टालें

Jāmuria पंचांग — मई 2025

12345678910111213141516171819202122232425262728293031

अन्य शहरों का पंचांग — 23 मई 2025, शुक्रवार

दिल्लीमुंबईकोलकाताचेन्नईबेंगलुरुहैदराबादअहमदाबादपुणेजयपुरलखनऊवाराणसीप्रयागराज

Jāmuria पंचांग — 23 मई 2025, शुक्रवार

Jāmuria (पश्चिम बंगाल) के लिए 23 मई 2025, शुक्रवार का सम्पूर्ण हिन्दू पंचांग यहाँ प्रस्तुत है। पंचांग के पाँच अंग — तिथि, नक्षत्र, योग, करण और वार — के साथ-साथ सूर्योदय, सूर्यास्त, चंद्रोदय, राहु काल, यमगंड काल, गुलिक काल, ब्रह्म मुहूर्त, अभिजित मुहूर्त और चौघड़िया की सटीक जानकारी दी गई है।

यह पंचांग Jāmuria के अक्षांश-देशांतर के अनुसार खगोलीय गणना पर आधारित है, जिससे सूर्योदय और अन्य समय स्थानीय रूप से सटीक हैं। किसी भी शुभ कार्य, पूजा, व्रत या मुहूर्त के लिए अपने शहर का पंचांग अवश्य देखें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

Jāmuria में 23 मई 2025, शुक्रवार को सूर्योदय कब है?

Jāmuria में 23 मई 2025, शुक्रवार को सूर्योदय 04:57 बजे और सूर्यास्त 18:21 बजे है। ये समय खगोलीय गणना के आधार पर सटीक हैं।

Jāmuria में 23 मई 2025, शुक्रवार को राहु काल कब है?

Jāmuria में 23 मई 2025, शुक्रवार को राहु काल 09:58 से 11:39 तक है। इस समय नए कार्य प्रारंभ न करें।

Jāmuria में 23 मई 2025, शुक्रवार को तिथि क्या है?

Jāmuria में 23 मई 2025, शुक्रवार को कृष्ण एकादशी तिथि है।

पंचांग के पाँच अंग कौन से हैं?

पंचांग के पाँच अंग हैं — तिथि (चंद्र दिन), नक्षत्र (चंद्र मंडल), योग (सूर्य-चंद्र संयोग), करण (अर्ध-तिथि) और वार (सप्ताह का दिन)। ये पाँचों मिलकर किसी भी दिन की शुभता निर्धारित करते हैं।

अभिजित मुहूर्त किसे कहते हैं?

अभिजित मुहूर्त दिन का सबसे शुभ समय है, जो सौर मध्याह्न (solar noon) के आसपास 48 मिनट का होता है। बृहत्संहिता के अनुसार यह दिन का आठवाँ मुहूर्त है।