ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
Jhinjhāna, उत्तर प्रदेश

Jhinjhāna — पंचांग

12 मार्च 2025, बुधवार

सूर्योदय
06:35
सूर्यास्त
18:28
चंद्रोदय
16:49
चंद्रास्त
05:34
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मार्च 2025 — मासिक पंचांग

सर्वार्थ सिद्धि योग
12 मार्च 2025, बुधवार को सर्वार्थ सिद्धि योग है — सभी शुभ कार्यों के लिए उत्तम दिन

पंचांग — पाँच अंग

तिथि
शुक्ल त्रयोदशी
09:12 तक
अगली: शुक्ल चतुर्दशी
प्रगति90%
नक्षत्र
मघा (1 पाद)
00:00 तक
अगली: पूर्व फाल्गुनी
स्वामी: केतु
योग
सुकर्मा
12:59 तक
अगला: धृति
शुभ
करण
तैतिल
09:12 तक
अगला: गर
शुभ
वार
बुधवार

पंचांग सार

तिथि
शुक्ल त्रयोदशी· 09:12 तक
शुक्ल चतुर्दशी
नक्षत्र
मघा · पद 1· 00:00 तक
पूर्व फाल्गुनी
योग
सुकर्मा· 12:59 तक
धृति
करण
तैतिल· 09:12 तक
गर
वार
बुधवार
पक्ष
शुक्ल पक्ष

ग्रह स्थिति

सूर्य
राशिकुम्भ
नक्षत्रपूर्वभाद्रपद
पद3
देशांतर327°30'01"
चन्द्रमा
राशिसिंह
नक्षत्रमघा
पद1
देशांतर122°14'36"

राशि

चंद्र राशि
सिंह
सूर्य राशि
कुम्भ

Jhinjhāna — शुभ-अशुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:59 — 05:47
प्रातः सन्ध्या
05:47 — 07:23
सूर्योदय
06:35
अभिजित मुहूर्त
12:07 — 12:55
अमृत कालविशेष
08:04 — 09:33
विजय मुहूर्त
16:05 — 16:52
गोधूलि मुहूर्त
18:04 — 18:52
सूर्यास्त
18:28
सायाह्न सन्ध्या
18:31 — 19:40
निशिता मुहूर्त
00:07 — 00:55
राहु काल
12:31 — 14:00
यमगंड काल
06:35 — 08:04
गुलिक काल
11:02 — 12:31
प्रथम दुर्मुहूर्त
11:02 — 11:46
चंद्रोदय
16:49
चंद्रास्त
05:34
मध्याह्न
12:31
सर्वार्थ सिद्धि योगसम्पूर्ण दिन

हिन्दू पंचांग — संवत् एवं मास

चन्द्र माह (पूर्णिमान्त)
फाल्गुन
चन्द्र माह (अमान्त)
फाल्गुन
पक्ष
शुक्ल पक्ष
विक्रम संवत्
2082
शक संवत्
1946
गुजराती संवत्
2080

नक्षत्र विस्तार

नक्षत्र पद
पद 1
मघा
नक्षत्र स्वामी
केतु
नक्षत्र देवता
पितृगण
सूर्य नक्षत्र
पूर्वभाद्रपद
पद 3स्वामी: बृहस्पति

ऋतु एवं अयन

वैदिक ऋतु
शिशिर
द्रिक ऋतु
वसन्त
अयन
उत्तरायण

दिनमान एवं रात्रिमान

दिनमान
11 घण्टे 53 मिनट 04 सेकण्ड
29 घटी 43 पल
रात्रिमान
12 घण्टे 06 मिनट 56 सेकण्ड
30 घटी 17 पल
मध्याह्न (सौर)
12:31
सूर्य का उच्चतम बिन्दु

दिन का चौघड़िया — 12 मार्च 2025, बुधवार

अमृतशुभलाभचरकालउद्वेगरोग
06:3508:04
लाभ
व्यापार, धन लेनदेन, नौकरी
08:0409:33
अमृत
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह
09:3311:02
काल
महत्वपूर्ण निर्णय टालें
11:0212:31
शुभ
विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य
12:3114:00
रोग
स्वास्थ्य निर्णय टालें
14:0015:29
उद्वेग
नया काम प्रारंभ न करें
15:2916:58
चर
यात्रा, वाहन चालन
16:5818:28
लाभ
व्यापार, धन लेनदेन, नौकरी

रात का चौघड़िया

18:2819:58
लाभ
व्यापार, धन लेनदेन, नौकरी
19:5821:29
अमृत
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह
21:2923:00
काल
महत्वपूर्ण निर्णय टालें
23:0000:31
शुभ
विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य
00:3102:02
रोग
स्वास्थ्य निर्णय टालें
02:0203:33
उद्वेग
नया काम प्रारंभ न करें
03:3305:04
चर
यात्रा, वाहन चालन
05:0406:35
लाभ
व्यापार, धन लेनदेन, नौकरी

Jhinjhāna पंचांग — मार्च 2025

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अन्य शहरों का पंचांग — 12 मार्च 2025, बुधवार

दिल्लीमुंबईकोलकाताचेन्नईबेंगलुरुहैदराबादअहमदाबादपुणेजयपुरलखनऊवाराणसीप्रयागराज

Jhinjhāna पंचांग — 12 मार्च 2025, बुधवार

Jhinjhāna (उत्तर प्रदेश) के लिए 12 मार्च 2025, बुधवार का सम्पूर्ण हिन्दू पंचांग यहाँ प्रस्तुत है। पंचांग के पाँच अंग — तिथि, नक्षत्र, योग, करण और वार — के साथ-साथ सूर्योदय, सूर्यास्त, चंद्रोदय, राहु काल, यमगंड काल, गुलिक काल, ब्रह्म मुहूर्त, अभिजित मुहूर्त और चौघड़िया की सटीक जानकारी दी गई है।

यह पंचांग Jhinjhāna के अक्षांश-देशांतर के अनुसार खगोलीय गणना पर आधारित है, जिससे सूर्योदय और अन्य समय स्थानीय रूप से सटीक हैं। किसी भी शुभ कार्य, पूजा, व्रत या मुहूर्त के लिए अपने शहर का पंचांग अवश्य देखें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

Jhinjhāna में 12 मार्च 2025, बुधवार को सूर्योदय कब है?

Jhinjhāna में 12 मार्च 2025, बुधवार को सूर्योदय 06:35 बजे और सूर्यास्त 18:28 बजे है। ये समय खगोलीय गणना के आधार पर सटीक हैं।

Jhinjhāna में 12 मार्च 2025, बुधवार को राहु काल कब है?

Jhinjhāna में 12 मार्च 2025, बुधवार को राहु काल 12:31 से 14:00 तक है। इस समय नए कार्य प्रारंभ न करें।

Jhinjhāna में 12 मार्च 2025, बुधवार को तिथि क्या है?

Jhinjhāna में 12 मार्च 2025, बुधवार को शुक्ल त्रयोदशी तिथि है।

पंचांग के पाँच अंग कौन से हैं?

पंचांग के पाँच अंग हैं — तिथि (चंद्र दिन), नक्षत्र (चंद्र मंडल), योग (सूर्य-चंद्र संयोग), करण (अर्ध-तिथि) और वार (सप्ताह का दिन)। ये पाँचों मिलकर किसी भी दिन की शुभता निर्धारित करते हैं।

अभिजित मुहूर्त किसे कहते हैं?

अभिजित मुहूर्त दिन का सबसे शुभ समय है, जो सौर मध्याह्न (solar noon) के आसपास 48 मिनट का होता है। बृहत्संहिता के अनुसार यह दिन का आठवाँ मुहूर्त है।