ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
Kāgal, महाराष्ट्र

Kāgal — पंचांग

20 जून 2025, शुक्रवार

सूर्योदय
06:01
सूर्यास्त
19:08
चंद्रोदय
01:14
चंद्रास्त
13:57
← पिछला दिनआज का पंचांगअगला दिन →

जून 2025 — मासिक पंचांग

सर्वार्थ सिद्धि योग
20 जून 2025, शुक्रवार को सर्वार्थ सिद्धि योग है — सभी शुभ कार्यों के लिए उत्तम दिन
पंचक चल रहा है
पंचक काल में शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं

पंचांग — पाँच अंग

तिथि
कृष्ण नवमी
09:50 तक
अगली: कृष्ण दशमी
प्रगति82%
नक्षत्र
रेवती (2 पाद)
21:45 तक
अगली: अश्विनी
स्वामी: बुध
योग
शोभन
00:00 तक
अगला: अतिगंड
शुभ
करण
गर
09:50 तक
अगला: वणिज
शुभ
वार
शुक्रवार

पंचांग सार

तिथि
कृष्ण नवमी· 09:50 तक
कृष्ण दशमी
नक्षत्र
रेवती · पद 2· 21:45 तक
अश्विनी
योग
शोभन· 00:00 तक
अतिगंड
करण
गर· 09:50 तक
वणिज
वार
शुक्रवार
पक्ष
कृष्ण पक्ष

ग्रह स्थिति

सूर्य
राशिमिथुन
नक्षत्रमृगशिरा
पद4
देशांतर64°44'56"
चन्द्रमा
राशिमीन
नक्षत्ररेवती
पद2
देशांतर350°37'56"

राशि

चंद्र राशि
मीन
सूर्य राशि
मिथुन

Kāgal — शुभ-अशुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:25 — 05:13
प्रातः सन्ध्या
05:13 — 06:49
सूर्योदय
06:01
अभिजित मुहूर्त
12:10 — 12:58
अमृत कालविशेष
09:18 — 10:56
विजय मुहूर्त
16:30 — 17:23
गोधूलि मुहूर्त
18:44 — 19:32
सूर्यास्त
19:08
सायाह्न सन्ध्या
19:11 — 20:20
निशिता मुहूर्त
00:10 — 00:58
राहु काल
10:56 — 12:34
यमगंड काल
15:51 — 17:29
गुलिक काल
07:39 — 09:18
प्रथम दुर्मुहूर्त
08:28 — 09:18
द्वितीय दुर्मुहूर्त
10:56 — 11:45
चंद्रोदय
01:14
चंद्रास्त
13:57
मध्याह्न
12:34
सर्वार्थ सिद्धि योगसम्पूर्ण दिन

हिन्दू पंचांग — संवत् एवं मास

चन्द्र माह (पूर्णिमान्त)
श्रावण
चन्द्र माह (अमान्त)
आषाढ़
पक्ष
कृष्ण पक्ष
विक्रम संवत्
2082
शक संवत्
1947
गुजराती संवत्
2080

नक्षत्र विस्तार

नक्षत्र पद
पद 2
रेवती
नक्षत्र स्वामी
बुध
नक्षत्र देवता
पूषा
सूर्य नक्षत्र
मृगशिरा
पद 4स्वामी: मंगल

ऋतु एवं अयन

वैदिक ऋतु
वर्षा
द्रिक ऋतु
ग्रीष्म
अयन
उत्तरायण

दिनमान एवं रात्रिमान

दिनमान
13 घण्टे 07 मिनट 02 सेकण्ड
32 घटी 48 पल
रात्रिमान
10 घण्टे 52 मिनट 58 सेकण्ड
27 घटी 12 पल
मध्याह्न (सौर)
12:34
सूर्य का उच्चतम बिन्दु

दिन का चौघड़िया — 20 जून 2025, शुक्रवार

अमृतशुभलाभचरकालउद्वेगरोग
06:0107:39
चर
यात्रा, वाहन चालन
07:3909:18
लाभ
व्यापार, धन लेनदेन, नौकरी
09:1810:56
अमृत
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह
10:5612:34
काल
महत्वपूर्ण निर्णय टालें
12:3414:13
शुभ
विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य
14:1315:51
रोग
स्वास्थ्य निर्णय टालें
15:5117:29
उद्वेग
नया काम प्रारंभ न करें
17:2919:08
चर
यात्रा, वाहन चालन

रात का चौघड़िया

19:0820:29
रोग
स्वास्थ्य निर्णय टालें
20:2921:51
उद्वेग
नया काम प्रारंभ न करें
21:5123:13
चर
यात्रा, वाहन चालन
23:1300:34
लाभ
व्यापार, धन लेनदेन, नौकरी
00:3401:56
अमृत
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह
01:5603:18
काल
महत्वपूर्ण निर्णय टालें
03:1804:39
शुभ
विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य
04:3906:01
रोग
स्वास्थ्य निर्णय टालें

Kāgal पंचांग — जून 2025

123456789101112131415161718192021222324252627282930

अन्य शहरों का पंचांग — 20 जून 2025, शुक्रवार

दिल्लीमुंबईकोलकाताचेन्नईबेंगलुरुहैदराबादअहमदाबादपुणेजयपुरलखनऊवाराणसीप्रयागराज

Kāgal पंचांग — 20 जून 2025, शुक्रवार

Kāgal (महाराष्ट्र) के लिए 20 जून 2025, शुक्रवार का सम्पूर्ण हिन्दू पंचांग यहाँ प्रस्तुत है। पंचांग के पाँच अंग — तिथि, नक्षत्र, योग, करण और वार — के साथ-साथ सूर्योदय, सूर्यास्त, चंद्रोदय, राहु काल, यमगंड काल, गुलिक काल, ब्रह्म मुहूर्त, अभिजित मुहूर्त और चौघड़िया की सटीक जानकारी दी गई है।

यह पंचांग Kāgal के अक्षांश-देशांतर के अनुसार खगोलीय गणना पर आधारित है, जिससे सूर्योदय और अन्य समय स्थानीय रूप से सटीक हैं। किसी भी शुभ कार्य, पूजा, व्रत या मुहूर्त के लिए अपने शहर का पंचांग अवश्य देखें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

Kāgal में 20 जून 2025, शुक्रवार को सूर्योदय कब है?

Kāgal में 20 जून 2025, शुक्रवार को सूर्योदय 06:01 बजे और सूर्यास्त 19:08 बजे है। ये समय खगोलीय गणना के आधार पर सटीक हैं।

Kāgal में 20 जून 2025, शुक्रवार को राहु काल कब है?

Kāgal में 20 जून 2025, शुक्रवार को राहु काल 10:56 से 12:34 तक है। इस समय नए कार्य प्रारंभ न करें।

Kāgal में 20 जून 2025, शुक्रवार को तिथि क्या है?

Kāgal में 20 जून 2025, शुक्रवार को कृष्ण नवमी तिथि है।

पंचांग के पाँच अंग कौन से हैं?

पंचांग के पाँच अंग हैं — तिथि (चंद्र दिन), नक्षत्र (चंद्र मंडल), योग (सूर्य-चंद्र संयोग), करण (अर्ध-तिथि) और वार (सप्ताह का दिन)। ये पाँचों मिलकर किसी भी दिन की शुभता निर्धारित करते हैं।

अभिजित मुहूर्त किसे कहते हैं?

अभिजित मुहूर्त दिन का सबसे शुभ समय है, जो सौर मध्याह्न (solar noon) के आसपास 48 मिनट का होता है। बृहत्संहिता के अनुसार यह दिन का आठवाँ मुहूर्त है।