ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
Kāro, झारखंड

Kāro — पंचांग

3 दिसंबर 2026, गुरुवार

सूर्योदय
06:13
सूर्यास्त
16:59
चंद्रोदय
00:59
चंद्रास्त
13:04
← पिछला दिनआज का पंचांगअगला दिन →

दिसंबर 2026 — मासिक पंचांग

पंचांग — पाँच अंग

तिथि
कृष्ण दशमी
23:04 तक
अगली: कृष्ण एकादशी
प्रगति31%
नक्षत्र
उत्तर फाल्गुनी (4 पाद)
09:23 तक
अगली: हस्त
स्वामी: सूर्य
योग
प्रीति
09:14 तक
अगला: आयुष्मान
शुभ
करण
वणिज
10:54 तक
अगला: विष्टि
शुभ
वार
गुरुवार

पंचांग सार

तिथि
कृष्ण दशमी· 23:04 तक
कृष्ण एकादशी
नक्षत्र
उत्तर फाल्गुनी · पद 4· 09:23 तक
हस्त
योग
प्रीति· 09:14 तक
आयुष्मान
करण
वणिज· 10:54 तक
विष्टि
वार
गुरुवार
पक्ष
कृष्ण पक्ष

ग्रह स्थिति

सूर्य
राशिवृश्चिक
नक्षत्रअनुराधा
पद4
देशांतर226°37'10"
चन्द्रमा
राशिकन्या
नक्षत्रउत्तर फाल्गुनी
पद4
देशांतर158°16'54"

राशि

चंद्र राशि
कन्या
सूर्य राशि
वृश्चिक

Kāro — शुभ-अशुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:37 — 05:25
प्रातः सन्ध्या
05:25 — 07:01
सूर्योदय
06:13
अभिजित मुहूर्त
11:12 — 12:00
अमृत कालविशेष
12:56 — 14:17
विजय मुहूर्त
14:49 — 15:32
गोधूलि मुहूर्त
16:35 — 17:23
सूर्यास्त
16:59
सायाह्न सन्ध्या
17:02 — 18:11
निशिता मुहूर्त
23:12 — 00:00
राहु काल
12:56 — 14:17
यमगंड काल
15:38 — 16:59
गुलिक काल
08:54 — 10:15
प्रथम दुर्मुहूर्त
10:55 — 11:36
द्वितीय दुर्मुहूर्त
15:38 — 16:18
चंद्रोदय
00:59
चंद्रास्त
13:04
मध्याह्न
11:36

हिन्दू पंचांग — संवत् एवं मास

चन्द्र माह (पूर्णिमान्त)
पौष
चन्द्र माह (अमान्त)
मार्गशीर्ष
पक्ष
कृष्ण पक्ष
विक्रम संवत्
2083
शक संवत्
1948
गुजराती संवत्
2082

नक्षत्र विस्तार

नक्षत्र पद
पद 4
उत्तर फाल्गुनी
नक्षत्र स्वामी
सूर्य
नक्षत्र देवता
अर्यमा
सूर्य नक्षत्र
अनुराधा
पद 4स्वामी: शनि

ऋतु एवं अयन

वैदिक ऋतु
हेमन्त
द्रिक ऋतु
हेमन्त
अयन
दक्षिणायन

दिनमान एवं रात्रिमान

दिनमान
10 घण्टे 45 मिनट 40 सेकण्ड
26 घटी 54 पल
रात्रिमान
13 घण्टे 14 मिनट 20 सेकण्ड
33 घटी 6 पल
मध्याह्न (सौर)
11:36
सूर्य का उच्चतम बिन्दु

दिन का चौघड़िया — 3 दिसंबर 2026, गुरुवार

अमृतशुभलाभचरकालउद्वेगरोग
06:1307:34
शुभ
विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य
07:3408:54
रोग
स्वास्थ्य निर्णय टालें
08:5410:15
उद्वेग
नया काम प्रारंभ न करें
10:1511:36
चर
यात्रा, वाहन चालन
11:3612:56
लाभ
व्यापार, धन लेनदेन, नौकरी
12:5614:17
अमृत
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह
14:1715:38
काल
महत्वपूर्ण निर्णय टालें
15:3816:59
शुभ
विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य

रात का चौघड़िया

16:5918:38
अमृत
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह
18:3820:17
काल
महत्वपूर्ण निर्णय टालें
20:1721:56
शुभ
विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य
21:5623:36
रोग
स्वास्थ्य निर्णय टालें
23:3601:15
उद्वेग
नया काम प्रारंभ न करें
01:1502:54
चर
यात्रा, वाहन चालन
02:5404:34
लाभ
व्यापार, धन लेनदेन, नौकरी
04:3406:13
अमृत
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह

Kāro पंचांग — दिसंबर 2026

12345678910111213141516171819202122232425262728293031

अन्य शहरों का पंचांग — 3 दिसंबर 2026, गुरुवार

दिल्लीमुंबईकोलकाताचेन्नईबेंगलुरुहैदराबादअहमदाबादपुणेजयपुरलखनऊवाराणसीप्रयागराज

Kāro पंचांग — 3 दिसंबर 2026, गुरुवार

Kāro (झारखंड) के लिए 3 दिसंबर 2026, गुरुवार का सम्पूर्ण हिन्दू पंचांग यहाँ प्रस्तुत है। पंचांग के पाँच अंग — तिथि, नक्षत्र, योग, करण और वार — के साथ-साथ सूर्योदय, सूर्यास्त, चंद्रोदय, राहु काल, यमगंड काल, गुलिक काल, ब्रह्म मुहूर्त, अभिजित मुहूर्त और चौघड़िया की सटीक जानकारी दी गई है।

यह पंचांग Kāro के अक्षांश-देशांतर के अनुसार खगोलीय गणना पर आधारित है, जिससे सूर्योदय और अन्य समय स्थानीय रूप से सटीक हैं। किसी भी शुभ कार्य, पूजा, व्रत या मुहूर्त के लिए अपने शहर का पंचांग अवश्य देखें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

Kāro में 3 दिसंबर 2026, गुरुवार को सूर्योदय कब है?

Kāro में 3 दिसंबर 2026, गुरुवार को सूर्योदय 06:13 बजे और सूर्यास्त 16:59 बजे है। ये समय खगोलीय गणना के आधार पर सटीक हैं।

Kāro में 3 दिसंबर 2026, गुरुवार को राहु काल कब है?

Kāro में 3 दिसंबर 2026, गुरुवार को राहु काल 12:56 से 14:17 तक है। इस समय नए कार्य प्रारंभ न करें।

Kāro में 3 दिसंबर 2026, गुरुवार को तिथि क्या है?

Kāro में 3 दिसंबर 2026, गुरुवार को कृष्ण दशमी तिथि है।

पंचांग के पाँच अंग कौन से हैं?

पंचांग के पाँच अंग हैं — तिथि (चंद्र दिन), नक्षत्र (चंद्र मंडल), योग (सूर्य-चंद्र संयोग), करण (अर्ध-तिथि) और वार (सप्ताह का दिन)। ये पाँचों मिलकर किसी भी दिन की शुभता निर्धारित करते हैं।

अभिजित मुहूर्त किसे कहते हैं?

अभिजित मुहूर्त दिन का सबसे शुभ समय है, जो सौर मध्याह्न (solar noon) के आसपास 48 मिनट का होता है। बृहत्संहिता के अनुसार यह दिन का आठवाँ मुहूर्त है।