ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
कोलकाता, पश्चिम बंगाल

कोलकाता — पंचांग

5 जुलाई 2027, सोमवार

सूर्योदय
04:57
सूर्यास्त
18:25
चंद्रोदय
05:57
चंद्रास्त
19:43
← पिछला दिनआज का पंचांगअगला दिन →

जुलाई 2027 — मासिक पंचांग

पंचांग — पाँच अंग

तिथि
शुक्ल प्रतिपदा
04:51 तक
अगली: शुक्ल द्वितीया
प्रगति96%
नक्षत्र
पुनर्वसु (3 पाद)
09:18 तक
अगली: पुष्य
स्वामी: बृहस्पति
योग
व्याघात
11:15 तक
अगला: हर्षण
अशुभ
करण
बव
04:51 तक
अगला: बालव
शुभ
वार
सोमवार

पंचांग सार

तिथि
शुक्ल प्रतिपदा· 04:51 तक
शुक्ल द्वितीया
नक्षत्र
पुनर्वसु · पद 3· 09:18 तक
पुष्य
योग
व्याघात· 11:15 तक
हर्षण
करण
बव· 04:51 तक
बालव
वार
सोमवार
पक्ष
शुक्ल पक्ष

ग्रह स्थिति

सूर्य
राशिमिथुन
नक्षत्रआर्द्रा
पद4
देशांतर78°29'28"
चन्द्रमा
राशिमिथुन
नक्षत्रपुनर्वसु
पद3
देशांतर89°57'21"

राशि

चंद्र राशि
मिथुन
सूर्य राशि
मिथुन

कोलकाता — शुभ-अशुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:21 — 04:09
प्रातः सन्ध्या
04:09 — 05:45
सूर्योदय
04:57
अभिजित मुहूर्त
11:17 — 12:05
अमृत कालविशेष
04:57 — 06:38
विजय मुहूर्त
15:44 — 16:37
गोधूलि मुहूर्त
18:01 — 18:49
सूर्यास्त
18:25
सायाह्न सन्ध्या
18:28 — 19:37
निशिता मुहूर्त
23:17 — 00:05
राहु काल
06:38 — 08:19
यमगंड काल
08:19 — 10:00
गुलिक काल
13:22 — 15:03
प्रथम दुर्मुहूर्त
10:00 — 10:51
द्वितीय दुर्मुहूर्त
13:22 — 14:13
चंद्रोदय
05:57
चंद्रास्त
19:43
मध्याह्न
11:41

हिन्दू पंचांग — संवत् एवं मास

चन्द्र माह (पूर्णिमान्त)
आषाढ़
चन्द्र माह (अमान्त)
आषाढ़
पक्ष
शुक्ल पक्ष
विक्रम संवत्
2084
शक संवत्
1949
गुजराती संवत्
2082

नक्षत्र विस्तार

नक्षत्र पद
पद 3
पुनर्वसु
नक्षत्र स्वामी
बृहस्पति
नक्षत्र देवता
अदिति
सूर्य नक्षत्र
आर्द्रा
पद 4स्वामी: राहु

ऋतु एवं अयन

वैदिक ऋतु
ग्रीष्म
द्रिक ऋतु
वर्षा
अयन
उत्तरायण

दिनमान एवं रात्रिमान

दिनमान
13 घण्टे 28 मिनट 30 सेकण्ड
33 घटी 41 पल
रात्रिमान
10 घण्टे 31 मिनट 30 सेकण्ड
26 घटी 19 पल
मध्याह्न (सौर)
11:41
सूर्य का उच्चतम बिन्दु

दिन का चौघड़िया — 5 जुलाई 2027, सोमवार

अमृतशुभलाभचरकालउद्वेगरोग
04:5706:38
अमृत
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह
06:3808:19
काल
महत्वपूर्ण निर्णय टालें
08:1910:00
शुभ
विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य
10:0011:41
रोग
स्वास्थ्य निर्णय टालें
11:4113:22
उद्वेग
नया काम प्रारंभ न करें
13:2215:03
चर
यात्रा, वाहन चालन
15:0316:44
लाभ
व्यापार, धन लेनदेन, नौकरी
16:4418:25
अमृत
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह

रात का चौघड़िया

18:2519:44
चर
यात्रा, वाहन चालन
19:4421:03
लाभ
व्यापार, धन लेनदेन, नौकरी
21:0322:22
अमृत
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह
22:2223:41
काल
महत्वपूर्ण निर्णय टालें
23:4101:00
शुभ
विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य
01:0002:19
रोग
स्वास्थ्य निर्णय टालें
02:1903:38
उद्वेग
नया काम प्रारंभ न करें
03:3804:57
चर
यात्रा, वाहन चालन

कोलकाता पंचांग — जुलाई 2027

12345678910111213141516171819202122232425262728293031

अन्य शहरों का पंचांग — 5 जुलाई 2027, सोमवार

दिल्लीमुंबईचेन्नईबेंगलुरुहैदराबादअहमदाबादपुणेजयपुरलखनऊवाराणसीप्रयागराजहरिद्वार

कोलकाता पंचांग — 5 जुलाई 2027, सोमवार

कोलकाता (पश्चिम बंगाल) के लिए 5 जुलाई 2027, सोमवार का सम्पूर्ण हिन्दू पंचांग यहाँ प्रस्तुत है। पंचांग के पाँच अंग — तिथि, नक्षत्र, योग, करण और वार — के साथ-साथ सूर्योदय, सूर्यास्त, चंद्रोदय, राहु काल, यमगंड काल, गुलिक काल, ब्रह्म मुहूर्त, अभिजित मुहूर्त और चौघड़िया की सटीक जानकारी दी गई है।

यह पंचांग कोलकाता के अक्षांश-देशांतर के अनुसार खगोलीय गणना पर आधारित है, जिससे सूर्योदय और अन्य समय स्थानीय रूप से सटीक हैं। किसी भी शुभ कार्य, पूजा, व्रत या मुहूर्त के लिए अपने शहर का पंचांग अवश्य देखें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कोलकाता में 5 जुलाई 2027, सोमवार को सूर्योदय कब है?

कोलकाता में 5 जुलाई 2027, सोमवार को सूर्योदय 04:57 बजे और सूर्यास्त 18:25 बजे है। ये समय खगोलीय गणना के आधार पर सटीक हैं।

कोलकाता में 5 जुलाई 2027, सोमवार को राहु काल कब है?

कोलकाता में 5 जुलाई 2027, सोमवार को राहु काल 06:38 से 08:19 तक है। इस समय नए कार्य प्रारंभ न करें।

कोलकाता में 5 जुलाई 2027, सोमवार को तिथि क्या है?

कोलकाता में 5 जुलाई 2027, सोमवार को शुक्ल प्रतिपदा तिथि है।

पंचांग के पाँच अंग कौन से हैं?

पंचांग के पाँच अंग हैं — तिथि (चंद्र दिन), नक्षत्र (चंद्र मंडल), योग (सूर्य-चंद्र संयोग), करण (अर्ध-तिथि) और वार (सप्ताह का दिन)। ये पाँचों मिलकर किसी भी दिन की शुभता निर्धारित करते हैं।

अभिजित मुहूर्त किसे कहते हैं?

अभिजित मुहूर्त दिन का सबसे शुभ समय है, जो सौर मध्याह्न (solar noon) के आसपास 48 मिनट का होता है। बृहत्संहिता के अनुसार यह दिन का आठवाँ मुहूर्त है।