ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
कोणार्क, ओडिशा

कोणार्क — पंचांग

14 फरवरी 2027, रविवार

सूर्योदय
06:16
सूर्यास्त
17:44
चंद्रोदय
10:54
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फरवरी 2027 — मासिक पंचांग

सर्वार्थ सिद्धि योग
14 फरवरी 2027, रविवार को सर्वार्थ सिद्धि योग है — सभी शुभ कार्यों के लिए उत्तम दिन

पंचांग — पाँच अंग

तिथि
शुक्ल अष्टमी
00:00 तक
अगली: शुक्ल नवमी
प्रगति18%
नक्षत्र
कृत्तिका (1 पाद)
00:00 तक
अगली: रोहिणी
स्वामी: सूर्य
योग
ब्रह्म
15:07 तक
अगला: ऐन्द्र
शुभ
करण
विष्टि
00:00 तक
अगला: बव
अशुभ
वार
रविवार

पंचांग सार

तिथि
शुक्ल अष्टमी· 00:00 तक
शुक्ल नवमी
नक्षत्र
कृत्तिका · पद 1· 00:00 तक
रोहिणी
योग
ब्रह्म· 15:07 तक
ऐन्द्र
करण
विष्टि· 00:00 तक
बव
वार
रविवार
पक्ष
शुक्ल पक्ष

ग्रह स्थिति

सूर्य
राशिकुम्भ
नक्षत्रधनिष्ठा
पद3
देशांतर300°51'14"
चन्द्रमा
राशिमेष
नक्षत्रकृत्तिका
पद1
देशांतर27°01'42"

राशि

चंद्र राशि
मेष
सूर्य राशि
कुम्भ

कोणार्क — शुभ-अशुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:40 — 05:28
प्रातः सन्ध्या
05:28 — 07:04
सूर्योदय
06:16
अभिजित मुहूर्त
11:36 — 12:24
अमृत कालविशेष
10:34 — 12:00
विजय मुहूर्त
15:27 — 16:12
गोधूलि मुहूर्त
17:20 — 18:08
सूर्यास्त
17:44
सायाह्न सन्ध्या
17:47 — 18:56
निशिता मुहूर्त
23:36 — 00:24
राहु काल
16:18 — 17:44
यमगंड काल
10:34 — 12:00
गुलिक काल
14:52 — 16:18
प्रथम दुर्मुहूर्त
10:34 — 11:17
द्वितीय दुर्मुहूर्त
17:01 — 17:44
चंद्रोदय
10:54
मध्याह्न
12:00
सर्वार्थ सिद्धि योगसम्पूर्ण दिन

हिन्दू पंचांग — संवत् एवं मास

चन्द्र माह (पूर्णिमान्त)
फाल्गुन
चन्द्र माह (अमान्त)
फाल्गुन
पक्ष
शुक्ल पक्ष
विक्रम संवत्
2084
शक संवत्
1948
गुजराती संवत्
2082

नक्षत्र विस्तार

नक्षत्र पद
पद 1
कृत्तिका
नक्षत्र स्वामी
सूर्य
नक्षत्र देवता
अग्नि
सूर्य नक्षत्र
धनिष्ठा
पद 3स्वामी: मंगल

ऋतु एवं अयन

वैदिक ऋतु
शिशिर
द्रिक ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

दिनमान एवं रात्रिमान

दिनमान
11 घण्टे 28 मिनट 43 सेकण्ड
28 घटी 42 पल
रात्रिमान
12 घण्टे 31 मिनट 17 सेकण्ड
31 घटी 18 पल
मध्याह्न (सौर)
12:00
सूर्य का उच्चतम बिन्दु

दिन का चौघड़िया — 14 फरवरी 2027, रविवार

अमृतशुभलाभचरकालउद्वेगरोग
06:1607:42
उद्वेग
नया काम प्रारंभ न करें
07:4209:08
चर
यात्रा, वाहन चालन
09:0810:34
लाभ
व्यापार, धन लेनदेन, नौकरी
10:3412:00
अमृत
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह
12:0013:26
काल
महत्वपूर्ण निर्णय टालें
13:2614:52
शुभ
विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य
14:5216:18
रोग
स्वास्थ्य निर्णय टालें
16:1817:44
उद्वेग
नया काम प्रारंभ न करें

रात का चौघड़िया

17:4419:18
शुभ
विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य
19:1820:52
रोग
स्वास्थ्य निर्णय टालें
20:5222:26
उद्वेग
नया काम प्रारंभ न करें
22:2600:00
चर
यात्रा, वाहन चालन
00:0001:34
लाभ
व्यापार, धन लेनदेन, नौकरी
01:3403:08
अमृत
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह
03:0804:42
काल
महत्वपूर्ण निर्णय टालें
04:4206:16
शुभ
विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य

कोणार्क पंचांग — फरवरी 2027

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अन्य शहरों का पंचांग — 14 फरवरी 2027, रविवार

दिल्लीमुंबईकोलकाताचेन्नईबेंगलुरुहैदराबादअहमदाबादपुणेजयपुरलखनऊवाराणसीप्रयागराज

कोणार्क पंचांग — 14 फरवरी 2027, रविवार

कोणार्क (ओडिशा) के लिए 14 फरवरी 2027, रविवार का सम्पूर्ण हिन्दू पंचांग यहाँ प्रस्तुत है। पंचांग के पाँच अंग — तिथि, नक्षत्र, योग, करण और वार — के साथ-साथ सूर्योदय, सूर्यास्त, चंद्रोदय, राहु काल, यमगंड काल, गुलिक काल, ब्रह्म मुहूर्त, अभिजित मुहूर्त और चौघड़िया की सटीक जानकारी दी गई है।

यह पंचांग कोणार्क के अक्षांश-देशांतर के अनुसार खगोलीय गणना पर आधारित है, जिससे सूर्योदय और अन्य समय स्थानीय रूप से सटीक हैं। किसी भी शुभ कार्य, पूजा, व्रत या मुहूर्त के लिए अपने शहर का पंचांग अवश्य देखें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कोणार्क में 14 फरवरी 2027, रविवार को सूर्योदय कब है?

कोणार्क में 14 फरवरी 2027, रविवार को सूर्योदय 06:16 बजे और सूर्यास्त 17:44 बजे है। ये समय खगोलीय गणना के आधार पर सटीक हैं।

कोणार्क में 14 फरवरी 2027, रविवार को राहु काल कब है?

कोणार्क में 14 फरवरी 2027, रविवार को राहु काल 16:18 से 17:44 तक है। इस समय नए कार्य प्रारंभ न करें।

कोणार्क में 14 फरवरी 2027, रविवार को तिथि क्या है?

कोणार्क में 14 फरवरी 2027, रविवार को शुक्ल अष्टमी तिथि है।

पंचांग के पाँच अंग कौन से हैं?

पंचांग के पाँच अंग हैं — तिथि (चंद्र दिन), नक्षत्र (चंद्र मंडल), योग (सूर्य-चंद्र संयोग), करण (अर्ध-तिथि) और वार (सप्ताह का दिन)। ये पाँचों मिलकर किसी भी दिन की शुभता निर्धारित करते हैं।

अभिजित मुहूर्त किसे कहते हैं?

अभिजित मुहूर्त दिन का सबसे शुभ समय है, जो सौर मध्याह्न (solar noon) के आसपास 48 मिनट का होता है। बृहत्संहिता के अनुसार यह दिन का आठवाँ मुहूर्त है।