ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
Lādnūn, राजस्थान

Lādnūn — पंचांग

14 दिसंबर 2027, मंगलवार

सूर्योदय
07:14
सूर्यास्त
17:39
चंद्रोदय
18:20
चंद्रास्त
07:51
← पिछला दिनआज का पंचांगअगला दिन →

दिसंबर 2027 — मासिक पंचांग

पंचांग — पाँच अंग

तिथि
कृष्ण प्रतिपदा
19:02 तक
अगली: कृष्ण द्वितीया
प्रगति45%
नक्षत्र
मृगशिरा (3 पाद)
13:25 तक
अगली: आर्द्रा
स्वामी: मंगल
योग
शुभ
16:47 तक
अगला: शुक्ल
शुभ
करण
बालव
08:22 तक
कौलव
19:02, 14 दिस तक
अगला: तैतिल
शुभ
वार
मंगलवार

पंचांग सार

तिथि
कृष्ण प्रतिपदा· 19:02 तक
कृष्ण द्वितीया
नक्षत्र
मृगशिरा · पद 3· 13:25 तक
आर्द्रा
योग
शुभ· 16:47 तक
शुक्ल
करण
बालव· 08:22 तक
कौलव
वार
मंगलवार
पक्ष
कृष्ण पक्ष

ग्रह स्थिति

सूर्य
राशिवृश्चिक
नक्षत्रज्येष्ठा
पद4
देशांतर237°33'52"
चन्द्रमा
राशिमिथुन
नक्षत्रमृगशिरा
पद3
देशांतर62°55'37"

राशि

चंद्र राशि
मिथुन
सूर्य राशि
वृश्चिक

Lādnūn — शुभ-अशुभ समय

✦ शुभ मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त
05:26 — 06:20
प्रातः सन्ध्या
06:18 — 07:14
अभिजित मुहूर्त
12:06 — 12:48
अमृत कालविशेष
12:27 — 13:45
विजय मुहूर्त
14:11 — 14:53
गोधूलि मुहूर्त
17:37 — 18:06
सायाह्न सन्ध्या
17:39 — 18:36
निशिता मुहूर्त
00:00 — 00:54
✦ अशुभ काल
राहु काल
15:03 — 16:21
यमगंड काल
09:51 — 11:09
गुलिक काल
12:27 — 13:45
प्रथम दुर्मुहूर्त
09:19 — 10:01
✦ खगोलीय समय
सूर्योदय
07:14
सूर्यास्त
17:39
मध्याह्न
12:27
चंद्रोदय
18:20
चंद्रास्त
07:51

हिन्दू पंचांग — संवत् एवं मास

चन्द्र माह
पूर्णिमान्त
पौष
चन्द्र माह
अमान्त
मार्गशीर्ष
पक्ष
कृष्ण पक्ष
विक्रम संवत्
रौद्र
2084
शक संवत्
प्लवंग
1949
गुजराती संवत्
सिद्धार्थी
2084
बृहस्पति संवत्सर
रौद्र

नक्षत्र विस्तार

नक्षत्र पद
पद 3
मृगशिरा
नक्षत्र स्वामी
मंगल
नक्षत्र देवता
चंद्र
सूर्य नक्षत्र
ज्येष्ठा
पद 4स्वामी: बुध

ऋतु एवं अयन

वैदिक ऋतु
हेमन्त
द्रिक ऋतु
हेमन्त
अयन
दक्षिणायन

दिनमान एवं रात्रिमान

दिनमान
10 घण्टे 24 मिनट 49 सेकण्ड
26 घटी 2 पल
रात्रिमान
13 घण्टे 35 मिनट 11 सेकण्ड
33 घटी 58 पल
मध्याह्न (सौर)
12:27
सूर्य का उच्चतम बिन्दु

नक्षत्र पाद विवरण — मृगशिरा

पाद 3
07:54
14 दिस तक
पाद 4
13:25
14 दिस तक

दिशा शूल एवं अन्य

दिशा शूल
उत्तर
आज उत्तर दिशा में यात्रा वर्जित
लहिरी अयनांश
24.2543°
पंचक
पंचक नहीं

अन्य कैलेण्डर एवं युग

कलियुग
5128वर्ष
कलि अहर्गण
1873288दिन
जूलियन दिवस
2461753.5
राता डाई
740329
मॉ. जूलियन
61753
राष्ट्रीय शक
अग्रहायण 20, 1949 शक

दिन का चौघड़िया — 14 दिसंबर 2027, मंगलवार

अमृतशुभलाभचरकालउद्वेगरोग
07:1408:32
रोग
स्वास्थ्य निर्णय टालें
08:3209:51
उद्वेग
नया काम प्रारंभ न करें
09:5111:09
चर
यात्रा, वाहन चालन
11:0912:27
लाभ
व्यापार, धन लेनदेन, नौकरी
12:2713:45
अमृत
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह
13:4515:03
काल
महत्वपूर्ण निर्णय टालें
15:0316:21
शुभ
विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य
16:2117:39
रोग
स्वास्थ्य निर्णय टालें

रात का चौघड़िया

17:3919:21
काल
महत्वपूर्ण निर्णय टालें
19:2121:03
लाभ
व्यापार, धन लेनदेन, नौकरी
21:0322:45
उद्वेग
नया काम प्रारंभ न करें
22:4500:27
शुभ
विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य
00:2702:09
अमृत
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह
02:0903:51
चर
यात्रा, वाहन चालन
03:5105:32
रोग
स्वास्थ्य निर्णय टालें
05:3207:14
काल
महत्वपूर्ण निर्णय टालें

Lādnūn पंचांग — दिसंबर 2027

12345678910111213141516171819202122232425262728293031

अन्य शहरों का पंचांग — 14 दिसंबर 2027, मंगलवार

दिल्लीमुंबईकोलकाताचेन्नईबेंगलुरुहैदराबादअहमदाबादपुणेजयपुरलखनऊवाराणसीप्रयागराज

Lādnūn पंचांग — 14 दिसंबर 2027, मंगलवार

Lādnūn (राजस्थान) के लिए 14 दिसंबर 2027, मंगलवार का सम्पूर्ण हिन्दू पंचांग यहाँ प्रस्तुत है। पंचांग के पाँच अंग — तिथि, नक्षत्र, योग, करण और वार — के साथ-साथ सूर्योदय, सूर्यास्त, चंद्रोदय, राहु काल, यमगंड काल, गुलिक काल, ब्रह्म मुहूर्त, अभिजित मुहूर्त और चौघड़िया की सटीक जानकारी दी गई है।

यह पंचांग Lādnūn के अक्षांश-देशांतर के अनुसार खगोलीय गणना पर आधारित है, जिससे सूर्योदय और अन्य समय स्थानीय रूप से सटीक हैं। किसी भी शुभ कार्य, पूजा, व्रत या मुहूर्त के लिए अपने शहर का पंचांग अवश्य देखें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

Lādnūn में 14 दिसंबर 2027, मंगलवार को सूर्योदय कब है?

Lādnūn में 14 दिसंबर 2027, मंगलवार को सूर्योदय 07:14 बजे और सूर्यास्त 17:39 बजे है। ये समय खगोलीय गणना के आधार पर सटीक हैं।

Lādnūn में 14 दिसंबर 2027, मंगलवार को राहु काल कब है?

Lādnūn में 14 दिसंबर 2027, मंगलवार को राहु काल 15:03 से 16:21 तक है। इस समय नए कार्य प्रारंभ न करें।

Lādnūn में 14 दिसंबर 2027, मंगलवार को तिथि क्या है?

Lādnūn में 14 दिसंबर 2027, मंगलवार को कृष्ण प्रतिपदा तिथि है।

पंचांग के पाँच अंग कौन से हैं?

पंचांग के पाँच अंग हैं — तिथि (चंद्र दिन), नक्षत्र (चंद्र मंडल), योग (सूर्य-चंद्र संयोग), करण (अर्ध-तिथि) और वार (सप्ताह का दिन)। ये पाँचों मिलकर किसी भी दिन की शुभता निर्धारित करते हैं।

अभिजित मुहूर्त किसे कहते हैं?

अभिजित मुहूर्त दिन का सबसे शुभ समय है, जो सौर मध्याह्न (solar noon) के आसपास 48 मिनट का होता है। बृहत्संहिता के अनुसार यह दिन का आठवाँ मुहूर्त है।