ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
लिंगराज, ओडिशा

लिंगराज — पंचांग

12 जनवरी 2025, रविवार

सूर्योदय
06:25
सूर्यास्त
17:25
चंद्रोदय
15:48
चंद्रास्त
04:52
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जनवरी 2025 — मासिक पंचांग

सर्वार्थ सिद्धि योग
12 जनवरी 2025, रविवार को सर्वार्थ सिद्धि योग है — सभी शुभ कार्यों के लिए उत्तम दिन

पंचांग — पाँच अंग

तिथि
शुक्ल त्रयोदशी
06:34 तक
अगली: शुक्ल चतुर्दशी
प्रगति99%
नक्षत्र
मृगशिरा (4 पाद)
11:24 तक
अगली: आर्द्रा
स्वामी: मंगल
योग
ब्रह्म
09:08 तक
अगला: ऐन्द्र
शुभ
करण
तैतिल
06:34 तक
अगला: गर
शुभ
वार
रविवार

पंचांग सार

तिथि
शुक्ल त्रयोदशी· 06:34 तक
शुक्ल चतुर्दशी
नक्षत्र
मृगशिरा · पद 4· 11:24 तक
आर्द्रा
योग
ब्रह्म· 09:08 तक
ऐन्द्र
करण
तैतिल· 06:34 तक
गर
वार
रविवार
पक्ष
शुक्ल पक्ष

ग्रह स्थिति

सूर्य
राशिधनु
नक्षत्रउत्तराषाढ़ा
पद1
देशांतर267°51'38"
चन्द्रमा
राशिमिथुन
नक्षत्रमृगशिरा
पद4
देशांतर63°46'09"

राशि

चंद्र राशि
मिथुन
सूर्य राशि
धनु

लिंगराज — शुभ-अशुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:49 — 05:37
प्रातः सन्ध्या
05:37 — 07:13
सूर्योदय
06:25
अभिजित मुहूर्त
11:31 — 12:19
अमृत कालविशेष
10:32 — 11:55
विजय मुहूर्त
15:13 — 15:57
गोधूलि मुहूर्त
17:01 — 17:49
सूर्यास्त
17:25
सायाह्न सन्ध्या
17:28 — 18:37
निशिता मुहूर्त
23:31 — 00:19
राहु काल
16:03 — 17:25
यमगंड काल
10:32 — 11:55
गुलिक काल
14:40 — 16:03
प्रथम दुर्मुहूर्त
10:32 — 11:14
द्वितीय दुर्मुहूर्त
16:44 — 17:25
चंद्रोदय
15:48
चंद्रास्त
04:52
मध्याह्न
11:55
सर्वार्थ सिद्धि योगसम्पूर्ण दिन

हिन्दू पंचांग — संवत् एवं मास

चन्द्र माह (पूर्णिमान्त)
पौष
चन्द्र माह (अमान्त)
पौष
पक्ष
शुक्ल पक्ष
विक्रम संवत्
2082
शक संवत्
1946
गुजराती संवत्
2080

नक्षत्र विस्तार

नक्षत्र पद
पद 4
मृगशिरा
नक्षत्र स्वामी
मंगल
नक्षत्र देवता
चंद्र
सूर्य नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा
पद 1स्वामी: सूर्य

ऋतु एवं अयन

वैदिक ऋतु
हेमन्त
द्रिक ऋतु
शिशिर
अयन
दक्षिणायन

दिनमान एवं रात्रिमान

दिनमान
11 घण्टे 00 मिनट 47 सेकण्ड
27 घटी 32 पल
रात्रिमान
12 घण्टे 59 मिनट 13 सेकण्ड
32 घटी 28 पल
मध्याह्न (सौर)
11:55
सूर्य का उच्चतम बिन्दु

दिन का चौघड़िया — 12 जनवरी 2025, रविवार

अमृतशुभलाभचरकालउद्वेगरोग
06:2507:47
उद्वेग
नया काम प्रारंभ न करें
07:4709:10
चर
यात्रा, वाहन चालन
09:1010:32
लाभ
व्यापार, धन लेनदेन, नौकरी
10:3211:55
अमृत
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह
11:5513:18
काल
महत्वपूर्ण निर्णय टालें
13:1814:40
शुभ
विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य
14:4016:03
रोग
स्वास्थ्य निर्णय टालें
16:0317:25
उद्वेग
नया काम प्रारंभ न करें

रात का चौघड़िया

17:2519:03
शुभ
विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य
19:0320:40
रोग
स्वास्थ्य निर्णय टालें
20:4022:18
उद्वेग
नया काम प्रारंभ न करें
22:1823:55
चर
यात्रा, वाहन चालन
23:5501:32
लाभ
व्यापार, धन लेनदेन, नौकरी
01:3203:10
अमृत
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह
03:1004:47
काल
महत्वपूर्ण निर्णय टालें
04:4706:25
शुभ
विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य

लिंगराज पंचांग — जनवरी 2025

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अन्य शहरों का पंचांग — 12 जनवरी 2025, रविवार

दिल्लीमुंबईकोलकाताचेन्नईबेंगलुरुहैदराबादअहमदाबादपुणेजयपुरलखनऊवाराणसीप्रयागराज

लिंगराज पंचांग — 12 जनवरी 2025, रविवार

लिंगराज (ओडिशा) के लिए 12 जनवरी 2025, रविवार का सम्पूर्ण हिन्दू पंचांग यहाँ प्रस्तुत है। पंचांग के पाँच अंग — तिथि, नक्षत्र, योग, करण और वार — के साथ-साथ सूर्योदय, सूर्यास्त, चंद्रोदय, राहु काल, यमगंड काल, गुलिक काल, ब्रह्म मुहूर्त, अभिजित मुहूर्त और चौघड़िया की सटीक जानकारी दी गई है।

यह पंचांग लिंगराज के अक्षांश-देशांतर के अनुसार खगोलीय गणना पर आधारित है, जिससे सूर्योदय और अन्य समय स्थानीय रूप से सटीक हैं। किसी भी शुभ कार्य, पूजा, व्रत या मुहूर्त के लिए अपने शहर का पंचांग अवश्य देखें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

लिंगराज में 12 जनवरी 2025, रविवार को सूर्योदय कब है?

लिंगराज में 12 जनवरी 2025, रविवार को सूर्योदय 06:25 बजे और सूर्यास्त 17:25 बजे है। ये समय खगोलीय गणना के आधार पर सटीक हैं।

लिंगराज में 12 जनवरी 2025, रविवार को राहु काल कब है?

लिंगराज में 12 जनवरी 2025, रविवार को राहु काल 16:03 से 17:25 तक है। इस समय नए कार्य प्रारंभ न करें।

लिंगराज में 12 जनवरी 2025, रविवार को तिथि क्या है?

लिंगराज में 12 जनवरी 2025, रविवार को शुक्ल त्रयोदशी तिथि है।

पंचांग के पाँच अंग कौन से हैं?

पंचांग के पाँच अंग हैं — तिथि (चंद्र दिन), नक्षत्र (चंद्र मंडल), योग (सूर्य-चंद्र संयोग), करण (अर्ध-तिथि) और वार (सप्ताह का दिन)। ये पाँचों मिलकर किसी भी दिन की शुभता निर्धारित करते हैं।

अभिजित मुहूर्त किसे कहते हैं?

अभिजित मुहूर्त दिन का सबसे शुभ समय है, जो सौर मध्याह्न (solar noon) के आसपास 48 मिनट का होता है। बृहत्संहिता के अनुसार यह दिन का आठवाँ मुहूर्त है।