ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
लिंगराज, ओडिशा

लिंगराज — पंचांग

6 जनवरी 2027, बुधवार

सूर्योदय
06:24
सूर्यास्त
17:21
चंद्रोदय
05:09
चंद्रास्त
16:02
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जनवरी 2027 — मासिक पंचांग

पंचांग — पाँच अंग

तिथि
कृष्ण चतुर्दशी
23:15 तक
अगली: कृष्ण अमावस्या
प्रगति37%
नक्षत्र
मूल (1 पाद)
00:00 तक
अगली: पूर्वाषाढ़ा
स्वामी: केतु
योग
वृद्धि
13:30 तक
अगला: ध्रुव
शुभ
करण
विष्टि
09:56 तक
अगला: शकुनि
अशुभ
वार
बुधवार

पंचांग सार

तिथि
कृष्ण चतुर्दशी· 23:15 तक
कृष्ण अमावस्या
नक्षत्र
मूल · पद 1· 00:00 तक
पूर्वाषाढ़ा
योग
वृद्धि· 13:30 तक
ध्रुव
करण
विष्टि· 09:56 तक
शकुनि
वार
बुधवार
पक्ष
कृष्ण पक्ष

ग्रह स्थिति

सूर्य
राशिधनु
नक्षत्रपूर्वाषाढ़ा
पद3
देशांतर261°13'29"
चन्द्रमा
राशिधनु
नक्षत्रमूल
पद1
देशांतर241°37'11"

राशि

चंद्र राशि
धनु
सूर्य राशि
धनु

लिंगराज — शुभ-अशुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:48 — 05:36
प्रातः सन्ध्या
05:36 — 07:12
सूर्योदय
06:24
अभिजित मुहूर्त
11:28 — 12:16
अमृत कालविशेष
07:46 — 09:08
विजय मुहूर्त
15:10 — 15:53
गोधूलि मुहूर्त
16:57 — 17:45
सूर्यास्त
17:21
सायाह्न सन्ध्या
17:24 — 18:33
निशिता मुहूर्त
23:28 — 00:16
राहु काल
11:52 — 13:15
यमगंड काल
06:24 — 07:46
गुलिक काल
10:30 — 11:52
प्रथम दुर्मुहूर्त
10:30 — 11:11
चंद्रोदय
05:09
चंद्रास्त
16:02
मध्याह्न
11:52

हिन्दू पंचांग — संवत् एवं मास

चन्द्र माह (पूर्णिमान्त)
माघ
चन्द्र माह (अमान्त)
पौष
पक्ष
कृष्ण पक्ष
विक्रम संवत्
2084
शक संवत्
1948
गुजराती संवत्
2082

नक्षत्र विस्तार

नक्षत्र पद
पद 1
मूल
नक्षत्र स्वामी
केतु
नक्षत्र देवता
निऋति
सूर्य नक्षत्र
पूर्वाषाढ़ा
पद 3स्वामी: शुक्र

ऋतु एवं अयन

वैदिक ऋतु
शिशिर
द्रिक ऋतु
शिशिर
अयन
दक्षिणायन

दिनमान एवं रात्रिमान

दिनमान
10 घण्टे 57 मिनट 39 सेकण्ड
27 घटी 24 पल
रात्रिमान
13 घण्टे 02 मिनट 21 सेकण्ड
32 घटी 36 पल
मध्याह्न (सौर)
11:52
सूर्य का उच्चतम बिन्दु

दिन का चौघड़िया — 6 जनवरी 2027, बुधवार

अमृतशुभलाभचरकालउद्वेगरोग
06:2407:46
लाभ
व्यापार, धन लेनदेन, नौकरी
07:4609:08
अमृत
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह
09:0810:30
काल
महत्वपूर्ण निर्णय टालें
10:3011:52
शुभ
विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य
11:5213:15
रोग
स्वास्थ्य निर्णय टालें
13:1514:37
उद्वेग
नया काम प्रारंभ न करें
14:3715:59
चर
यात्रा, वाहन चालन
15:5917:21
लाभ
व्यापार, धन लेनदेन, नौकरी

रात का चौघड़िया

17:2118:59
लाभ
व्यापार, धन लेनदेन, नौकरी
18:5920:37
अमृत
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह
20:3722:15
काल
महत्वपूर्ण निर्णय टालें
22:1523:52
शुभ
विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य
23:5201:30
रोग
स्वास्थ्य निर्णय टालें
01:3003:08
उद्वेग
नया काम प्रारंभ न करें
03:0804:46
चर
यात्रा, वाहन चालन
04:4606:24
लाभ
व्यापार, धन लेनदेन, नौकरी

लिंगराज पंचांग — जनवरी 2027

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अन्य शहरों का पंचांग — 6 जनवरी 2027, बुधवार

दिल्लीमुंबईकोलकाताचेन्नईबेंगलुरुहैदराबादअहमदाबादपुणेजयपुरलखनऊवाराणसीप्रयागराज

लिंगराज पंचांग — 6 जनवरी 2027, बुधवार

लिंगराज (ओडिशा) के लिए 6 जनवरी 2027, बुधवार का सम्पूर्ण हिन्दू पंचांग यहाँ प्रस्तुत है। पंचांग के पाँच अंग — तिथि, नक्षत्र, योग, करण और वार — के साथ-साथ सूर्योदय, सूर्यास्त, चंद्रोदय, राहु काल, यमगंड काल, गुलिक काल, ब्रह्म मुहूर्त, अभिजित मुहूर्त और चौघड़िया की सटीक जानकारी दी गई है।

यह पंचांग लिंगराज के अक्षांश-देशांतर के अनुसार खगोलीय गणना पर आधारित है, जिससे सूर्योदय और अन्य समय स्थानीय रूप से सटीक हैं। किसी भी शुभ कार्य, पूजा, व्रत या मुहूर्त के लिए अपने शहर का पंचांग अवश्य देखें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

लिंगराज में 6 जनवरी 2027, बुधवार को सूर्योदय कब है?

लिंगराज में 6 जनवरी 2027, बुधवार को सूर्योदय 06:24 बजे और सूर्यास्त 17:21 बजे है। ये समय खगोलीय गणना के आधार पर सटीक हैं।

लिंगराज में 6 जनवरी 2027, बुधवार को राहु काल कब है?

लिंगराज में 6 जनवरी 2027, बुधवार को राहु काल 11:52 से 13:15 तक है। इस समय नए कार्य प्रारंभ न करें।

लिंगराज में 6 जनवरी 2027, बुधवार को तिथि क्या है?

लिंगराज में 6 जनवरी 2027, बुधवार को कृष्ण चतुर्दशी तिथि है।

पंचांग के पाँच अंग कौन से हैं?

पंचांग के पाँच अंग हैं — तिथि (चंद्र दिन), नक्षत्र (चंद्र मंडल), योग (सूर्य-चंद्र संयोग), करण (अर्ध-तिथि) और वार (सप्ताह का दिन)। ये पाँचों मिलकर किसी भी दिन की शुभता निर्धारित करते हैं।

अभिजित मुहूर्त किसे कहते हैं?

अभिजित मुहूर्त दिन का सबसे शुभ समय है, जो सौर मध्याह्न (solar noon) के आसपास 48 मिनट का होता है। बृहत्संहिता के अनुसार यह दिन का आठवाँ मुहूर्त है।