ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
लिंगराज, ओडिशा

लिंगराज — पंचांग

1 मार्च 2027, सोमवार

सूर्योदय
06:07
सूर्यास्त
17:51
चंद्रोदय
00:57
चंद्रास्त
11:50
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मार्च 2027 — मासिक पंचांग

पंचांग — पाँच अंग

तिथि
कृष्ण नवमी
02:07 तक
अगली: कृष्ण दशमी
प्रगति24%
नक्षत्र
ज्येष्ठा (3 पाद)
16:27 तक
अगली: मूल
स्वामी: बुध
योग
वज्र
23:09 तक
अगला: सिद्धि
अशुभ
करण
तैतिल
12:54 तक
अगला: गर
शुभ
वार
सोमवार

पंचांग सार

तिथि
कृष्ण नवमी· 02:07 तक
कृष्ण दशमी
नक्षत्र
ज्येष्ठा · पद 3· 16:27 तक
मूल
योग
वज्र· 23:09 तक
सिद्धि
करण
तैतिल· 12:54 तक
गर
वार
सोमवार
पक्ष
कृष्ण पक्ष

ग्रह स्थिति

सूर्य
राशिकुम्भ
नक्षत्रशतभिषा
पद3
देशांतर315°57'31"
चन्द्रमा
राशिवृश्चिक
नक्षत्रज्येष्ठा
पद3
देशांतर234°51'50"

राशि

चंद्र राशि
वृश्चिक
सूर्य राशि
कुम्भ

लिंगराज — शुभ-अशुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:31 — 05:19
प्रातः सन्ध्या
05:19 — 06:55
सूर्योदय
06:07
अभिजित मुहूर्त
11:35 — 12:23
अमृत कालविशेष
06:07 — 07:35
विजय मुहूर्त
15:31 — 16:17
गोधूलि मुहूर्त
17:27 — 18:15
सूर्यास्त
17:51
सायाह्न सन्ध्या
17:54 — 19:03
निशिता मुहूर्त
23:35 — 00:23
राहु काल
07:35 — 09:03
यमगंड काल
09:03 — 10:31
गुलिक काल
13:27 — 14:55
प्रथम दुर्मुहूर्त
10:31 — 11:15
द्वितीय दुर्मुहूर्त
13:27 — 14:11
चंद्रोदय
00:57
चंद्रास्त
11:50
मध्याह्न
11:59

हिन्दू पंचांग — संवत् एवं मास

चन्द्र माह (पूर्णिमान्त)
चैत्र
चन्द्र माह (अमान्त)
फाल्गुन
पक्ष
कृष्ण पक्ष
विक्रम संवत्
2084
शक संवत्
1948
गुजराती संवत्
2082

नक्षत्र विस्तार

नक्षत्र पद
पद 3
ज्येष्ठा
नक्षत्र स्वामी
बुध
नक्षत्र देवता
इंद्र
सूर्य नक्षत्र
शतभिषा
पद 3स्वामी: राहु

ऋतु एवं अयन

वैदिक ऋतु
वसन्त
द्रिक ऋतु
वसन्त
अयन
उत्तरायण

दिनमान एवं रात्रिमान

दिनमान
11 घण्टे 44 मिनट 22 सेकण्ड
29 घटी 21 पल
रात्रिमान
12 घण्टे 15 मिनट 38 सेकण्ड
30 घटी 39 पल
मध्याह्न (सौर)
11:59
सूर्य का उच्चतम बिन्दु

दिन का चौघड़िया — 1 मार्च 2027, सोमवार

अमृतशुभलाभचरकालउद्वेगरोग
06:0707:35
अमृत
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह
07:3509:03
काल
महत्वपूर्ण निर्णय टालें
09:0310:31
शुभ
विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य
10:3111:59
रोग
स्वास्थ्य निर्णय टालें
11:5913:27
उद्वेग
नया काम प्रारंभ न करें
13:2714:55
चर
यात्रा, वाहन चालन
14:5516:23
लाभ
व्यापार, धन लेनदेन, नौकरी
16:2317:51
अमृत
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह

रात का चौघड़िया

17:5119:23
चर
यात्रा, वाहन चालन
19:2320:55
लाभ
व्यापार, धन लेनदेन, नौकरी
20:5522:27
अमृत
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह
22:2723:59
काल
महत्वपूर्ण निर्णय टालें
23:5901:31
शुभ
विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य
01:3103:03
रोग
स्वास्थ्य निर्णय टालें
03:0304:35
उद्वेग
नया काम प्रारंभ न करें
04:3506:07
चर
यात्रा, वाहन चालन

लिंगराज पंचांग — मार्च 2027

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अन्य शहरों का पंचांग — 1 मार्च 2027, सोमवार

दिल्लीमुंबईकोलकाताचेन्नईबेंगलुरुहैदराबादअहमदाबादपुणेजयपुरलखनऊवाराणसीप्रयागराज

लिंगराज पंचांग — 1 मार्च 2027, सोमवार

लिंगराज (ओडिशा) के लिए 1 मार्च 2027, सोमवार का सम्पूर्ण हिन्दू पंचांग यहाँ प्रस्तुत है। पंचांग के पाँच अंग — तिथि, नक्षत्र, योग, करण और वार — के साथ-साथ सूर्योदय, सूर्यास्त, चंद्रोदय, राहु काल, यमगंड काल, गुलिक काल, ब्रह्म मुहूर्त, अभिजित मुहूर्त और चौघड़िया की सटीक जानकारी दी गई है।

यह पंचांग लिंगराज के अक्षांश-देशांतर के अनुसार खगोलीय गणना पर आधारित है, जिससे सूर्योदय और अन्य समय स्थानीय रूप से सटीक हैं। किसी भी शुभ कार्य, पूजा, व्रत या मुहूर्त के लिए अपने शहर का पंचांग अवश्य देखें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

लिंगराज में 1 मार्च 2027, सोमवार को सूर्योदय कब है?

लिंगराज में 1 मार्च 2027, सोमवार को सूर्योदय 06:07 बजे और सूर्यास्त 17:51 बजे है। ये समय खगोलीय गणना के आधार पर सटीक हैं।

लिंगराज में 1 मार्च 2027, सोमवार को राहु काल कब है?

लिंगराज में 1 मार्च 2027, सोमवार को राहु काल 07:35 से 09:03 तक है। इस समय नए कार्य प्रारंभ न करें।

लिंगराज में 1 मार्च 2027, सोमवार को तिथि क्या है?

लिंगराज में 1 मार्च 2027, सोमवार को कृष्ण नवमी तिथि है।

पंचांग के पाँच अंग कौन से हैं?

पंचांग के पाँच अंग हैं — तिथि (चंद्र दिन), नक्षत्र (चंद्र मंडल), योग (सूर्य-चंद्र संयोग), करण (अर्ध-तिथि) और वार (सप्ताह का दिन)। ये पाँचों मिलकर किसी भी दिन की शुभता निर्धारित करते हैं।

अभिजित मुहूर्त किसे कहते हैं?

अभिजित मुहूर्त दिन का सबसे शुभ समय है, जो सौर मध्याह्न (solar noon) के आसपास 48 मिनट का होता है। बृहत्संहिता के अनुसार यह दिन का आठवाँ मुहूर्त है।