ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
लिंगराज, ओडिशा

लिंगराज — पंचांग

11 अप्रैल 2027, रविवार

सूर्योदय
05:32
सूर्यास्त
18:04
चंद्रोदय
08:35
चंद्रास्त
22:36
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अप्रैल 2027 — मासिक पंचांग

पंचांग — पाँच अंग

तिथि
शुक्ल पंचमी
21:40 तक
अगली: शुक्ल षष्ठी
प्रगति27%
नक्षत्र
रोहिणी (3 पाद)
14:53 तक
अगली: मृगशिरा
स्वामी: चंद्र
योग
सौभाग्य
19:35 तक
अगला: शोभन
शुभ
करण
बव
10:41 तक
अगला: बालव
शुभ
वार
रविवार

पंचांग सार

तिथि
शुक्ल पंचमी· 21:40 तक
शुक्ल षष्ठी
नक्षत्र
रोहिणी · पद 3· 14:53 तक
मृगशिरा
योग
सौभाग्य· 19:35 तक
शोभन
करण
बव· 10:41 तक
बालव
वार
रविवार
पक्ष
शुक्ल पक्ष

ग्रह स्थिति

सूर्य
राशिमीन
नक्षत्ररेवती
पद3
देशांतर356°39'30"
चन्द्रमा
राशिवृषभ
नक्षत्ररोहिणी
पद3
देशांतर47°51'01"

राशि

चंद्र राशि
वृषभ
सूर्य राशि
मीन

लिंगराज — शुभ-अशुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:56 — 04:44
प्रातः सन्ध्या
04:44 — 06:20
सूर्योदय
05:32
अभिजित मुहूर्त
11:24 — 12:12
अमृत कालविशेष
10:14 — 11:48
विजय मुहूर्त
15:33 — 16:24
गोधूलि मुहूर्त
17:40 — 18:28
सूर्यास्त
18:04
सायाह्न सन्ध्या
18:07 — 19:16
निशिता मुहूर्त
23:24 — 00:12
राहु काल
16:30 — 18:04
यमगंड काल
10:14 — 11:48
गुलिक काल
14:56 — 16:30
प्रथम दुर्मुहूर्त
10:14 — 11:01
द्वितीय दुर्मुहूर्त
17:17 — 18:04
चंद्रोदय
08:35
चंद्रास्त
22:36
मध्याह्न
11:48

हिन्दू पंचांग — संवत् एवं मास

चन्द्र माह (पूर्णिमान्त)
चैत्र
चन्द्र माह (अमान्त)
चैत्र
पक्ष
शुक्ल पक्ष
विक्रम संवत्
2084
शक संवत्
1949
गुजराती संवत्
2082

नक्षत्र विस्तार

नक्षत्र पद
पद 3
रोहिणी
नक्षत्र स्वामी
चंद्र
नक्षत्र देवता
ब्रह्मा
सूर्य नक्षत्र
रेवती
पद 3स्वामी: बुध

ऋतु एवं अयन

वैदिक ऋतु
वसन्त
द्रिक ऋतु
वसन्त
अयन
उत्तरायण

दिनमान एवं रात्रिमान

दिनमान
12 घण्टे 31 मिनट 33 सेकण्ड
31 घटी 19 पल
रात्रिमान
11 घण्टे 28 मिनट 27 सेकण्ड
28 घटी 41 पल
मध्याह्न (सौर)
11:48
सूर्य का उच्चतम बिन्दु

दिन का चौघड़िया — 11 अप्रैल 2027, रविवार

अमृतशुभलाभचरकालउद्वेगरोग
05:3207:06
उद्वेग
नया काम प्रारंभ न करें
07:0608:40
चर
यात्रा, वाहन चालन
08:4010:14
लाभ
व्यापार, धन लेनदेन, नौकरी
10:1411:48
अमृत
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह
11:4813:22
काल
महत्वपूर्ण निर्णय टालें
13:2214:56
शुभ
विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य
14:5616:30
रोग
स्वास्थ्य निर्णय टालें
16:3018:04
उद्वेग
नया काम प्रारंभ न करें

रात का चौघड़िया

18:0419:30
शुभ
विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य
19:3020:56
रोग
स्वास्थ्य निर्णय टालें
20:5622:22
उद्वेग
नया काम प्रारंभ न करें
22:2223:48
चर
यात्रा, वाहन चालन
23:4801:14
लाभ
व्यापार, धन लेनदेन, नौकरी
01:1402:40
अमृत
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह
02:4004:06
काल
महत्वपूर्ण निर्णय टालें
04:0605:32
शुभ
विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य

लिंगराज पंचांग — अप्रैल 2027

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अन्य शहरों का पंचांग — 11 अप्रैल 2027, रविवार

दिल्लीमुंबईकोलकाताचेन्नईबेंगलुरुहैदराबादअहमदाबादपुणेजयपुरलखनऊवाराणसीप्रयागराज

लिंगराज पंचांग — 11 अप्रैल 2027, रविवार

लिंगराज (ओडिशा) के लिए 11 अप्रैल 2027, रविवार का सम्पूर्ण हिन्दू पंचांग यहाँ प्रस्तुत है। पंचांग के पाँच अंग — तिथि, नक्षत्र, योग, करण और वार — के साथ-साथ सूर्योदय, सूर्यास्त, चंद्रोदय, राहु काल, यमगंड काल, गुलिक काल, ब्रह्म मुहूर्त, अभिजित मुहूर्त और चौघड़िया की सटीक जानकारी दी गई है।

यह पंचांग लिंगराज के अक्षांश-देशांतर के अनुसार खगोलीय गणना पर आधारित है, जिससे सूर्योदय और अन्य समय स्थानीय रूप से सटीक हैं। किसी भी शुभ कार्य, पूजा, व्रत या मुहूर्त के लिए अपने शहर का पंचांग अवश्य देखें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

लिंगराज में 11 अप्रैल 2027, रविवार को सूर्योदय कब है?

लिंगराज में 11 अप्रैल 2027, रविवार को सूर्योदय 05:32 बजे और सूर्यास्त 18:04 बजे है। ये समय खगोलीय गणना के आधार पर सटीक हैं।

लिंगराज में 11 अप्रैल 2027, रविवार को राहु काल कब है?

लिंगराज में 11 अप्रैल 2027, रविवार को राहु काल 16:30 से 18:04 तक है। इस समय नए कार्य प्रारंभ न करें।

लिंगराज में 11 अप्रैल 2027, रविवार को तिथि क्या है?

लिंगराज में 11 अप्रैल 2027, रविवार को शुक्ल पंचमी तिथि है।

पंचांग के पाँच अंग कौन से हैं?

पंचांग के पाँच अंग हैं — तिथि (चंद्र दिन), नक्षत्र (चंद्र मंडल), योग (सूर्य-चंद्र संयोग), करण (अर्ध-तिथि) और वार (सप्ताह का दिन)। ये पाँचों मिलकर किसी भी दिन की शुभता निर्धारित करते हैं।

अभिजित मुहूर्त किसे कहते हैं?

अभिजित मुहूर्त दिन का सबसे शुभ समय है, जो सौर मध्याह्न (solar noon) के आसपास 48 मिनट का होता है। बृहत्संहिता के अनुसार यह दिन का आठवाँ मुहूर्त है।