ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
लिंगराज, ओडिशा

लिंगराज — पंचांग

1 जुलाई 2027, गुरुवार

सूर्योदय
05:10
सूर्यास्त
18:31
चंद्रोदय
01:56
चंद्रास्त
15:44
← पिछला दिनआज का पंचांगअगला दिन →

जुलाई 2027 — मासिक पंचांग

पंचांग — पाँच अंग

तिथि
कृष्ण द्वादशी
18:15 तक
अगली: कृष्ण त्रयोदशी
प्रगति35%
नक्षत्र
कृत्तिका (2 पाद)
19:30 तक
अगली: रोहिणी
स्वामी: सूर्य
योग
धृति
05:57 तक
अगला: शूल
शुभ
करण
कौलव
07:28 तक
अगला: तैतिल
शुभ
वार
गुरुवार

पंचांग सार

तिथि
कृष्ण द्वादशी· 18:15 तक
कृष्ण त्रयोदशी
नक्षत्र
कृत्तिका · पद 2· 19:30 तक
रोहिणी
योग
धृति· 05:57 तक
शूल
करण
कौलव· 07:28 तक
तैतिल
वार
गुरुवार
पक्ष
कृष्ण पक्ष

ग्रह स्थिति

सूर्य
राशिमिथुन
नक्षत्रआर्द्रा
पद3
देशांतर74°41'07"
चन्द्रमा
राशिवृषभ
नक्षत्रकृत्तिका
पद2
देशांतर30°52'31"

राशि

चंद्र राशि
वृषभ
सूर्य राशि
मिथुन

लिंगराज — शुभ-अशुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:34 — 04:22
प्रातः सन्ध्या
04:22 — 05:58
सूर्योदय
05:10
अभिजित मुहूर्त
11:26 — 12:14
अमृत कालविशेष
13:30 — 15:11
विजय मुहूर्त
15:51 — 16:44
गोधूलि मुहूर्त
18:07 — 18:55
सूर्यास्त
18:31
सायाह्न सन्ध्या
18:34 — 19:43
निशिता मुहूर्त
23:26 — 00:14
राहु काल
13:30 — 15:11
यमगंड काल
16:51 — 18:31
गुलिक काल
08:30 — 10:10
प्रथम दुर्मुहूर्त
11:00 — 11:50
द्वितीय दुर्मुहूर्त
16:51 — 17:41
चंद्रोदय
01:56
चंद्रास्त
15:44
मध्याह्न
11:50

हिन्दू पंचांग — संवत् एवं मास

चन्द्र माह (पूर्णिमान्त)
श्रावण
चन्द्र माह (अमान्त)
आषाढ़
पक्ष
कृष्ण पक्ष
विक्रम संवत्
2084
शक संवत्
1949
गुजराती संवत्
2082

नक्षत्र विस्तार

नक्षत्र पद
पद 2
कृत्तिका
नक्षत्र स्वामी
सूर्य
नक्षत्र देवता
अग्नि
सूर्य नक्षत्र
आर्द्रा
पद 3स्वामी: राहु

ऋतु एवं अयन

वैदिक ऋतु
वर्षा
द्रिक ऋतु
वर्षा
अयन
उत्तरायण

दिनमान एवं रात्रिमान

दिनमान
13 घण्टे 20 मिनट 19 सेकण्ड
33 घटी 21 पल
रात्रिमान
10 घण्टे 39 मिनट 41 सेकण्ड
26 घटी 39 पल
मध्याह्न (सौर)
11:50
सूर्य का उच्चतम बिन्दु

दिन का चौघड़िया — 1 जुलाई 2027, गुरुवार

अमृतशुभलाभचरकालउद्वेगरोग
05:1006:50
शुभ
विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य
06:5008:30
रोग
स्वास्थ्य निर्णय टालें
08:3010:10
उद्वेग
नया काम प्रारंभ न करें
10:1011:50
चर
यात्रा, वाहन चालन
11:5013:30
लाभ
व्यापार, धन लेनदेन, नौकरी
13:3015:11
अमृत
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह
15:1116:51
काल
महत्वपूर्ण निर्णय टालें
16:5118:31
शुभ
विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य

रात का चौघड़िया

18:3119:51
अमृत
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह
19:5121:11
काल
महत्वपूर्ण निर्णय टालें
21:1122:30
शुभ
विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य
22:3023:50
रोग
स्वास्थ्य निर्णय टालें
23:5001:10
उद्वेग
नया काम प्रारंभ न करें
01:1002:30
चर
यात्रा, वाहन चालन
02:3003:50
लाभ
व्यापार, धन लेनदेन, नौकरी
03:5005:10
अमृत
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह

लिंगराज पंचांग — जुलाई 2027

12345678910111213141516171819202122232425262728293031

अन्य शहरों का पंचांग — 1 जुलाई 2027, गुरुवार

दिल्लीमुंबईकोलकाताचेन्नईबेंगलुरुहैदराबादअहमदाबादपुणेजयपुरलखनऊवाराणसीप्रयागराज

लिंगराज पंचांग — 1 जुलाई 2027, गुरुवार

लिंगराज (ओडिशा) के लिए 1 जुलाई 2027, गुरुवार का सम्पूर्ण हिन्दू पंचांग यहाँ प्रस्तुत है। पंचांग के पाँच अंग — तिथि, नक्षत्र, योग, करण और वार — के साथ-साथ सूर्योदय, सूर्यास्त, चंद्रोदय, राहु काल, यमगंड काल, गुलिक काल, ब्रह्म मुहूर्त, अभिजित मुहूर्त और चौघड़िया की सटीक जानकारी दी गई है।

यह पंचांग लिंगराज के अक्षांश-देशांतर के अनुसार खगोलीय गणना पर आधारित है, जिससे सूर्योदय और अन्य समय स्थानीय रूप से सटीक हैं। किसी भी शुभ कार्य, पूजा, व्रत या मुहूर्त के लिए अपने शहर का पंचांग अवश्य देखें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

लिंगराज में 1 जुलाई 2027, गुरुवार को सूर्योदय कब है?

लिंगराज में 1 जुलाई 2027, गुरुवार को सूर्योदय 05:10 बजे और सूर्यास्त 18:31 बजे है। ये समय खगोलीय गणना के आधार पर सटीक हैं।

लिंगराज में 1 जुलाई 2027, गुरुवार को राहु काल कब है?

लिंगराज में 1 जुलाई 2027, गुरुवार को राहु काल 13:30 से 15:11 तक है। इस समय नए कार्य प्रारंभ न करें।

लिंगराज में 1 जुलाई 2027, गुरुवार को तिथि क्या है?

लिंगराज में 1 जुलाई 2027, गुरुवार को कृष्ण द्वादशी तिथि है।

पंचांग के पाँच अंग कौन से हैं?

पंचांग के पाँच अंग हैं — तिथि (चंद्र दिन), नक्षत्र (चंद्र मंडल), योग (सूर्य-चंद्र संयोग), करण (अर्ध-तिथि) और वार (सप्ताह का दिन)। ये पाँचों मिलकर किसी भी दिन की शुभता निर्धारित करते हैं।

अभिजित मुहूर्त किसे कहते हैं?

अभिजित मुहूर्त दिन का सबसे शुभ समय है, जो सौर मध्याह्न (solar noon) के आसपास 48 मिनट का होता है। बृहत्संहिता के अनुसार यह दिन का आठवाँ मुहूर्त है।