ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
लिंगराज, ओडिशा

लिंगराज — पंचांग

5 अक्टूबर 2027, मंगलवार

सूर्योदय
05:39
सूर्यास्त
17:32
चंद्रोदय
10:33
चंद्रास्त
21:30
← पिछला दिनआज का पंचांगअगला दिन →

अक्टूबर 2027 — मासिक पंचांग

सर्वार्थ सिद्धि योग
5 अक्टूबर 2027, मंगलवार को सर्वार्थ सिद्धि योग है — सभी शुभ कार्यों के लिए उत्तम दिन

पंचांग — पाँच अंग

तिथि
शुक्ल षष्ठी
00:00 तक
अगली: शुक्ल सप्तमी
प्रगति16%
नक्षत्र
ज्येष्ठा (1 पाद)
00:00 तक
अगली: मूल
स्वामी: बुध
योग
आयुष्मान
11:42 तक
अगला: सौभाग्य
शुभ
करण
कौलव
00:00 तक
अगला: तैतिल
शुभ
वार
मंगलवार

पंचांग सार

तिथि
शुक्ल षष्ठी· 00:00 तक
शुक्ल सप्तमी
नक्षत्र
ज्येष्ठा · पद 1· 00:00 तक
मूल
योग
आयुष्मान· 11:42 तक
सौभाग्य
करण
कौलव· 00:00 तक
तैतिल
वार
मंगलवार
पक्ष
शुक्ल पक्ष

ग्रह स्थिति

सूर्य
राशिकन्या
नक्षत्रहस्त
पद3
देशांतर167°18'07"
चन्द्रमा
राशिवृश्चिक
नक्षत्रज्येष्ठा
पद1
देशांतर229°15'50"

राशि

चंद्र राशि
वृश्चिक
सूर्य राशि
कन्या

लिंगराज — शुभ-अशुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:03 — 04:51
प्रातः सन्ध्या
04:51 — 06:27
सूर्योदय
05:39
अभिजित मुहूर्त
11:11 — 11:59
अमृत कालविशेष
11:35 — 13:04
विजय मुहूर्त
15:09 — 15:57
गोधूलि मुहूर्त
17:08 — 17:56
सूर्यास्त
17:32
सायाह्न सन्ध्या
17:35 — 18:44
निशिता मुहूर्त
23:11 — 23:59
राहु काल
14:33 — 16:03
यमगंड काल
07:08 — 08:37
गुलिक काल
11:35 — 13:04
प्रथम दुर्मुहूर्त
09:21 — 10:06
द्वितीय दुर्मुहूर्त
13:04 — 13:49
चंद्रोदय
10:33
चंद्रास्त
21:30
मध्याह्न
11:35
सर्वार्थ सिद्धि योगसम्पूर्ण दिन

हिन्दू पंचांग — संवत् एवं मास

चन्द्र माह (पूर्णिमान्त)
आश्विन
चन्द्र माह (अमान्त)
आश्विन
पक्ष
शुक्ल पक्ष
विक्रम संवत्
2084
शक संवत्
1949
गुजराती संवत्
2082

नक्षत्र विस्तार

नक्षत्र पद
पद 1
ज्येष्ठा
नक्षत्र स्वामी
बुध
नक्षत्र देवता
इंद्र
सूर्य नक्षत्र
हस्त
पद 3स्वामी: चंद्र

ऋतु एवं अयन

वैदिक ऋतु
शरद
द्रिक ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

दिनमान एवं रात्रिमान

दिनमान
11 घण्टे 53 मिनट 11 सेकण्ड
29 घटी 43 पल
रात्रिमान
12 घण्टे 06 मिनट 49 सेकण्ड
30 घटी 17 पल
मध्याह्न (सौर)
11:35
सूर्य का उच्चतम बिन्दु

दिन का चौघड़िया — 5 अक्टूबर 2027, मंगलवार

अमृतशुभलाभचरकालउद्वेगरोग
05:3907:08
रोग
स्वास्थ्य निर्णय टालें
07:0808:37
उद्वेग
नया काम प्रारंभ न करें
08:3710:06
चर
यात्रा, वाहन चालन
10:0611:35
लाभ
व्यापार, धन लेनदेन, नौकरी
11:3513:04
अमृत
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह
13:0414:33
काल
महत्वपूर्ण निर्णय टालें
14:3316:03
शुभ
विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य
16:0317:32
रोग
स्वास्थ्य निर्णय टालें

रात का चौघड़िया

17:3219:03
काल
महत्वपूर्ण निर्णय टालें
19:0320:33
शुभ
विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य
20:3322:04
रोग
स्वास्थ्य निर्णय टालें
22:0423:35
उद्वेग
नया काम प्रारंभ न करें
23:3501:06
चर
यात्रा, वाहन चालन
01:0602:37
लाभ
व्यापार, धन लेनदेन, नौकरी
02:3704:08
अमृत
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह
04:0805:39
काल
महत्वपूर्ण निर्णय टालें

लिंगराज पंचांग — अक्टूबर 2027

12345678910111213141516171819202122232425262728293031

अन्य शहरों का पंचांग — 5 अक्टूबर 2027, मंगलवार

दिल्लीमुंबईकोलकाताचेन्नईबेंगलुरुहैदराबादअहमदाबादपुणेजयपुरलखनऊवाराणसीप्रयागराज

लिंगराज पंचांग — 5 अक्टूबर 2027, मंगलवार

लिंगराज (ओडिशा) के लिए 5 अक्टूबर 2027, मंगलवार का सम्पूर्ण हिन्दू पंचांग यहाँ प्रस्तुत है। पंचांग के पाँच अंग — तिथि, नक्षत्र, योग, करण और वार — के साथ-साथ सूर्योदय, सूर्यास्त, चंद्रोदय, राहु काल, यमगंड काल, गुलिक काल, ब्रह्म मुहूर्त, अभिजित मुहूर्त और चौघड़िया की सटीक जानकारी दी गई है।

यह पंचांग लिंगराज के अक्षांश-देशांतर के अनुसार खगोलीय गणना पर आधारित है, जिससे सूर्योदय और अन्य समय स्थानीय रूप से सटीक हैं। किसी भी शुभ कार्य, पूजा, व्रत या मुहूर्त के लिए अपने शहर का पंचांग अवश्य देखें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

लिंगराज में 5 अक्टूबर 2027, मंगलवार को सूर्योदय कब है?

लिंगराज में 5 अक्टूबर 2027, मंगलवार को सूर्योदय 05:39 बजे और सूर्यास्त 17:32 बजे है। ये समय खगोलीय गणना के आधार पर सटीक हैं।

लिंगराज में 5 अक्टूबर 2027, मंगलवार को राहु काल कब है?

लिंगराज में 5 अक्टूबर 2027, मंगलवार को राहु काल 14:33 से 16:03 तक है। इस समय नए कार्य प्रारंभ न करें।

लिंगराज में 5 अक्टूबर 2027, मंगलवार को तिथि क्या है?

लिंगराज में 5 अक्टूबर 2027, मंगलवार को शुक्ल षष्ठी तिथि है।

पंचांग के पाँच अंग कौन से हैं?

पंचांग के पाँच अंग हैं — तिथि (चंद्र दिन), नक्षत्र (चंद्र मंडल), योग (सूर्य-चंद्र संयोग), करण (अर्ध-तिथि) और वार (सप्ताह का दिन)। ये पाँचों मिलकर किसी भी दिन की शुभता निर्धारित करते हैं।

अभिजित मुहूर्त किसे कहते हैं?

अभिजित मुहूर्त दिन का सबसे शुभ समय है, जो सौर मध्याह्न (solar noon) के आसपास 48 मिनट का होता है। बृहत्संहिता के अनुसार यह दिन का आठवाँ मुहूर्त है।