ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
लखनऊ, उत्तर प्रदेश

लखनऊ — पंचांग

9 अप्रैल 2027, शुक्रवार

सूर्योदय
05:49
सूर्यास्त
18:27
चंद्रोदय
06:57
चंद्रास्त
21:03
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अप्रैल 2027 — मासिक पंचांग

सर्वार्थ सिद्धि योग
9 अप्रैल 2027, शुक्रवार को सर्वार्थ सिद्धि योग है — सभी शुभ कार्यों के लिए उत्तम दिन

पंचांग — पाँच अंग

तिथि
शुक्ल तृतीया
00:00 तक
अगली: शुक्ल चतुर्थी
प्रगति12%
नक्षत्र
भरणी (3 पाद)
17:11 तक
अगली: कृत्तिका
स्वामी: शुक्र
योग
प्रीति
00:00 तक
अगला: आयुष्मान
शुभ
करण
तैतिल
00:00 तक
अगला: गर
शुभ
वार
शुक्रवार

पंचांग सार

तिथि
शुक्ल तृतीया· 00:00 तक
शुक्ल चतुर्थी
नक्षत्र
भरणी · पद 3· 17:11 तक
कृत्तिका
योग
प्रीति· 00:00 तक
आयुष्मान
करण
तैतिल· 00:00 तक
गर
वार
शुक्रवार
पक्ष
शुक्ल पक्ष

ग्रह स्थिति

सूर्य
राशिमीन
नक्षत्ररेवती
पद3
देशांतर354°42'17"
चन्द्रमा
राशिमेष
नक्षत्रभरणी
पद3
देशांतर20°06'49"

राशि

चंद्र राशि
मेष
सूर्य राशि
मीन

लखनऊ — शुभ-अशुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:13 — 05:01
प्रातः सन्ध्या
05:01 — 06:37
सूर्योदय
05:49
अभिजित मुहूर्त
11:44 — 12:32
अमृत कालविशेष
08:59 — 10:33
विजय मुहूर्त
15:56 — 16:46
गोधूलि मुहूर्त
18:03 — 18:51
सूर्यास्त
18:27
सायाह्न सन्ध्या
18:30 — 19:39
निशिता मुहूर्त
23:44 — 00:32
राहु काल
10:33 — 12:08
यमगंड काल
15:18 — 16:52
गुलिक काल
07:24 — 08:59
प्रथम दुर्मुहूर्त
08:11 — 08:59
द्वितीय दुर्मुहूर्त
10:33 — 11:21
चंद्रोदय
06:57
चंद्रास्त
21:03
मध्याह्न
12:08
सर्वार्थ सिद्धि योगसम्पूर्ण दिन

हिन्दू पंचांग — संवत् एवं मास

चन्द्र माह (पूर्णिमान्त)
चैत्र
चन्द्र माह (अमान्त)
चैत्र
पक्ष
शुक्ल पक्ष
विक्रम संवत्
2084
शक संवत्
1949
गुजराती संवत्
2082

नक्षत्र विस्तार

नक्षत्र पद
पद 3
भरणी
नक्षत्र स्वामी
शुक्र
नक्षत्र देवता
यम
सूर्य नक्षत्र
रेवती
पद 3स्वामी: बुध

ऋतु एवं अयन

वैदिक ऋतु
वसन्त
द्रिक ऋतु
वसन्त
अयन
उत्तरायण

दिनमान एवं रात्रिमान

दिनमान
12 घण्टे 38 मिनट 01 सेकण्ड
31 घटी 35 पल
रात्रिमान
11 घण्टे 21 मिनट 59 सेकण्ड
28 घटी 25 पल
मध्याह्न (सौर)
12:08
सूर्य का उच्चतम बिन्दु

दिन का चौघड़िया — 9 अप्रैल 2027, शुक्रवार

अमृतशुभलाभचरकालउद्वेगरोग
05:4907:24
चर
यात्रा, वाहन चालन
07:2408:59
लाभ
व्यापार, धन लेनदेन, नौकरी
08:5910:33
अमृत
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह
10:3312:08
काल
महत्वपूर्ण निर्णय टालें
12:0813:43
शुभ
विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य
13:4315:18
रोग
स्वास्थ्य निर्णय टालें
15:1816:52
उद्वेग
नया काम प्रारंभ न करें
16:5218:27
चर
यात्रा, वाहन चालन

रात का चौघड़िया

18:2719:52
रोग
स्वास्थ्य निर्णय टालें
19:5221:18
उद्वेग
नया काम प्रारंभ न करें
21:1822:43
चर
यात्रा, वाहन चालन
22:4300:08
लाभ
व्यापार, धन लेनदेन, नौकरी
00:0801:33
अमृत
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह
01:3302:59
काल
महत्वपूर्ण निर्णय टालें
02:5904:24
शुभ
विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य
04:2405:49
रोग
स्वास्थ्य निर्णय टालें

लखनऊ पंचांग — अप्रैल 2027

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अन्य शहरों का पंचांग — 9 अप्रैल 2027, शुक्रवार

दिल्लीमुंबईकोलकाताचेन्नईबेंगलुरुहैदराबादअहमदाबादपुणेजयपुरवाराणसीप्रयागराजहरिद्वार

लखनऊ पंचांग — 9 अप्रैल 2027, शुक्रवार

लखनऊ (उत्तर प्रदेश) के लिए 9 अप्रैल 2027, शुक्रवार का सम्पूर्ण हिन्दू पंचांग यहाँ प्रस्तुत है। पंचांग के पाँच अंग — तिथि, नक्षत्र, योग, करण और वार — के साथ-साथ सूर्योदय, सूर्यास्त, चंद्रोदय, राहु काल, यमगंड काल, गुलिक काल, ब्रह्म मुहूर्त, अभिजित मुहूर्त और चौघड़िया की सटीक जानकारी दी गई है।

यह पंचांग लखनऊ के अक्षांश-देशांतर के अनुसार खगोलीय गणना पर आधारित है, जिससे सूर्योदय और अन्य समय स्थानीय रूप से सटीक हैं। किसी भी शुभ कार्य, पूजा, व्रत या मुहूर्त के लिए अपने शहर का पंचांग अवश्य देखें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

लखनऊ में 9 अप्रैल 2027, शुक्रवार को सूर्योदय कब है?

लखनऊ में 9 अप्रैल 2027, शुक्रवार को सूर्योदय 05:49 बजे और सूर्यास्त 18:27 बजे है। ये समय खगोलीय गणना के आधार पर सटीक हैं।

लखनऊ में 9 अप्रैल 2027, शुक्रवार को राहु काल कब है?

लखनऊ में 9 अप्रैल 2027, शुक्रवार को राहु काल 10:33 से 12:08 तक है। इस समय नए कार्य प्रारंभ न करें।

लखनऊ में 9 अप्रैल 2027, शुक्रवार को तिथि क्या है?

लखनऊ में 9 अप्रैल 2027, शुक्रवार को शुक्ल तृतीया तिथि है।

पंचांग के पाँच अंग कौन से हैं?

पंचांग के पाँच अंग हैं — तिथि (चंद्र दिन), नक्षत्र (चंद्र मंडल), योग (सूर्य-चंद्र संयोग), करण (अर्ध-तिथि) और वार (सप्ताह का दिन)। ये पाँचों मिलकर किसी भी दिन की शुभता निर्धारित करते हैं।

अभिजित मुहूर्त किसे कहते हैं?

अभिजित मुहूर्त दिन का सबसे शुभ समय है, जो सौर मध्याह्न (solar noon) के आसपास 48 मिनट का होता है। बृहत्संहिता के अनुसार यह दिन का आठवाँ मुहूर्त है।