ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
Mauli Jagran, चंडीगढ़

Mauli Jagran — पंचांग

17 फरवरी 2026, मंगलवार

सूर्योदय
07:02
सूर्यास्त
18:12
चंद्रोदय
06:56
चंद्रास्त
18:08
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फरवरी 2026 — मासिक पंचांग

पंचक चल रहा है
पंचक काल में शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं

पंचांग — पाँच अंग

तिथि
कृष्ण अमावस्या
17:31 तक
अगली: शुक्ल प्रतिपदा
प्रगति56%
नक्षत्र
धनिष्ठा (2 पाद)
21:15 तक
अगली: शतभिषा
स्वामी: मंगल
योग
परिघ
00:00 तक
अगला: शिव
अशुभ
करण
नाग
00:00 तक
अगला: किंस्तुघ्न
अशुभ
वार
मंगलवार

पंचांग सार

तिथि
कृष्ण अमावस्या· 17:31 तक
शुक्ल प्रतिपदा
नक्षत्र
धनिष्ठा · पद 2· 21:15 तक
शतभिषा
योग
परिघ· 00:00 तक
शिव
करण
नाग· 00:00 तक
किंस्तुघ्न
वार
मंगलवार
पक्ष
कृष्ण पक्ष

ग्रह स्थिति

सूर्य
राशिकुम्भ
नक्षत्रधनिष्ठा
पद4
देशांतर304°10'10"
चन्द्रमा
राशिमकर
नक्षत्रधनिष्ठा
पद2
देशांतर298°52'26"

राशि

चंद्र राशि
मकर
सूर्य राशि
कुम्भ

Mauli Jagran — शुभ-अशुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:26 — 06:14
प्रातः सन्ध्या
06:14 — 07:50
सूर्योदय
07:02
अभिजित मुहूर्त
12:13 — 13:01
अमृत कालविशेष
12:37 — 14:01
विजय मुहूर्त
15:58 — 16:43
गोधूलि मुहूर्त
17:48 — 18:36
सूर्यास्त
18:12
सायाह्न सन्ध्या
18:15 — 19:24
निशिता मुहूर्त
00:13 — 01:01
राहु काल
15:24 — 16:48
यमगंड काल
08:26 — 09:49
गुलिक काल
12:37 — 14:01
प्रथम दुर्मुहूर्त
10:31 — 11:13
द्वितीय दुर्मुहूर्त
14:01 — 14:42
चंद्रोदय
06:56
चंद्रास्त
18:08
मध्याह्न
12:37

हिन्दू पंचांग — संवत् एवं मास

चन्द्र माह (पूर्णिमान्त)
फाल्गुन
चन्द्र माह (अमान्त)
फाल्गुन
पक्ष
कृष्ण पक्ष
विक्रम संवत्
2083
शक संवत्
1947
गुजराती संवत्
2081

नक्षत्र विस्तार

नक्षत्र पद
पद 2
धनिष्ठा
नक्षत्र स्वामी
मंगल
नक्षत्र देवता
वसु
सूर्य नक्षत्र
धनिष्ठा
पद 4स्वामी: मंगल

ऋतु एवं अयन

वैदिक ऋतु
शिशिर
द्रिक ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

दिनमान एवं रात्रिमान

दिनमान
11 घण्टे 10 मिनट 12 सेकण्ड
27 घटी 56 पल
रात्रिमान
12 घण्टे 49 मिनट 48 सेकण्ड
32 घटी 4 पल
मध्याह्न (सौर)
12:37
सूर्य का उच्चतम बिन्दु

दिन का चौघड़िया — 17 फरवरी 2026, मंगलवार

अमृतशुभलाभचरकालउद्वेगरोग
07:0208:26
रोग
स्वास्थ्य निर्णय टालें
08:2609:49
उद्वेग
नया काम प्रारंभ न करें
09:4911:13
चर
यात्रा, वाहन चालन
11:1312:37
लाभ
व्यापार, धन लेनदेन, नौकरी
12:3714:01
अमृत
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह
14:0115:24
काल
महत्वपूर्ण निर्णय टालें
15:2416:48
शुभ
विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य
16:4818:12
रोग
स्वास्थ्य निर्णय टालें

रात का चौघड़िया

18:1219:48
काल
महत्वपूर्ण निर्णय टालें
19:4821:24
शुभ
विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य
21:2423:01
रोग
स्वास्थ्य निर्णय टालें
23:0100:37
उद्वेग
नया काम प्रारंभ न करें
00:3702:13
चर
यात्रा, वाहन चालन
02:1303:49
लाभ
व्यापार, धन लेनदेन, नौकरी
03:4905:26
अमृत
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह
05:2607:02
काल
महत्वपूर्ण निर्णय टालें

Mauli Jagran पंचांग — फरवरी 2026

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अन्य शहरों का पंचांग — 17 फरवरी 2026, मंगलवार

दिल्लीमुंबईकोलकाताचेन्नईबेंगलुरुहैदराबादअहमदाबादपुणेजयपुरलखनऊवाराणसीप्रयागराज

Mauli Jagran पंचांग — 17 फरवरी 2026, मंगलवार

Mauli Jagran (चंडीगढ़) के लिए 17 फरवरी 2026, मंगलवार का सम्पूर्ण हिन्दू पंचांग यहाँ प्रस्तुत है। पंचांग के पाँच अंग — तिथि, नक्षत्र, योग, करण और वार — के साथ-साथ सूर्योदय, सूर्यास्त, चंद्रोदय, राहु काल, यमगंड काल, गुलिक काल, ब्रह्म मुहूर्त, अभिजित मुहूर्त और चौघड़िया की सटीक जानकारी दी गई है।

यह पंचांग Mauli Jagran के अक्षांश-देशांतर के अनुसार खगोलीय गणना पर आधारित है, जिससे सूर्योदय और अन्य समय स्थानीय रूप से सटीक हैं। किसी भी शुभ कार्य, पूजा, व्रत या मुहूर्त के लिए अपने शहर का पंचांग अवश्य देखें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

Mauli Jagran में 17 फरवरी 2026, मंगलवार को सूर्योदय कब है?

Mauli Jagran में 17 फरवरी 2026, मंगलवार को सूर्योदय 07:02 बजे और सूर्यास्त 18:12 बजे है। ये समय खगोलीय गणना के आधार पर सटीक हैं।

Mauli Jagran में 17 फरवरी 2026, मंगलवार को राहु काल कब है?

Mauli Jagran में 17 फरवरी 2026, मंगलवार को राहु काल 15:24 से 16:48 तक है। इस समय नए कार्य प्रारंभ न करें।

Mauli Jagran में 17 फरवरी 2026, मंगलवार को तिथि क्या है?

Mauli Jagran में 17 फरवरी 2026, मंगलवार को कृष्ण अमावस्या तिथि है।

पंचांग के पाँच अंग कौन से हैं?

पंचांग के पाँच अंग हैं — तिथि (चंद्र दिन), नक्षत्र (चंद्र मंडल), योग (सूर्य-चंद्र संयोग), करण (अर्ध-तिथि) और वार (सप्ताह का दिन)। ये पाँचों मिलकर किसी भी दिन की शुभता निर्धारित करते हैं।

अभिजित मुहूर्त किसे कहते हैं?

अभिजित मुहूर्त दिन का सबसे शुभ समय है, जो सौर मध्याह्न (solar noon) के आसपास 48 मिनट का होता है। बृहत्संहिता के अनुसार यह दिन का आठवाँ मुहूर्त है।