ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
Morsi, महाराष्ट्र

Morsi — पंचांग

23 जून 2027, बुधवार

सूर्योदय
05:37
सूर्यास्त
19:03
चंद्रोदय
22:12
चंद्रास्त
09:04
← पिछला दिनआज का पंचांगअगला दिन →

जून 2027 — मासिक पंचांग

सर्वार्थ सिद्धि योग
23 जून 2027, बुधवार को सर्वार्थ सिद्धि योग है — सभी शुभ कार्यों के लिए उत्तम दिन

पंचांग — पाँच अंग

तिथि
कृष्ण चतुर्थी
15:43 तक
अगली: कृष्ण पंचमी
प्रगति62%
नक्षत्र
श्रवण (4 पाद)
11:16 तक
अगली: धनिष्ठा
स्वामी: चंद्र
योग
वैधृति
10:01 तक
अगला: विष्कम्भ
अशुभ
करण
बालव
00:00 तक
अगला: कौलव
शुभ
वार
बुधवार

पंचांग सार

तिथि
कृष्ण चतुर्थी· 15:43 तक
कृष्ण पंचमी
नक्षत्र
श्रवण · पद 4· 11:16 तक
धनिष्ठा
योग
वैधृति· 10:01 तक
विष्कम्भ
करण
बालव· 00:00 तक
कौलव
वार
बुधवार
पक्ष
कृष्ण पक्ष

ग्रह स्थिति

सूर्य
राशिमिथुन
नक्षत्रआर्द्रा
पद1
देशांतर67°06'44"
चन्द्रमा
राशिमकर
नक्षत्रश्रवण
पद4
देशांतर290°33'06"

राशि

चंद्र राशि
मकर
सूर्य राशि
मिथुन

Morsi — शुभ-अशुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:01 — 04:49
प्रातः सन्ध्या
04:49 — 06:25
सूर्योदय
05:37
अभिजित मुहूर्त
11:56 — 12:44
अमृत कालविशेष
07:18 — 08:59
विजय मुहूर्त
16:22 — 17:16
गोधूलि मुहूर्त
18:39 — 19:27
सूर्यास्त
19:03
सायाह्न सन्ध्या
19:06 — 20:15
निशिता मुहूर्त
23:56 — 00:44
राहु काल
12:20 — 14:01
यमगंड काल
05:37 — 07:18
गुलिक काल
10:39 — 12:20
प्रथम दुर्मुहूर्त
10:39 — 11:30
चंद्रोदय
22:12
चंद्रास्त
09:04
मध्याह्न
12:20
सर्वार्थ सिद्धि योगसम्पूर्ण दिन

हिन्दू पंचांग — संवत् एवं मास

चन्द्र माह (पूर्णिमान्त)
श्रावण
चन्द्र माह (अमान्त)
आषाढ़
पक्ष
कृष्ण पक्ष
विक्रम संवत्
2084
शक संवत्
1949
गुजराती संवत्
2082

नक्षत्र विस्तार

नक्षत्र पद
पद 4
श्रवण
नक्षत्र स्वामी
चंद्र
नक्षत्र देवता
विष्णु
सूर्य नक्षत्र
आर्द्रा
पद 1स्वामी: राहु

ऋतु एवं अयन

वैदिक ऋतु
वर्षा
द्रिक ऋतु
ग्रीष्म
अयन
उत्तरायण

दिनमान एवं रात्रिमान

दिनमान
13 घण्टे 25 मिनट 57 सेकण्ड
33 घटी 35 पल
रात्रिमान
10 घण्टे 34 मिनट 03 सेकण्ड
26 घटी 25 पल
मध्याह्न (सौर)
12:20
सूर्य का उच्चतम बिन्दु

दिन का चौघड़िया — 23 जून 2027, बुधवार

अमृतशुभलाभचरकालउद्वेगरोग
05:3707:18
लाभ
व्यापार, धन लेनदेन, नौकरी
07:1808:59
अमृत
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह
08:5910:39
काल
महत्वपूर्ण निर्णय टालें
10:3912:20
शुभ
विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य
12:2014:01
रोग
स्वास्थ्य निर्णय टालें
14:0115:42
उद्वेग
नया काम प्रारंभ न करें
15:4217:22
चर
यात्रा, वाहन चालन
17:2219:03
लाभ
व्यापार, धन लेनदेन, नौकरी

रात का चौघड़िया

19:0320:22
लाभ
व्यापार, धन लेनदेन, नौकरी
20:2221:42
अमृत
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह
21:4223:01
काल
महत्वपूर्ण निर्णय टालें
23:0100:20
शुभ
विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य
00:2001:39
रोग
स्वास्थ्य निर्णय टालें
01:3902:59
उद्वेग
नया काम प्रारंभ न करें
02:5904:18
चर
यात्रा, वाहन चालन
04:1805:37
लाभ
व्यापार, धन लेनदेन, नौकरी

Morsi पंचांग — जून 2027

123456789101112131415161718192021222324252627282930

अन्य शहरों का पंचांग — 23 जून 2027, बुधवार

दिल्लीमुंबईकोलकाताचेन्नईबेंगलुरुहैदराबादअहमदाबादपुणेजयपुरलखनऊवाराणसीप्रयागराज

Morsi पंचांग — 23 जून 2027, बुधवार

Morsi (महाराष्ट्र) के लिए 23 जून 2027, बुधवार का सम्पूर्ण हिन्दू पंचांग यहाँ प्रस्तुत है। पंचांग के पाँच अंग — तिथि, नक्षत्र, योग, करण और वार — के साथ-साथ सूर्योदय, सूर्यास्त, चंद्रोदय, राहु काल, यमगंड काल, गुलिक काल, ब्रह्म मुहूर्त, अभिजित मुहूर्त और चौघड़िया की सटीक जानकारी दी गई है।

यह पंचांग Morsi के अक्षांश-देशांतर के अनुसार खगोलीय गणना पर आधारित है, जिससे सूर्योदय और अन्य समय स्थानीय रूप से सटीक हैं। किसी भी शुभ कार्य, पूजा, व्रत या मुहूर्त के लिए अपने शहर का पंचांग अवश्य देखें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

Morsi में 23 जून 2027, बुधवार को सूर्योदय कब है?

Morsi में 23 जून 2027, बुधवार को सूर्योदय 05:37 बजे और सूर्यास्त 19:03 बजे है। ये समय खगोलीय गणना के आधार पर सटीक हैं।

Morsi में 23 जून 2027, बुधवार को राहु काल कब है?

Morsi में 23 जून 2027, बुधवार को राहु काल 12:20 से 14:01 तक है। इस समय नए कार्य प्रारंभ न करें।

Morsi में 23 जून 2027, बुधवार को तिथि क्या है?

Morsi में 23 जून 2027, बुधवार को कृष्ण चतुर्थी तिथि है।

पंचांग के पाँच अंग कौन से हैं?

पंचांग के पाँच अंग हैं — तिथि (चंद्र दिन), नक्षत्र (चंद्र मंडल), योग (सूर्य-चंद्र संयोग), करण (अर्ध-तिथि) और वार (सप्ताह का दिन)। ये पाँचों मिलकर किसी भी दिन की शुभता निर्धारित करते हैं।

अभिजित मुहूर्त किसे कहते हैं?

अभिजित मुहूर्त दिन का सबसे शुभ समय है, जो सौर मध्याह्न (solar noon) के आसपास 48 मिनट का होता है। बृहत्संहिता के अनुसार यह दिन का आठवाँ मुहूर्त है।