ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
PAURANIK· सनातन पञ्चाङ्गम्
27°06'00"N · 93°42'00"E
दिनांक
आज
स्थान
समय क्षेत्र
GMT+5:30UTC +05:30
सोमवार — पञ्चाङ्ग गणना

13.5मई 2024

सोमवार · 13 मई 2024
चन्द्र वार·शुक्ल पक्ष·वैशाख मास·संवत् 2081 पिंगल
नाहरलागुन
अरुणाचल प्रदेश
27°06'00"N  93°42'00"E
GMT+5:30 · UTC +05:30
i.
तिथि
षष्ठीशुक्ल पक्ष
02:50 तक
ii.
नक्षत्र
पुनर्वसु3 पाद
11:25 तक
iii.
योग
शूलअशुभ
07:43 तक
iv.
करण
कौलव
14:22 तक
v.
वार
सोमवारचन्द्र स्वामी
सूर्योदय 04:28

सूर्य आर्क

दिनमान · 13 घण्टे 27 मिनट
04:28सूर्योदय17:55सूर्यास्त11:12
अरुणोदय
02:52
मध्याह्न
11:12
दिनमान
13:27
प्रातः सन्धि
03:25

चन्द्र आर्क

रात्रिमान · 10 घण्टे 33 मिनट
08:54चन्द्रोदय23:04चन्द्रास्तकला ~26%
रात्रिमान
10:33
निशीथ
22:50
गोधूलि
17:53
कला
26%
01

शुभ — अशुभ काल

मुहूर्त निरीक्षण
दिन के शुभ और अशुभ काल — समस्त मुहूर्त एक ही स्थान पर।

शुभ मुहूर्त

अनुकूल काल
i
अभिजित मुहूर्तमध्याह्न का सर्वोत्तम काल
10:45 — 11:39
ii
ब्रह्म मुहूर्तध्यान-योग का काल
03:03 — 03:46
iii
विजय मुहूर्तविजय एवं सफलता
13:26 — 14:20
iv
गोधूलि मुहूर्तगृह-प्रवेश, विवाह
17:53 — 18:16
v
निशीथ मुहूर्तअर्धरात्रि पूजन
22:50 — 23:33
vi
प्रातः सन्ध्याप्रातः उपासना
03:25 — 04:28
vii
सायाह्न सन्ध्यासायं उपासना
17:55 — 18:58
viii
अमृत कालसर्व-सिद्धिकर
08:55 — 10:35
ix
अमृत चौघड़ियादिन का शुभ चौघड़िया
04:28 — 06:09
विशेष योग · आज सक्रिय
+
आनन्दादि — धूम्रअशुभ
11:25 तक

अशुभ काल

त्याज्य काल
i
राहुकालनवीन कार्य त्यागें
06:09 — 07:50
ii
यमगण्डयात्रा त्यागें
09:31 — 11:12
iii
गुलिक कालशुभ कार्य रोकें
12:53 — 14:33
iv
वर्ज्यम 1नक्षत्र-त्याज्य
19:59 — 21:41
अन्य दोष · दर्शन
पञ्चकअनुपस्थित
गण्डमूलअनुपस्थित
अस्त — शुक्रसूर्य से 6.09° दहन
सक्रिय
अस्त — बृहस्पतिसूर्य से 4.24° दहन
सक्रिय
02

चौघड़िया

सोलह अंश · दिन-रात्रि चक्र
सूर्योदय से आठ दिन-चौघड़िया, सूर्यास्त से आठ रात्रि-चौघड़िया।
दिन ↑↓ रात्रिअमृतकालशुभरोगउद्वेगचरलाभअमृतचररोगकाललाभउद्वेगशुभअमृतचर
वर्तमान
.
अमृत
04:28 — 06:09
दिन04:2817:55
1अमृतचंद्र04:2806:09
2कालशनि06:0907:50
3शुभबृहस्पति07:5009:31
4रोगमंगल09:3111:12
5उद्वेगसूर्य11:1212:53
6चरशुक्र12:5314:33
7लाभबुध14:3316:14
8अमृतचंद्र16:1417:55
रात्रि17:55 → अगला सूर्योदय
1चरशुक्र17:5519:14
2रोगमंगल19:1420:33
3कालशनि20:3321:52
4लाभबुध21:5223:11
5उद्वेगसूर्य23:1100:30
6शुभबृहस्पति00:3001:50
7अमृतचंद्र01:5003:09
8चरशुक्र03:0904:28
03

होरा

चौबीस ग्रहाधिपति
सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चौबीस होरा, प्रत्येक का स्वामी।
वर्तमान होरा
चन्द्र
04:28 — 05:35
iचन्द्र04:28
iiशनि05:35
iiiगुरु06:43
ivमङ्गल07:50
vसूर्य08:57
viशुक्र10:04
viiबुध11:12
viiiचन्द्र12:19
ixशनि13:26
xगुरु14:33
xiमङ्गल15:41
xiiसूर्य16:48
xiiiशुक्र17:55
xivबुध18:48
xvचन्द्र19:41
xviशनि20:33
xviiगुरु21:26
xviiiमङ्गल22:19
xixसूर्य23:11
xxशुक्र00:04
xxiबुध00:57
xxiiचन्द्र01:50
xxiiiशनि02:42
xxivगुरु03:35
04

लग्न

द्वादश राशि · आरोह क्रम
दिन-रात्रि चक्र में पूर्व क्षितिज पर उदय होती द्वादश राशियाँ।
मेषवृषमिथुनकर्कसिंहकन्यातुलावृश्चिकधनुमकरकुम्भमीनiiiiiiivvviviiviiiixxxixii
वर्तमान लग्न
.
iमेष04:2804:38
iiवृष04:3806:34
iiiमिथुन06:3408:48
ivकर्क08:4811:07
vसिंह11:0713:23
viकन्या13:2315:38
viiतुला15:3817:56
viiiवृश्चिक17:5620:14
ixधनु20:1422:18
xमकर22:1800:02
xiकुम्भ00:0201:31
xiiमीन01:3102:57
05

पञ्चक रहित

लग्न-शुभाशुभ
प्रत्येक लग्न को शुभ या पञ्चक का गुण प्राप्त होता है — रोग, राज, अग्नि, चोर, मृत्यु।
04:2804:38
शुभ कालसमस्त शुभ कार्य
मेष · i
04:3806:34
शुभ कालसमस्त शुभ कार्य
वृष · ii
06:3408:48
रोग पञ्चकस्वास्थ्य · चिकित्सा त्यागें
मिथुन · iii
08:4811:07
शुभ कालसमस्त शुभ कार्य
कर्क · iv
11:0713:23
राज पञ्चकयात्रा · वाद-विवाद त्यागें
सिंह · v
13:2315:38
शुभ कालसमस्त शुभ कार्य
कन्या · vi
15:3817:56
अग्नि पञ्चकअग्नि कार्य त्यागें
तुला · vii
17:5620:14
शुभ कालसमस्त शुभ कार्य
वृश्चिक · viii
06

आनन्दादि योग

वार-नक्षत्र पर आधारित २८ योग
प्रत्येक वार-नक्षत्र संयोग एक आनन्दादि योग बनाता है।
वर्तमान योग
धूम्र
परिवर्तन11:25
अगला योग
धाता
आडलअनुपस्थित
विडालअनुपस्थित
तत्त्वजीवनमजल
07

दिशा-शूल · वास

दिशा-नियंत्रण
आज किस दिशा में यात्रा त्याज्य, और प्रमुख देवताओं का वास।
उत्तरईशानपूर्वआग्नेयदक्षिणनैऋत्यपश्चिमवायव्य
यात्रा त्यागें
पूर्व
दिशा-शूल
पूर्व
यात्रा त्यागें
होमाहुति
अनुपलब्ध
अग्नि देव
नक्षत्र-शूल
उत्तर
नक्षत्रानुसार
राहु वास
ईशान
तिथि-आधारित
अग्नि वास
पृथ्वी
शुभ
भद्रा वास
स्वर्ग
शुभ
शिव वास
वृषभ
शुभ
चन्द्र वास
पश्चिम
चन्द्र दिशा
कुम्भ चक्र
मृत्यु
त्याज्य
08

चन्द्र-तारा बलम

राशि-नक्षत्र शुभाशुभ
किन राशियों एवं नक्षत्रों के लिए आज का काल अनुकूल है।

चन्द्र बलम

राशि-शुभाशुभ
शुभ राशियाँ — आज
मेषमिथुनसिंहकन्याधनुमकर
⊝ अष्टम चन्द्र · वृश्चिक राशि — विशेष सावधानी

तारा बलम

नक्षत्र-शुभाशुभ
शुभ नक्षत्र — आज
भरणीरोहिणीआर्द्रापुष्यआश्लेषापूर्व फाल्गुनीहस्तस्वातिअनुराधाज्येष्ठापूर्वाषाढ़ाश्रवणशतभिषाउत्तरभाद्रपद
09

सूर्य-चन्द्र विवरण

ज्योतिर्मय गणना
दोनों ज्योतिर्धरों की राशि, नक्षत्र, पाद, देशान्तर, गति, कला।

सूर्य

सौर ज्योतिर्धर
राशि
मेष
समस्त दिवस
नक्षत्र
कृत्तिका
1 पाद
देशान्तर
28°29'13"
28.49° सायन
गति
0.9653°
प्रति दिवस

चन्द्र

चन्द्र ज्योतिर्धर
राशि
मिथुन
चन्द्र राशि
नक्षत्र
पुनर्वसु
3 पाद
गति
12.5624°
प्रति दिवस
देशान्तर
89°39'57"
89.67° सायन
कला — वृद्धिक्रम
26%
शुक्ल पक्ष · शुक्ल षष्ठी
10

मास · ऋतु · अयन

पक्ष एवं काल विवरण
पूर्णिमान्त एवं अमान्त मास, सौर प्रविष्टे, दृक एवं वैदिक ऋतु, अयन।
पक्ष
शुक्ल
वृद्धिक्रम
मास — पूर्णिमान्त
वैशाख
उत्तर भारतीय
मास — अमान्त
वैशाख
दक्षिण भारतीय
प्रविष्टे
30
सौर दिवस
अधिक मास
नहीं
सामान्य
दृक ऋतु
ग्रीष्म
सौर-आधारित
वैदिक ऋतु
वसन्त
चान्द्र-आधारित
दृक अयन
उत्तरायण
सायन
वैदिक अयन
उत्तरायण
निरयन
11

संवत्सर · काल-गणना

विक्रम · शक · गुजराती
विक्रम, शक, गुजराती संवत्, कलियुग वर्ष, अहर्गण, अयनांश, जूलियन दिवस।
विक्रम संवत्
2081
पिंगल
शक संवत्
1946
क्रोधी
गुजराती संवत्
2080
राक्षस
कलियुग वर्ष
5,125
/ ४,३२,०००
कलि अहर्गण
18,71,978
दिवस
लाहिड़ी अयनांश
24°12'15"
24.20416°
जूलियन दिवस
24,60,443
JD
संशोधित JD
60,443
MJD
जूलियन (पुरातन)
30 अप्रैल
2024
राष्ट्रीय सिविल
वैशाख 23
शक 1946
राष्ट्रीय निरयन
चैत्र 30
सौर
रात्रिदिए (R.D.)
7,39,019
proleptic
शक चक्र
चक्र 33
६० वर्ष
12

संवत्सर के दश अधिकारी

मन्त्री मण्डल
वर्ष-संचालन में दश ग्रह — राजा, मन्त्री, सेनाधिपति, मेघाधिपति आदि।
राजामन्त्रीसेनामेघसस्यधान्यफलरसधननिरस
वर्ष-राजा
शनि
राजा
शनि
मन्त्री
सूर्य
सेनाधिपति
चन्द्र
मेघाधिपति
मङ्गल
सस्याधिपति
बुध
धान्याधिपति
गुरु
फलाधिपति
शुक्र
रसाधिपति
सूर्य
धनाधिपति
शनि
निरसाधिपति
चन्द्र
13

संक्रमण

आगामी अन्त्य काल
तिथि, नक्षत्र, योग, करण के आगामी तीन परिवर्तन।

तिथि

अब
शुक्ल षष्ठी
02:50
अगला
शुक्ल सप्तमी
04:19
+ २
शुक्ल अष्टमी

नक्षत्र

अब
पुनर्वसु
11:25
अगला
पुष्य
13:06
+ २
आश्लेषा

योग

अब
शूल
07:43
अगला
गंड
07:27
+ २
वृद्धि

करण

अब
कौलव
14:22
अगला
तैतिल
02:50
+ २
गर
दिल्लीमुंबईकोलकाताचेन्नईबेंगलुरुहैदराबादअहमदाबादपुणेजयपुरलखनऊवाराणसीप्रयागराजहरिद्वारउज्जैनमथुराअयोध्यापटनाइंदौर
गणना इंजन
JPL DE441 · दृक् (वेधसिद्ध)
अयनांश
लाहिड़ी · चित्रापक्ष · 24°12'15"
सूर्योदय परिभाषा
उत्तरबिम्ब · वायुमण्डल संशोधित
ॐ    तत्    सत्