ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
Naraini, मध्य प्रदेश

Naraini — पंचांग

17 सितंबर 2025, बुधवार

सूर्योदय
05:55
सूर्यास्त
18:10
चंद्रोदय
01:23
चंद्रास्त
15:31
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सितंबर 2025 — मासिक पंचांग

सर्वार्थ सिद्धि योग
17 सितंबर 2025, बुधवार को सर्वार्थ सिद्धि योग है — सभी शुभ कार्यों के लिए उत्तम दिन

पंचांग — पाँच अंग

तिथि
कृष्ण एकादशी
00:00 तक
अगली: कृष्ण द्वादशी
प्रगति24%
नक्षत्र
पुनर्वसु (4 पाद)
06:26 तक
अगली: पुष्य
स्वामी: बृहस्पति
योग
परिघ
00:00 तक
अगला: शिव
अशुभ
करण
बव
00:00 तक
अगला: बालव
शुभ
वार
बुधवार

पंचांग सार

तिथि
कृष्ण एकादशी· 00:00 तक
कृष्ण द्वादशी
नक्षत्र
पुनर्वसु · पद 4· 06:26 तक
पुष्य
योग
परिघ· 00:00 तक
शिव
करण
बव· 00:00 तक
बालव
वार
बुधवार
पक्ष
कृष्ण पक्ष

ग्रह स्थिति

सूर्य
राशिकन्या
नक्षत्रउत्तर फाल्गुनी
पद2
देशांतर150°10'19"
चन्द्रमा
राशिकर्क
नक्षत्रपुनर्वसु
पद4
देशांतर93°02'23"

राशि

चंद्र राशि
कर्क
सूर्य राशि
कन्या

Naraini — शुभ-अशुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:19 — 05:07
प्रातः सन्ध्या
05:07 — 06:43
सूर्योदय
05:55
अभिजित मुहूर्त
11:38 — 12:26
अमृत कालविशेष
07:27 — 08:59
विजय मुहूर्त
15:43 — 16:32
गोधूलि मुहूर्त
17:46 — 18:34
सूर्यास्त
18:10
सायाह्न सन्ध्या
18:13 — 19:22
निशिता मुहूर्त
23:38 — 00:26
राहु काल
12:02 — 13:34
यमगंड काल
05:55 — 07:27
गुलिक काल
10:31 — 12:02
प्रथम दुर्मुहूर्त
10:31 — 11:16
चंद्रोदय
01:23
चंद्रास्त
15:31
मध्याह्न
12:02
सर्वार्थ सिद्धि योगसम्पूर्ण दिन

हिन्दू पंचांग — संवत् एवं मास

चन्द्र माह (पूर्णिमान्त)
कार्तिक
चन्द्र माह (अमान्त)
आश्विन
पक्ष
कृष्ण पक्ष
विक्रम संवत्
2082
शक संवत्
1947
गुजराती संवत्
2080

नक्षत्र विस्तार

नक्षत्र पद
पद 4
पुनर्वसु
नक्षत्र स्वामी
बृहस्पति
नक्षत्र देवता
अदिति
सूर्य नक्षत्र
उत्तर फाल्गुनी
पद 2स्वामी: सूर्य

ऋतु एवं अयन

वैदिक ऋतु
शरद
द्रिक ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

दिनमान एवं रात्रिमान

दिनमान
12 घण्टे 15 मिनट 11 सेकण्ड
30 घटी 38 पल
रात्रिमान
11 घण्टे 44 मिनट 49 सेकण्ड
29 घटी 22 पल
मध्याह्न (सौर)
12:02
सूर्य का उच्चतम बिन्दु

दिन का चौघड़िया — 17 सितंबर 2025, बुधवार

अमृतशुभलाभचरकालउद्वेगरोग
05:5507:27
लाभ
व्यापार, धन लेनदेन, नौकरी
07:2708:59
अमृत
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह
08:5910:31
काल
महत्वपूर्ण निर्णय टालें
10:3112:02
शुभ
विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य
12:0213:34
रोग
स्वास्थ्य निर्णय टालें
13:3415:06
उद्वेग
नया काम प्रारंभ न करें
15:0616:38
चर
यात्रा, वाहन चालन
16:3818:10
लाभ
व्यापार, धन लेनदेन, नौकरी

रात का चौघड़िया

18:1019:38
लाभ
व्यापार, धन लेनदेन, नौकरी
19:3821:06
अमृत
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह
21:0622:34
काल
महत्वपूर्ण निर्णय टालें
22:3400:02
शुभ
विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य
00:0201:31
रोग
स्वास्थ्य निर्णय टालें
01:3102:59
उद्वेग
नया काम प्रारंभ न करें
02:5904:27
चर
यात्रा, वाहन चालन
04:2705:55
लाभ
व्यापार, धन लेनदेन, नौकरी

Naraini पंचांग — सितंबर 2025

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अन्य शहरों का पंचांग — 17 सितंबर 2025, बुधवार

दिल्लीमुंबईकोलकाताचेन्नईबेंगलुरुहैदराबादअहमदाबादपुणेजयपुरलखनऊवाराणसीप्रयागराज

Naraini पंचांग — 17 सितंबर 2025, बुधवार

Naraini (मध्य प्रदेश) के लिए 17 सितंबर 2025, बुधवार का सम्पूर्ण हिन्दू पंचांग यहाँ प्रस्तुत है। पंचांग के पाँच अंग — तिथि, नक्षत्र, योग, करण और वार — के साथ-साथ सूर्योदय, सूर्यास्त, चंद्रोदय, राहु काल, यमगंड काल, गुलिक काल, ब्रह्म मुहूर्त, अभिजित मुहूर्त और चौघड़िया की सटीक जानकारी दी गई है।

यह पंचांग Naraini के अक्षांश-देशांतर के अनुसार खगोलीय गणना पर आधारित है, जिससे सूर्योदय और अन्य समय स्थानीय रूप से सटीक हैं। किसी भी शुभ कार्य, पूजा, व्रत या मुहूर्त के लिए अपने शहर का पंचांग अवश्य देखें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

Naraini में 17 सितंबर 2025, बुधवार को सूर्योदय कब है?

Naraini में 17 सितंबर 2025, बुधवार को सूर्योदय 05:55 बजे और सूर्यास्त 18:10 बजे है। ये समय खगोलीय गणना के आधार पर सटीक हैं।

Naraini में 17 सितंबर 2025, बुधवार को राहु काल कब है?

Naraini में 17 सितंबर 2025, बुधवार को राहु काल 12:02 से 13:34 तक है। इस समय नए कार्य प्रारंभ न करें।

Naraini में 17 सितंबर 2025, बुधवार को तिथि क्या है?

Naraini में 17 सितंबर 2025, बुधवार को कृष्ण एकादशी तिथि है।

पंचांग के पाँच अंग कौन से हैं?

पंचांग के पाँच अंग हैं — तिथि (चंद्र दिन), नक्षत्र (चंद्र मंडल), योग (सूर्य-चंद्र संयोग), करण (अर्ध-तिथि) और वार (सप्ताह का दिन)। ये पाँचों मिलकर किसी भी दिन की शुभता निर्धारित करते हैं।

अभिजित मुहूर्त किसे कहते हैं?

अभिजित मुहूर्त दिन का सबसे शुभ समय है, जो सौर मध्याह्न (solar noon) के आसपास 48 मिनट का होता है। बृहत्संहिता के अनुसार यह दिन का आठवाँ मुहूर्त है।