ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
Pānsemāl, मध्य प्रदेश

Pānsemāl — पंचांग

14 फरवरी 2025, शुक्रवार

सूर्योदय
07:03
सूर्यास्त
18:28
चंद्रोदय
20:06
चंद्रास्त
08:06
← पिछला दिनआज का पंचांगअगला दिन →

फरवरी 2025 — मासिक पंचांग

पंचांग — पाँच अंग

तिथि
कृष्ण द्वितीया
21:53 तक
अगली: कृष्ण तृतीया
प्रगति42%
नक्षत्र
पूर्व फाल्गुनी (2 पाद)
23:09 तक
अगली: उत्तर फाल्गुनी
स्वामी: शुक्र
योग
अतिगंड
07:19 तक
अगला: सुकर्मा
अशुभ
करण
तैतिल
09:03 तक
अगला: गर
शुभ
वार
शुक्रवार

पंचांग सार

तिथि
कृष्ण द्वितीया· 21:53 तक
कृष्ण तृतीया
नक्षत्र
पूर्व फाल्गुनी · पद 2· 23:09 तक
उत्तर फाल्गुनी
योग
अतिगंड· 07:19 तक
सुकर्मा
करण
तैतिल· 09:03 तक
गर
वार
शुक्रवार
पक्ष
कृष्ण पक्ष

ग्रह स्थिति

सूर्य
राशिकुम्भ
नक्षत्रधनिष्ठा
पद3
देशांतर301°23'53"
चन्द्रमा
राशिसिंह
नक्षत्रपूर्व फाल्गुनी
पद2
देशांतर138°26'38"

राशि

चंद्र राशि
सिंह
सूर्य राशि
कुम्भ

Pānsemāl — शुभ-अशुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:27 — 06:15
प्रातः सन्ध्या
06:15 — 07:51
सूर्योदय
07:03
अभिजित मुहूर्त
12:21 — 13:09
अमृत कालविशेष
09:54 — 11:20
विजय मुहूर्त
16:11 — 16:57
गोधूलि मुहूर्त
18:04 — 18:52
सूर्यास्त
18:28
सायाह्न सन्ध्या
18:31 — 19:40
निशिता मुहूर्त
00:21 — 01:09
राहु काल
11:20 — 12:45
यमगंड काल
15:37 — 17:03
गुलिक काल
08:28 — 09:54
प्रथम दुर्मुहूर्त
09:11 — 09:54
द्वितीय दुर्मुहूर्त
11:20 — 12:03
चंद्रोदय
20:06
चंद्रास्त
08:06
मध्याह्न
12:45

हिन्दू पंचांग — संवत् एवं मास

चन्द्र माह (पूर्णिमान्त)
चैत्र
चन्द्र माह (अमान्त)
फाल्गुन
पक्ष
कृष्ण पक्ष
विक्रम संवत्
2082
शक संवत्
1946
गुजराती संवत्
2080

नक्षत्र विस्तार

नक्षत्र पद
पद 2
पूर्व फाल्गुनी
नक्षत्र स्वामी
शुक्र
नक्षत्र देवता
भग
सूर्य नक्षत्र
धनिष्ठा
पद 3स्वामी: मंगल

ऋतु एवं अयन

वैदिक ऋतु
वसन्त
द्रिक ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

दिनमान एवं रात्रिमान

दिनमान
11 घण्टे 25 मिनट 36 सेकण्ड
28 घटी 34 पल
रात्रिमान
12 घण्टे 34 मिनट 24 सेकण्ड
31 घटी 26 पल
मध्याह्न (सौर)
12:45
सूर्य का उच्चतम बिन्दु

दिन का चौघड़िया — 14 फरवरी 2025, शुक्रवार

अमृतशुभलाभचरकालउद्वेगरोग
07:0308:28
चर
यात्रा, वाहन चालन
08:2809:54
लाभ
व्यापार, धन लेनदेन, नौकरी
09:5411:20
अमृत
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह
11:2012:45
काल
महत्वपूर्ण निर्णय टालें
12:4514:11
शुभ
विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य
14:1115:37
रोग
स्वास्थ्य निर्णय टालें
15:3717:03
उद्वेग
नया काम प्रारंभ न करें
17:0318:28
चर
यात्रा, वाहन चालन

रात का चौघड़िया

18:2820:03
रोग
स्वास्थ्य निर्णय टालें
20:0321:37
उद्वेग
नया काम प्रारंभ न करें
21:3723:11
चर
यात्रा, वाहन चालन
23:1100:45
लाभ
व्यापार, धन लेनदेन, नौकरी
00:4502:20
अमृत
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह
02:2003:54
काल
महत्वपूर्ण निर्णय टालें
03:5405:28
शुभ
विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य
05:2807:03
रोग
स्वास्थ्य निर्णय टालें

Pānsemāl पंचांग — फरवरी 2025

12345678910111213141516171819202122232425262728

अन्य शहरों का पंचांग — 14 फरवरी 2025, शुक्रवार

दिल्लीमुंबईकोलकाताचेन्नईबेंगलुरुहैदराबादअहमदाबादपुणेजयपुरलखनऊवाराणसीप्रयागराज

Pānsemāl पंचांग — 14 फरवरी 2025, शुक्रवार

Pānsemāl (मध्य प्रदेश) के लिए 14 फरवरी 2025, शुक्रवार का सम्पूर्ण हिन्दू पंचांग यहाँ प्रस्तुत है। पंचांग के पाँच अंग — तिथि, नक्षत्र, योग, करण और वार — के साथ-साथ सूर्योदय, सूर्यास्त, चंद्रोदय, राहु काल, यमगंड काल, गुलिक काल, ब्रह्म मुहूर्त, अभिजित मुहूर्त और चौघड़िया की सटीक जानकारी दी गई है।

यह पंचांग Pānsemāl के अक्षांश-देशांतर के अनुसार खगोलीय गणना पर आधारित है, जिससे सूर्योदय और अन्य समय स्थानीय रूप से सटीक हैं। किसी भी शुभ कार्य, पूजा, व्रत या मुहूर्त के लिए अपने शहर का पंचांग अवश्य देखें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

Pānsemāl में 14 फरवरी 2025, शुक्रवार को सूर्योदय कब है?

Pānsemāl में 14 फरवरी 2025, शुक्रवार को सूर्योदय 07:03 बजे और सूर्यास्त 18:28 बजे है। ये समय खगोलीय गणना के आधार पर सटीक हैं।

Pānsemāl में 14 फरवरी 2025, शुक्रवार को राहु काल कब है?

Pānsemāl में 14 फरवरी 2025, शुक्रवार को राहु काल 11:20 से 12:45 तक है। इस समय नए कार्य प्रारंभ न करें।

Pānsemāl में 14 फरवरी 2025, शुक्रवार को तिथि क्या है?

Pānsemāl में 14 फरवरी 2025, शुक्रवार को कृष्ण द्वितीया तिथि है।

पंचांग के पाँच अंग कौन से हैं?

पंचांग के पाँच अंग हैं — तिथि (चंद्र दिन), नक्षत्र (चंद्र मंडल), योग (सूर्य-चंद्र संयोग), करण (अर्ध-तिथि) और वार (सप्ताह का दिन)। ये पाँचों मिलकर किसी भी दिन की शुभता निर्धारित करते हैं।

अभिजित मुहूर्त किसे कहते हैं?

अभिजित मुहूर्त दिन का सबसे शुभ समय है, जो सौर मध्याह्न (solar noon) के आसपास 48 मिनट का होता है। बृहत्संहिता के अनुसार यह दिन का आठवाँ मुहूर्त है।