ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
Prāntij, गुजरात

Prāntij — पंचांग

12 दिसंबर 2026, शनिवार

सूर्योदय
07:11
सूर्यास्त
17:54
चंद्रोदय
09:45
चंद्रास्त
20:41
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दिसंबर 2026 — मासिक पंचांग

सर्वार्थ सिद्धि योग
12 दिसंबर 2026, शनिवार को सर्वार्थ सिद्धि योग है — सभी शुभ कार्यों के लिए उत्तम दिन

पंचांग — पाँच अंग

तिथि
शुक्ल तृतीया
14:07 तक
अगली: शुक्ल चतुर्थी
प्रगति74%
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा (1 पाद)
00:00 तक
अगली: श्रवण
स्वामी: सूर्य
योग
वृद्धि
11:15 तक
अगला: ध्रुव
शुभ
करण
गर
00:00 तक
अगला: वणिज
शुभ
वार
शनिवार

पंचांग सार

तिथि
शुक्ल तृतीया· 14:07 तक
शुक्ल चतुर्थी
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा · पद 1· 00:00 तक
श्रवण
योग
वृद्धि· 11:15 तक
ध्रुव
करण
गर· 00:00 तक
वणिज
वार
शनिवार
पक्ष
शुक्ल पक्ष

ग्रह स्थिति

सूर्य
राशिवृश्चिक
नक्षत्रज्येष्ठा
पद3
देशांतर235°48'02"
चन्द्रमा
राशिधनु
नक्षत्रउत्तराषाढ़ा
पद1
देशांतर268°40'60"

राशि

चंद्र राशि
धनु
सूर्य राशि
वृश्चिक

Prāntij — शुभ-अशुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:35 — 06:23
प्रातः सन्ध्या
06:23 — 07:59
सूर्योदय
07:11
अभिजित मुहूर्त
12:08 — 12:56
अमृत कालविशेष
15:13 — 16:33
विजय मुहूर्त
15:45 — 16:28
गोधूलि मुहूर्त
17:30 — 18:18
सूर्यास्त
17:54
सायाह्न सन्ध्या
17:57 — 19:06
निशिता मुहूर्त
00:08 — 00:56
राहु काल
09:51 — 11:12
यमगंड काल
13:53 — 15:13
गुलिक काल
07:11 — 08:31
प्रथम दुर्मुहूर्त
09:51 — 10:32
द्वितीय दुर्मुहूर्त
15:13 — 15:53
चंद्रोदय
09:45
चंद्रास्त
20:41
मध्याह्न
12:32
सर्वार्थ सिद्धि योगसम्पूर्ण दिन

हिन्दू पंचांग — संवत् एवं मास

चन्द्र माह (पूर्णिमान्त)
मार्गशीर्ष
चन्द्र माह (अमान्त)
मार्गशीर्ष
पक्ष
शुक्ल पक्ष
विक्रम संवत्
2083
शक संवत्
1948
गुजराती संवत्
2082

नक्षत्र विस्तार

नक्षत्र पद
पद 1
उत्तराषाढ़ा
नक्षत्र स्वामी
सूर्य
नक्षत्र देवता
विश्वेदेव
सूर्य नक्षत्र
ज्येष्ठा
पद 3स्वामी: बुध

ऋतु एवं अयन

वैदिक ऋतु
हेमन्त
द्रिक ऋतु
हेमन्त
अयन
दक्षिणायन

दिनमान एवं रात्रिमान

दिनमान
10 घण्टे 43 मिनट 04 सेकण्ड
26 घटी 48 पल
रात्रिमान
13 घण्टे 16 मिनट 56 सेकण्ड
33 घटी 12 पल
मध्याह्न (सौर)
12:32
सूर्य का उच्चतम बिन्दु

दिन का चौघड़िया — 12 दिसंबर 2026, शनिवार

अमृतशुभलाभचरकालउद्वेगरोग
07:1108:31
काल
महत्वपूर्ण निर्णय टालें
08:3109:51
शुभ
विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य
09:5111:12
रोग
स्वास्थ्य निर्णय टालें
11:1212:32
उद्वेग
नया काम प्रारंभ न करें
12:3213:53
चर
यात्रा, वाहन चालन
13:5315:13
लाभ
व्यापार, धन लेनदेन, नौकरी
15:1316:33
अमृत
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह
16:3317:54
काल
महत्वपूर्ण निर्णय टालें

रात का चौघड़िया

17:5419:33
उद्वेग
नया काम प्रारंभ न करें
19:3321:13
चर
यात्रा, वाहन चालन
21:1322:53
लाभ
व्यापार, धन लेनदेन, नौकरी
22:5300:32
अमृत
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह
00:3202:12
काल
महत्वपूर्ण निर्णय टालें
02:1203:51
शुभ
विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य
03:5105:31
रोग
स्वास्थ्य निर्णय टालें
05:3107:11
उद्वेग
नया काम प्रारंभ न करें

Prāntij पंचांग — दिसंबर 2026

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अन्य शहरों का पंचांग — 12 दिसंबर 2026, शनिवार

दिल्लीमुंबईकोलकाताचेन्नईबेंगलुरुहैदराबादअहमदाबादपुणेजयपुरलखनऊवाराणसीप्रयागराज

Prāntij पंचांग — 12 दिसंबर 2026, शनिवार

Prāntij (गुजरात) के लिए 12 दिसंबर 2026, शनिवार का सम्पूर्ण हिन्दू पंचांग यहाँ प्रस्तुत है। पंचांग के पाँच अंग — तिथि, नक्षत्र, योग, करण और वार — के साथ-साथ सूर्योदय, सूर्यास्त, चंद्रोदय, राहु काल, यमगंड काल, गुलिक काल, ब्रह्म मुहूर्त, अभिजित मुहूर्त और चौघड़िया की सटीक जानकारी दी गई है।

यह पंचांग Prāntij के अक्षांश-देशांतर के अनुसार खगोलीय गणना पर आधारित है, जिससे सूर्योदय और अन्य समय स्थानीय रूप से सटीक हैं। किसी भी शुभ कार्य, पूजा, व्रत या मुहूर्त के लिए अपने शहर का पंचांग अवश्य देखें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

Prāntij में 12 दिसंबर 2026, शनिवार को सूर्योदय कब है?

Prāntij में 12 दिसंबर 2026, शनिवार को सूर्योदय 07:11 बजे और सूर्यास्त 17:54 बजे है। ये समय खगोलीय गणना के आधार पर सटीक हैं।

Prāntij में 12 दिसंबर 2026, शनिवार को राहु काल कब है?

Prāntij में 12 दिसंबर 2026, शनिवार को राहु काल 09:51 से 11:12 तक है। इस समय नए कार्य प्रारंभ न करें।

Prāntij में 12 दिसंबर 2026, शनिवार को तिथि क्या है?

Prāntij में 12 दिसंबर 2026, शनिवार को शुक्ल तृतीया तिथि है।

पंचांग के पाँच अंग कौन से हैं?

पंचांग के पाँच अंग हैं — तिथि (चंद्र दिन), नक्षत्र (चंद्र मंडल), योग (सूर्य-चंद्र संयोग), करण (अर्ध-तिथि) और वार (सप्ताह का दिन)। ये पाँचों मिलकर किसी भी दिन की शुभता निर्धारित करते हैं।

अभिजित मुहूर्त किसे कहते हैं?

अभिजित मुहूर्त दिन का सबसे शुभ समय है, जो सौर मध्याह्न (solar noon) के आसपास 48 मिनट का होता है। बृहत्संहिता के अनुसार यह दिन का आठवाँ मुहूर्त है।