ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
प्रयागराज, उत्तर प्रदेश

प्रयागराज — पंचांग

30 अप्रैल 2027, शुक्रवार

सूर्योदय
05:28
सूर्यास्त
18:33
चंद्रोदय
01:31
चंद्रास्त
12:58
← पिछला दिनआज का पंचांगअगला दिन →

अप्रैल 2027 — मासिक पंचांग

पंचक चल रहा है
पंचक काल में शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं

पंचांग — पाँच अंग

तिथि
कृष्ण नवमी
17:15 तक
अगली: कृष्ण दशमी
प्रगति51%
नक्षत्र
धनिष्ठा (2 पाद)
23:10 तक
अगली: शतभिषा
स्वामी: मंगल
योग
शुक्ल
18:24 तक
अगला: ब्रह्म
शुभ
करण
गर
00:00 तक
अगला: वणिज
शुभ
वार
शुक्रवार

पंचांग सार

तिथि
कृष्ण नवमी· 17:15 तक
कृष्ण दशमी
नक्षत्र
धनिष्ठा · पद 2· 23:10 तक
शतभिषा
योग
शुक्ल· 18:24 तक
ब्रह्म
करण
गर· 00:00 तक
वणिज
वार
शुक्रवार
पक्ष
कृष्ण पक्ष

ग्रह स्थिति

सूर्य
राशिमेष
नक्षत्रभरणी
पद1
देशांतर15°10'01"
चन्द्रमा
राशिमकर
नक्षत्रधनिष्ठा
पद2
देशांतर297°17'41"

राशि

चंद्र राशि
मकर
सूर्य राशि
मेष

प्रयागराज — शुभ-अशुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:52 — 04:40
प्रातः सन्ध्या
04:40 — 06:16
सूर्योदय
05:28
अभिजित मुहूर्त
11:36 — 12:24
अमृत कालविशेष
08:44 — 10:22
विजय मुहूर्त
15:56 — 16:48
गोधूलि मुहूर्त
18:09 — 18:57
सूर्यास्त
18:33
सायाह्न सन्ध्या
18:36 — 19:45
निशिता मुहूर्त
23:36 — 00:24
राहु काल
10:22 — 12:00
यमगंड काल
15:16 — 16:54
गुलिक काल
07:06 — 08:44
प्रथम दुर्मुहूर्त
07:55 — 08:44
द्वितीय दुर्मुहूर्त
10:22 — 11:11
चंद्रोदय
01:31
चंद्रास्त
12:58
मध्याह्न
12:00

हिन्दू पंचांग — संवत् एवं मास

चन्द्र माह (पूर्णिमान्त)
ज्येष्ठ
चन्द्र माह (अमान्त)
वैशाख
पक्ष
कृष्ण पक्ष
विक्रम संवत्
2084
शक संवत्
1949
गुजराती संवत्
2082

नक्षत्र विस्तार

नक्षत्र पद
पद 2
धनिष्ठा
नक्षत्र स्वामी
मंगल
नक्षत्र देवता
वसु
सूर्य नक्षत्र
भरणी
पद 1स्वामी: शुक्र

ऋतु एवं अयन

वैदिक ऋतु
ग्रीष्म
द्रिक ऋतु
वसन्त
अयन
उत्तरायण

दिनमान एवं रात्रिमान

दिनमान
13 घण्टे 05 मिनट 01 सेकण्ड
32 घटी 43 पल
रात्रिमान
10 घण्टे 54 मिनट 59 सेकण्ड
27 घटी 17 पल
मध्याह्न (सौर)
12:00
सूर्य का उच्चतम बिन्दु

दिन का चौघड़िया — 30 अप्रैल 2027, शुक्रवार

अमृतशुभलाभचरकालउद्वेगरोग
05:2807:06
चर
यात्रा, वाहन चालन
07:0608:44
लाभ
व्यापार, धन लेनदेन, नौकरी
08:4410:22
अमृत
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह
10:2212:00
काल
महत्वपूर्ण निर्णय टालें
12:0013:38
शुभ
विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य
13:3815:16
रोग
स्वास्थ्य निर्णय टालें
15:1616:54
उद्वेग
नया काम प्रारंभ न करें
16:5418:33
चर
यात्रा, वाहन चालन

रात का चौघड़िया

18:3319:54
रोग
स्वास्थ्य निर्णय टालें
19:5421:16
उद्वेग
नया काम प्रारंभ न करें
21:1622:38
चर
यात्रा, वाहन चालन
22:3800:00
लाभ
व्यापार, धन लेनदेन, नौकरी
00:0001:22
अमृत
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह
01:2202:44
काल
महत्वपूर्ण निर्णय टालें
02:4404:06
शुभ
विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य
04:0605:28
रोग
स्वास्थ्य निर्णय टालें

प्रयागराज पंचांग — अप्रैल 2027

123456789101112131415161718192021222324252627282930

अन्य शहरों का पंचांग — 30 अप्रैल 2027, शुक्रवार

दिल्लीमुंबईकोलकाताचेन्नईबेंगलुरुहैदराबादअहमदाबादपुणेजयपुरलखनऊवाराणसीहरिद्वार

प्रयागराज पंचांग — 30 अप्रैल 2027, शुक्रवार

प्रयागराज (उत्तर प्रदेश) के लिए 30 अप्रैल 2027, शुक्रवार का सम्पूर्ण हिन्दू पंचांग यहाँ प्रस्तुत है। पंचांग के पाँच अंग — तिथि, नक्षत्र, योग, करण और वार — के साथ-साथ सूर्योदय, सूर्यास्त, चंद्रोदय, राहु काल, यमगंड काल, गुलिक काल, ब्रह्म मुहूर्त, अभिजित मुहूर्त और चौघड़िया की सटीक जानकारी दी गई है।

यह पंचांग प्रयागराज के अक्षांश-देशांतर के अनुसार खगोलीय गणना पर आधारित है, जिससे सूर्योदय और अन्य समय स्थानीय रूप से सटीक हैं। किसी भी शुभ कार्य, पूजा, व्रत या मुहूर्त के लिए अपने शहर का पंचांग अवश्य देखें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रयागराज में 30 अप्रैल 2027, शुक्रवार को सूर्योदय कब है?

प्रयागराज में 30 अप्रैल 2027, शुक्रवार को सूर्योदय 05:28 बजे और सूर्यास्त 18:33 बजे है। ये समय खगोलीय गणना के आधार पर सटीक हैं।

प्रयागराज में 30 अप्रैल 2027, शुक्रवार को राहु काल कब है?

प्रयागराज में 30 अप्रैल 2027, शुक्रवार को राहु काल 10:22 से 12:00 तक है। इस समय नए कार्य प्रारंभ न करें।

प्रयागराज में 30 अप्रैल 2027, शुक्रवार को तिथि क्या है?

प्रयागराज में 30 अप्रैल 2027, शुक्रवार को कृष्ण नवमी तिथि है।

पंचांग के पाँच अंग कौन से हैं?

पंचांग के पाँच अंग हैं — तिथि (चंद्र दिन), नक्षत्र (चंद्र मंडल), योग (सूर्य-चंद्र संयोग), करण (अर्ध-तिथि) और वार (सप्ताह का दिन)। ये पाँचों मिलकर किसी भी दिन की शुभता निर्धारित करते हैं।

अभिजित मुहूर्त किसे कहते हैं?

अभिजित मुहूर्त दिन का सबसे शुभ समय है, जो सौर मध्याह्न (solar noon) के आसपास 48 मिनट का होता है। बृहत्संहिता के अनुसार यह दिन का आठवाँ मुहूर्त है।