ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
PAURANIK· सनातन पञ्चाङ्गम्
30°05'24"N · 78°16'12"E
दिनांक
आज
स्थान
समय क्षेत्र
GMT+5:30UTC +05:30
बुधवार — पञ्चाङ्ग गणना

11.4अप्रैल 2012

बुधवार · 11 अप्रैल 2012
बुध वार·कृष्ण पक्ष·वैशाख मास·संवत् 2069 विश्वावसु
ऋषिकेश
उत्तराखंड
30°05'24"N  78°16'12"E
GMT+5:30 · UTC +05:30
i.
तिथि
पंचमीकृष्ण पक्ष
08:21 तक
ii.
नक्षत्र
ज्येष्ठा3 पाद
12:24 तक
iii.
योग
वरीयानशुभ
15:58 तक
iv.
करण
तैतिल
08:21 तक
v.
वार
बुधवारबुध स्वामी
सूर्योदय 05:54

सूर्य आर्क

दिनमान · 12 घण्टे 47 मिनट
05:54सूर्योदय18:42सूर्यास्त12:18
अरुणोदय
04:18
मध्याह्न
12:18
दिनमान
12:47
प्रातः सन्धि
04:47

चन्द्र आर्क

रात्रिमान · 11 घण्टे 12 मिनट
23:56चन्द्रोदय09:25चन्द्रास्तकला ~76%
रात्रिमान
11:12
निशीथ
23:55
गोधूलि
18:40
कला
76%
01

शुभ — अशुभ काल

मुहूर्त निरीक्षण
दिन के शुभ और अशुभ काल — समस्त मुहूर्त एक ही स्थान पर।

शुभ मुहूर्त

अनुकूल काल
i
अभिजित मुहूर्तमध्याह्न का सर्वोत्तम काल
ii
ब्रह्म मुहूर्तध्यान-योग का काल
04:24 — 05:09
iii
विजय मुहूर्तविजय एवं सफलता
14:26 — 15:17
iv
गोधूलि मुहूर्तगृह-प्रवेश, विवाह
18:40 — 19:04
v
निशीथ मुहूर्तअर्धरात्रि पूजन
23:55 — 00:40
vi
प्रातः सन्ध्याप्रातः उपासना
04:47 — 05:54
vii
सायाह्न सन्ध्यासायं उपासना
18:42 — 19:49
viii
अमृत कालसर्व-सिद्धिकर
05:07 — 06:38
ix
अमृत चौघड़ियादिन का शुभ चौघड़िया
07:30 — 09:06
विशेष योग · आज सक्रिय
+
आनन्दादि — ध्वांक्षअशुभ
12:24 तक

अशुभ काल

त्याज्य काल
i
राहुकालनवीन कार्य त्यागें
12:18 — 13:54
ii
यमगण्डयात्रा त्यागें
07:30 — 09:06
iii
गुलिक कालशुभ कार्य रोकें
10:42 — 12:18
अन्य दोष · दर्शन
पञ्चकअनुपस्थित
गण्डमूलसक्रिय
सक्रिय
02

चौघड़िया

सोलह अंश · दिन-रात्रि चक्र
सूर्योदय से आठ दिन-चौघड़िया, सूर्यास्त से आठ रात्रि-चौघड़िया।
दिन ↑↓ रात्रिलाभअमृतकालशुभरोगउद्वेगचरलाभउद्वेगशुभअमृतचररोगकाललाभउद्वेग
वर्तमान
.
लाभ
05:54 — 07:30
दिन05:5418:42
1लाभबुध05:5407:30
2अमृतचंद्र07:3009:06
3कालशनि09:0610:42
4शुभबृहस्पति10:4212:18
5रोगमंगल12:1813:54
6उद्वेगसूर्य13:5415:30
7चरशुक्र15:3017:06
8लाभबुध17:0618:42
रात्रि18:42 → अगला सूर्योदय
1उद्वेगसूर्य18:4220:06
2शुभबृहस्पति20:0621:30
3अमृतचंद्र21:3022:54
4चरशुक्र22:5400:18
5रोगमंगल00:1801:41
6कालशनि01:4103:05
7लाभबुध03:0504:29
8उद्वेगसूर्य04:2905:53
03

होरा

चौबीस ग्रहाधिपति
सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चौबीस होरा, प्रत्येक का स्वामी।
वर्तमान होरा
बुध
05:54 — 06:58
iबुध05:54
iiचन्द्र06:58
iiiशनि08:02
ivगुरु09:06
vमङ्गल10:10
viसूर्य11:14
viiशुक्र12:18
viiiबुध13:22
ixचन्द्र14:26
xशनि15:30
xiगुरु16:34
xiiमङ्गल17:38
xiiiसूर्य18:42
xivशुक्र19:38
xvबुध20:34
xviचन्द्र21:30
xviiशनि22:26
xviiiगुरु23:22
xixमङ्गल00:18
xxसूर्य01:14
xxiशुक्र02:09
xxiiबुध03:05
xxiiiचन्द्र04:01
xxivशनि04:57
04

लग्न

द्वादश राशि · आरोह क्रम
दिन-रात्रि चक्र में पूर्व क्षितिज पर उदय होती द्वादश राशियाँ।
मेषवृषमिथुनकर्कसिंहकन्यातुलावृश्चिकधनुमकरकुम्भमीनiiiiiiivvviviiviiiixxxixii
वर्तमान लग्न
.
iमीन05:5406:06
iiमेष06:0607:39
iiiवृष07:3909:34
ivमिथुन09:3411:49
vकर्क11:4914:10
viसिंह14:1016:29
viiकन्या16:2918:47
viiiतुला18:4721:08
ixवृश्चिक21:0823:27
xधनु23:2701:31
xiमकर01:3103:12
xiiकुम्भ03:1204:38
05

पञ्चक रहित

लग्न-शुभाशुभ
प्रत्येक लग्न को शुभ या पञ्चक का गुण प्राप्त होता है — रोग, राज, अग्नि, चोर, मृत्यु।
05:5406:06
शुभ कालसमस्त शुभ कार्य
मीन · i
06:0607:39
मृत्यु पञ्चकयात्रा त्यागें
मेष · ii
07:3909:34
शुभ कालसमस्त शुभ कार्य
वृष · iii
09:3411:49
शुभ कालसमस्त शुभ कार्य
मिथुन · iv
11:4914:10
शुभ कालसमस्त शुभ कार्य
कर्क · v
14:1016:29
रोग पञ्चकस्वास्थ्य · चिकित्सा त्यागें
सिंह · vi
16:2918:47
शुभ कालसमस्त शुभ कार्य
कन्या · vii
18:4721:08
राज पञ्चकयात्रा · वाद-विवाद त्यागें
तुला · viii
06

आनन्दादि योग

वार-नक्षत्र पर आधारित २८ योग
प्रत्येक वार-नक्षत्र संयोग एक आनन्दादि योग बनाता है।
वर्तमान योग
ध्वांक्ष
परिवर्तन12:24
अगला योग
केतु
आडलअनुपस्थित
विडालअनुपस्थित
तत्त्वजीवनमजल
07

दिशा-शूल · वास

दिशा-नियंत्रण
आज किस दिशा में यात्रा त्याज्य, और प्रमुख देवताओं का वास।
उत्तरईशानपूर्वआग्नेयदक्षिणनैऋत्यपश्चिमवायव्य
यात्रा त्यागें
उत्तर
दिशा-शूल
उत्तर
यात्रा त्यागें
होमाहुति
अनुपलब्ध
अग्नि देव
नक्षत्र-शूल
उत्तर
नक्षत्रानुसार
राहु वास
अग्नि
तिथि-आधारित
अग्नि वास
पृथ्वी
शुभ
भद्रा वास
स्वर्ग
शुभ
शिव वास
वृषभ
शुभ
चन्द्र वास
उत्तर
चन्द्र दिशा
कुम्भ चक्र
शुभ
शुभ
08

चन्द्र-तारा बलम

राशि-नक्षत्र शुभाशुभ
किन राशियों एवं नक्षत्रों के लिए आज का काल अनुकूल है।

चन्द्र बलम

राशि-शुभाशुभ
शुभ राशियाँ — आज
वृषमिथुनकन्यावृश्चिकमकरकुम्भ
⊝ अष्टम चन्द्र · मेष राशि — विशेष सावधानी

तारा बलम

नक्षत्र-शुभाशुभ
शुभ नक्षत्र — आज
अश्विनीभरणीरोहिणीआर्द्रापुष्यमघापूर्व फाल्गुनीहस्तस्वातिअनुराधामूलपूर्वाषाढ़ाश्रवणशतभिषा
09

सूर्य-चन्द्र विवरण

ज्योतिर्मय गणना
दोनों ज्योतिर्धरों की राशि, नक्षत्र, पाद, देशान्तर, गति, कला।

सूर्य

सौर ज्योतिर्धर
राशि
मीन
समस्त दिवस
नक्षत्र
रेवती
4 पाद
देशान्तर
357°29'18"
357.49° सायन
गति
0.9808°
प्रति दिवस

चन्द्र

चन्द्र ज्योतिर्धर
राशि
वृश्चिक
चन्द्र राशि
नक्षत्र
ज्येष्ठा
3 पाद
गति
14.1372°
प्रति दिवस
देशान्तर
236°08'01"
236.13° सायन
कला — क्षयक्रम
76%
कृष्ण पक्ष · कृष्ण पंचमी
10

मास · ऋतु · अयन

पक्ष एवं काल विवरण
पूर्णिमान्त एवं अमान्त मास, सौर प्रविष्टे, दृक एवं वैदिक ऋतु, अयन।
पक्ष
कृष्ण
क्षयक्रम
मास — पूर्णिमान्त
वैशाख
उत्तर भारतीय
मास — अमान्त
चैत्र
दक्षिण भारतीय
प्रविष्टे
28
सौर दिवस
अधिक मास
नहीं
सामान्य
दृक ऋतु
वसन्त
सौर-आधारित
वैदिक ऋतु
वसन्त
चान्द्र-आधारित
दृक अयन
उत्तरायण
सायन
वैदिक अयन
उत्तरायण
निरयन
11

संवत्सर · काल-गणना

विक्रम · शक · गुजराती
विक्रम, शक, गुजराती संवत्, कलियुग वर्ष, अहर्गण, अयनांश, जूलियन दिवस।
विक्रम संवत्
2069
विश्वावसु
शक संवत्
1934
नन्दन
गुजराती संवत्
2068
शोभकृत
कलियुग वर्ष
5,113
/ ४,३२,०००
कलि अहर्गण
18,67,563
दिवस
लाहिड़ी अयनांश
24°02'07"
24.035312°
जूलियन दिवस
24,56,028
JD
संशोधित JD
56,028
MJD
जूलियन (पुरातन)
29 मार्च
2012
राष्ट्रीय सिविल
चैत्र 22
शक 1934
राष्ट्रीय निरयन
फाल्गुन 28
सौर
रात्रिदिए (R.D.)
7,34,604
proleptic
शक चक्र
चक्र 33
६० वर्ष
12

संवत्सर के दश अधिकारी

मन्त्री मण्डल
वर्ष-संचालन में दश ग्रह — राजा, मन्त्री, सेनाधिपति, मेघाधिपति आदि।
राजामन्त्रीसेनामेघसस्यधान्यफलरसधननिरस
वर्ष-राजा
बुध
राजा
बुध
मन्त्री
गुरु
सेनाधिपति
शुक्र
मेघाधिपति
शनि
सस्याधिपति
सूर्य
धान्याधिपति
चन्द्र
फलाधिपति
मङ्गल
रसाधिपति
गुरु
धनाधिपति
बुध
निरसाधिपति
शुक्र
13

संक्रमण

आगामी अन्त्य काल
तिथि, नक्षत्र, योग, करण के आगामी तीन परिवर्तन।

तिथि

अब
कृष्ण पंचमी
08:21
अगला
कृष्ण षष्ठी
06:17
+ २
कृष्ण सप्तमी

नक्षत्र

अब
ज्येष्ठा
12:24
अगला
मूल
11:12
+ २
पूर्वाषाढ़ा

योग

अब
वरीयान
15:58
अगला
परिघ
13:19
+ २
शिव

करण

अब
तैतिल
08:21
अगला
गर
19:15
+ २
वणिज
दिल्लीमुंबईकोलकाताचेन्नईबेंगलुरुहैदराबादअहमदाबादपुणेजयपुरलखनऊवाराणसीप्रयागराजहरिद्वारउज्जैनमथुराअयोध्यापटनाइंदौर
गणना इंजन
JPL DE441 · दृक् (वेधसिद्ध)
अयनांश
लाहिड़ी · चित्रापक्ष · 24°02'07"
सूर्योदय परिभाषा
उत्तरबिम्ब · वायुमण्डल संशोधित
ॐ    तत्    सत्