ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
PAURANIK· सनातन पञ्चाङ्गम्
30°05'24"N · 78°16'12"E
दिनांक
आज
स्थान
समय क्षेत्र
GMT+5:30UTC +05:30
शनिवार — पञ्चाङ्ग गणना

15.12दिसंबर 2012

शनिवार · 15 दिसंबर 2012
शनि वार·शुक्ल पक्ष·मार्गशीर्ष मास·संवत् 2069 विश्वावसु
ऋषिकेश
उत्तराखंड
30°05'24"N  78°16'12"E
GMT+5:30 · UTC +05:30
i.
तिथि
तृतीयाशुक्ल पक्ष
03:59 तक
ii.
नक्षत्र
पूर्वाषाढ़ा4 पाद
12:15 तक
iii.
योग
वृद्धिशुभ
12:46 तक
iv.
करण
तैतिल
17:27 तक
v.
वार
शनिवारशनि स्वामी
सूर्योदय 07:05

सूर्य आर्क

दिनमान · 10 घण्टे 13 मिनट
07:05सूर्योदय17:19सूर्यास्त12:12
अरुणोदय
05:29
मध्याह्न
12:12
दिनमान
10:13
प्रातः सन्धि
05:43

चन्द्र आर्क

रात्रिमान · 13 घण्टे 47 मिनट
08:46चन्द्रोदय19:39चन्द्रास्तकला ~4%
रात्रिमान
13:47
निशीथ
23:45
गोधूलि
17:17
कला
4%
01

शुभ — अशुभ काल

मुहूर्त निरीक्षण
दिन के शुभ और अशुभ काल — समस्त मुहूर्त एक ही स्थान पर।

शुभ मुहूर्त

अनुकूल काल
i
अभिजित मुहूर्तमध्याह्न का सर्वोत्तम काल
11:52 — 12:33
ii
ब्रह्म मुहूर्तध्यान-योग का काल
05:16 — 06:11
iii
विजय मुहूर्तविजय एवं सफलता
13:54 — 14:35
iv
गोधूलि मुहूर्तगृह-प्रवेश, विवाह
17:17 — 17:46
v
निशीथ मुहूर्तअर्धरात्रि पूजन
23:45 — 00:40
vi
प्रातः सन्ध्याप्रातः उपासना
05:43 — 07:05
vii
सायाह्न सन्ध्यासायं उपासना
17:19 — 18:42
viii
अमृत कालसर्व-सिद्धिकर
07:59 — 09:24
ix
अमृत चौघड़ियादिन का शुभ चौघड़िया
14:45 — 16:02
विशेष योग · आज सक्रिय
+
आनन्दादि — राक्षसअशुभ
12:15 तक

अशुभ काल

त्याज्य काल
i
राहुकालनवीन कार्य त्यागें
09:39 — 10:55
ii
यमगण्डयात्रा त्यागें
13:29 — 14:45
iii
गुलिक कालशुभ कार्य रोकें
07:05 — 08:22
iv
वर्ज्यम 1नक्षत्र-त्याज्य
19:31 — 20:58
अन्य दोष · दर्शन
पञ्चकअनुपस्थित
गण्डमूलअनुपस्थित
02

चौघड़िया

सोलह अंश · दिन-रात्रि चक्र
सूर्योदय से आठ दिन-चौघड़िया, सूर्यास्त से आठ रात्रि-चौघड़िया।
दिन ↑↓ रात्रिकालशुभरोगउद्वेगचरलाभअमृतकाललाभउद्वेगशुभअमृतचररोगकाललाभ
वर्तमान
.
काल
07:05 — 08:22
दिन07:0517:19
1कालशनि07:0508:22
2शुभबृहस्पति08:2209:39
3रोगमंगल09:3910:55
4उद्वेगसूर्य10:5512:12
5चरशुक्र12:1213:29
6लाभबुध13:2914:45
7अमृतचंद्र14:4516:02
8कालशनि16:0217:19
रात्रि17:19 → अगला सूर्योदय
1लाभबुध17:1919:02
2उद्वेगसूर्य19:0220:46
3शुभबृहस्पति20:4622:29
4अमृतचंद्र22:2900:12
5चरशुक्र00:1201:56
6रोगमंगल01:5603:39
7कालशनि03:3905:23
8लाभबुध05:2307:06
03

होरा

चौबीस ग्रहाधिपति
सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चौबीस होरा, प्रत्येक का स्वामी।
वर्तमान होरा
शनि
07:05 — 07:57
iशनि07:05
iiगुरु07:57
iiiमङ्गल08:48
ivसूर्य09:39
vशुक्र10:30
viबुध11:21
viiचन्द्र12:12
viiiशनि13:03
ixगुरु13:54
xमङ्गल14:45
xiसूर्य15:37
xiiशुक्र16:28
xiiiबुध17:19
xivचन्द्र18:28
xvशनि19:37
xviगुरु20:46
xviiमङ्गल21:55
xviiiसूर्य23:03
xixशुक्र00:12
xxबुध01:21
xxiचन्द्र02:30
xxiiशनि03:39
xxiiiगुरु04:48
xxivमङ्गल05:57
04

लग्न

द्वादश राशि · आरोह क्रम
दिन-रात्रि चक्र में पूर्व क्षितिज पर उदय होती द्वादश राशियाँ।
मेषवृषमिथुनकर्कसिंहकन्यातुलावृश्चिकधनुमकरकुम्भमीनiiiiiiivvviviiviiiixxxixii
वर्तमान लग्न
.
iवृश्चिक07:0507:12
iiधनु07:1209:16
iiiमकर09:1610:57
ivकुम्भ10:5712:23
vमीन12:2313:47
viमेष13:4715:20
viiवृष15:2017:15
viiiमिथुन17:1519:30
ixकर्क19:3021:52
xसिंह21:5200:10
xiकन्या00:1002:28
xiiतुला02:2804:49
05

पञ्चक रहित

लग्न-शुभाशुभ
प्रत्येक लग्न को शुभ या पञ्चक का गुण प्राप्त होता है — रोग, राज, अग्नि, चोर, मृत्यु।
07:0507:12
रोग पञ्चकस्वास्थ्य · चिकित्सा त्यागें
वृश्चिक · i
07:1209:16
शुभ कालसमस्त शुभ कार्य
धनु · ii
09:1610:57
राज पञ्चकयात्रा · वाद-विवाद त्यागें
मकर · iii
10:5712:23
शुभ कालसमस्त शुभ कार्य
कुम्भ · iv
12:2313:47
अग्नि पञ्चकअग्नि कार्य त्यागें
मीन · v
13:4715:20
शुभ कालसमस्त शुभ कार्य
मेष · vi
15:2017:15
चोर पञ्चकलेन-देन त्यागें
वृष · vii
17:1519:30
शुभ कालसमस्त शुभ कार्य
मिथुन · viii
06

आनन्दादि योग

वार-नक्षत्र पर आधारित २८ योग
प्रत्येक वार-नक्षत्र संयोग एक आनन्दादि योग बनाता है।
वर्तमान योग
राक्षस
परिवर्तन12:15
अगला योग
चर
आडलअनुपस्थित
विडालअनुपस्थित
तत्त्वजीवनमवायु
07

दिशा-शूल · वास

दिशा-नियंत्रण
आज किस दिशा में यात्रा त्याज्य, और प्रमुख देवताओं का वास।
उत्तरईशानपूर्वआग्नेयदक्षिणनैऋत्यपश्चिमवायव्य
यात्रा त्यागें
पूर्व
दिशा-शूल
पूर्व
यात्रा त्यागें
होमाहुति
अनुपलब्ध
अग्नि देव
नक्षत्र-शूल
उत्तर
नक्षत्रानुसार
राहु वास
पश्चिम
तिथि-आधारित
अग्नि वास
पृथ्वी
शुभ
भद्रा वास
पाताल
शुभ
शिव वास
सभा
अशुभ
चन्द्र वास
पूर्व
चन्द्र दिशा
कुम्भ चक्र
लाभ
शुभ
08

चन्द्र-तारा बलम

राशि-नक्षत्र शुभाशुभ
किन राशियों एवं नक्षत्रों के लिए आज का काल अनुकूल है।

चन्द्र बलम

राशि-शुभाशुभ
शुभ राशियाँ — आज
मिथुनकर्कतुलाधनुकुम्भमीन
⊝ अष्टम चन्द्र · वृष राशि — विशेष सावधानी

तारा बलम

नक्षत्र-शुभाशुभ
शुभ नक्षत्र — आज
अश्विनीकृत्तिकारोहिणीआर्द्रापुष्यमघाउत्तर फाल्गुनीहस्तस्वातिअनुराधामूलउत्तराषाढ़ाश्रवणशतभिषा
09

सूर्य-चन्द्र विवरण

ज्योतिर्मय गणना
दोनों ज्योतिर्धरों की राशि, नक्षत्र, पाद, देशान्तर, गति, कला।

सूर्य

सौर ज्योतिर्धर
राशि
वृश्चिक
20:18 तक
नक्षत्र
ज्येष्ठा
4 पाद
देशान्तर
239°26'22"
239.44° सायन
गति
1.0178°
प्रति दिवस

चन्द्र

चन्द्र ज्योतिर्धर
राशि
धनु
चन्द्र राशि
नक्षत्र
पूर्वाषाढ़ा
4 पाद
गति
14.7467°
प्रति दिवस
देशान्तर
263°27'53"
263.46° सायन
कला — वृद्धिक्रम
4%
शुक्ल पक्ष · शुक्ल तृतीया
10

मास · ऋतु · अयन

पक्ष एवं काल विवरण
पूर्णिमान्त एवं अमान्त मास, सौर प्रविष्टे, दृक एवं वैदिक ऋतु, अयन।
पक्ष
शुक्ल
वृद्धिक्रम
मास — पूर्णिमान्त
मार्गशीर्ष
उत्तर भारतीय
मास — अमान्त
मार्गशीर्ष
दक्षिण भारतीय
प्रविष्टे
30
सौर दिवस
अधिक मास
नहीं
सामान्य
दृक ऋतु
हेमन्त
सौर-आधारित
वैदिक ऋतु
हेमन्त
चान्द्र-आधारित
दृक अयन
दक्षिणायन
सायन
वैदिक अयन
दक्षिणायन
निरयन
11

संवत्सर · काल-गणना

विक्रम · शक · गुजराती
विक्रम, शक, गुजराती संवत्, कलियुग वर्ष, अहर्गण, अयनांश, जूलियन दिवस।
विक्रम संवत्
2069
विश्वावसु
शक संवत्
1934
नन्दन
गुजराती संवत्
2069
क्रोधी
कलियुग वर्ष
5,113
/ ४,३२,०००
कलि अहर्गण
18,67,811
दिवस
लाहिड़ी अयनांश
24°02'41"
24.044798°
जूलियन दिवस
24,56,276
JD
संशोधित JD
56,276
MJD
जूलियन (पुरातन)
2 दिसंबर
2012
राष्ट्रीय सिविल
अग्रहायण 24
शक 1934
राष्ट्रीय निरयन
कार्तिक 30
सौर
रात्रिदिए (R.D.)
7,34,852
proleptic
शक चक्र
चक्र 33
६० वर्ष
12

संवत्सर के दश अधिकारी

मन्त्री मण्डल
वर्ष-संचालन में दश ग्रह — राजा, मन्त्री, सेनाधिपति, मेघाधिपति आदि।
राजामन्त्रीसेनामेघसस्यधान्यफलरसधननिरस
वर्ष-राजा
शुक्र
राजा
शुक्र
मन्त्री
शनि
सेनाधिपति
सूर्य
मेघाधिपति
चन्द्र
सस्याधिपति
मङ्गल
धान्याधिपति
बुध
फलाधिपति
गुरु
रसाधिपति
शनि
धनाधिपति
शुक्र
निरसाधिपति
सूर्य
13

संक्रमण

आगामी अन्त्य काल
तिथि, नक्षत्र, योग, करण के आगामी तीन परिवर्तन।

तिथि

अब
शुक्ल तृतीया
03:59
अगला
शुक्ल चतुर्थी
01:29
+ २
शुक्ल पंचमी

नक्षत्र

अब
पूर्वाषाढ़ा
12:15
अगला
उत्तराषाढ़ा
10:03
+ २
श्रवण

योग

अब
वृद्धि
12:46
अगला
ध्रुव
09:09
+ २
व्याघात

करण

अब
तैतिल
17:27
अगला
गर
03:59
+ २
वणिज
दिल्लीमुंबईकोलकाताचेन्नईबेंगलुरुहैदराबादअहमदाबादपुणेजयपुरलखनऊवाराणसीप्रयागराजहरिद्वारउज्जैनमथुराअयोध्यापटनाइंदौर
गणना इंजन
JPL DE441 · दृक् (वेधसिद्ध)
अयनांश
लाहिड़ी · चित्रापक्ष · 24°02'41"
सूर्योदय परिभाषा
उत्तरबिम्ब · वायुमण्डल संशोधित
ॐ    तत्    सत्