ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
PAURANIK· सनातन पञ्चाङ्गम्
30°05'24"N · 78°16'12"E
दिनांक
आज
स्थान
समय क्षेत्र
GMT+5:30UTC +05:30
रविवार — पञ्चाङ्ग गणना

7.8अगस्त 2022

रविवार · 7 अगस्त 2022
सूर्य वार·शुक्ल पक्ष·श्रावण मास·संवत् 2079 राक्षस
ऋषिकेश
उत्तराखंड
30°05'24"N  78°16'12"E
GMT+5:30 · UTC +05:30
i.
तिथि
दशमीशुक्ल पक्ष
23:51 तक
ii.
नक्षत्र
अनुराधा3 पाद
16:31 तक
iii.
योग
ब्रह्मशुभ
10:04 तक
iv.
करण
तैतिल
13:05 तक
v.
वार
रविवारसूर्य स्वामी
सूर्योदय 05:39

सूर्य आर्क

दिनमान · 13 घण्टे 27 मिनट
05:39सूर्योदय19:06सूर्यास्त12:23
अरुणोदय
04:03
मध्याह्न
12:23
दिनमान
13:27
प्रातः सन्धि
04:36

चन्द्र आर्क

रात्रिमान · 10 घण्टे 34 मिनट
14:49चन्द्रोदय01:01, 8 अगचन्द्रास्तकला ~67%
रात्रिमान
10:34
निशीथ
00:02
गोधूलि
19:04
कला
67%
01

शुभ — अशुभ काल

मुहूर्त निरीक्षण
दिन के शुभ और अशुभ काल — समस्त मुहूर्त एक ही स्थान पर।

शुभ मुहूर्त

अनुकूल काल
i
अभिजित मुहूर्तमध्याह्न का सर्वोत्तम काल
11:56 — 12:49
ii
ब्रह्म मुहूर्तध्यान-योग का काल
04:15 — 04:58
iii
विजय मुहूर्तविजय एवं सफलता
14:37 — 15:31
iv
गोधूलि मुहूर्तगृह-प्रवेश, विवाह
19:04 — 19:27
v
निशीथ मुहूर्तअर्धरात्रि पूजन
00:02 — 00:44
vi
प्रातः सन्ध्याप्रातः उपासना
04:36 — 05:39
vii
सायाह्न सन्ध्यासायं उपासना
19:06 — 20:09
viii
अमृत कालसर्व-सिद्धिकर
06:43 — 08:13
ix
अमृत चौघड़ियादिन का शुभ चौघड़िया
10:42 — 12:23
विशेष योग · आज सक्रिय
+
रवि योगसूर्य-नक्षत्र मेल
समस्त दिवस
+
आनन्दादि — मृत्युअशुभ
16:31 तक

अशुभ काल

त्याज्य काल
i
राहुकालनवीन कार्य त्यागें
17:25 — 19:06
ii
यमगण्डयात्रा त्यागें
12:23 — 14:03
iii
गुलिक कालशुभ कार्य रोकें
15:44 — 17:25
iv
वर्ज्यम 1नक्षत्र-त्याज्य
21:41 — 23:09
अन्य दोष · दर्शन
पञ्चकअनुपस्थित
गण्डमूलसक्रिय
सक्रिय
आडल योगक्षीणकारी
सक्रिय
02

चौघड़िया

सोलह अंश · दिन-रात्रि चक्र
सूर्योदय से आठ दिन-चौघड़िया, सूर्यास्त से आठ रात्रि-चौघड़िया।
दिन ↑↓ रात्रिउद्वेगचरलाभअमृतकालशुभरोगउद्वेगशुभअमृतचररोगकाललाभउद्वेगशुभ
वर्तमान
.
उद्वेग
05:39 — 07:20
दिन05:3919:06
1उद्वेगसूर्य05:3907:20
2चरशुक्र07:2009:01
3लाभबुध09:0110:42
4अमृतचंद्र10:4212:23
5कालशनि12:2314:03
6शुभबृहस्पति14:0315:44
7रोगमंगल15:4417:25
8उद्वेगसूर्य17:2519:06
रात्रि19:06 → अगला सूर्योदय
1शुभबृहस्पति19:0620:25
2अमृतचंद्र20:2521:44
3चरशुक्र21:4423:04
4रोगमंगल23:0400:23
5कालशनि00:2301:42
6लाभबुध01:4203:01
7उद्वेगसूर्य03:0104:21
8शुभबृहस्पति04:2105:40
03

होरा

चौबीस ग्रहाधिपति
सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चौबीस होरा, प्रत्येक का स्वामी।
वर्तमान होरा
सूर्य
05:39 — 06:46
iसूर्य05:39
iiशुक्र06:46
iiiबुध07:54
ivचन्द्र09:01
vशनि10:08
viगुरु11:15
viiमङ्गल12:23
viiiसूर्य13:30
ixशुक्र14:37
xबुध15:44
xiचन्द्र16:51
xiiशनि17:59
xiiiगुरु19:06
xivमङ्गल19:59
xvसूर्य20:52
xviशुक्र21:44
xviiबुध22:37
xviiiचन्द्र23:30
xixशनि00:23
xxगुरु01:16
xxiमङ्गल02:09
xxiiसूर्य03:01
xxiiiशुक्र03:54
xxivबुध04:47
04

लग्न

द्वादश राशि · आरोह क्रम
दिन-रात्रि चक्र में पूर्व क्षितिज पर उदय होती द्वादश राशियाँ।
मेषवृषमिथुनकर्कसिंहकन्यातुलावृश्चिकधनुमकरकुम्भमीनiiiiiiivvviviiviiiixxxixii
वर्तमान लग्न
.
iकर्क05:3906:29
iiसिंह06:2908:48
iiiकन्या08:4811:06
ivतुला11:0613:27
vवृश्चिक13:2715:46
viधनु15:4617:50
viiमकर17:5019:31
viiiकुम्भ19:3120:57
ixमीन20:5722:20
xमेष22:2023:54
xiवृष23:5401:49
xiiमिथुन01:4904:04
05

पञ्चक रहित

लग्न-शुभाशुभ
प्रत्येक लग्न को शुभ या पञ्चक का गुण प्राप्त होता है — रोग, राज, अग्नि, चोर, मृत्यु।
05:3906:29
राज पञ्चकयात्रा · वाद-विवाद त्यागें
कर्क · i
06:2908:48
शुभ कालसमस्त शुभ कार्य
सिंह · ii
08:4811:06
अग्नि पञ्चकअग्नि कार्य त्यागें
कन्या · iii
11:0613:27
शुभ कालसमस्त शुभ कार्य
तुला · iv
13:2715:46
चोर पञ्चकलेन-देन त्यागें
वृश्चिक · v
15:4617:50
शुभ कालसमस्त शुभ कार्य
धनु · vi
17:5019:31
मृत्यु पञ्चकयात्रा त्यागें
मकर · vii
19:3120:57
शुभ कालसमस्त शुभ कार्य
कुम्भ · viii
06

आनन्दादि योग

वार-नक्षत्र पर आधारित २८ योग
प्रत्येक वार-नक्षत्र संयोग एक आनन्दादि योग बनाता है।
वर्तमान योग
मृत्यु
परिवर्तन16:31
अगला योग
काण
आडलसक्रिय
विडालअनुपस्थित
तत्त्वजीवनमजल
07

दिशा-शूल · वास

दिशा-नियंत्रण
आज किस दिशा में यात्रा त्याज्य, और प्रमुख देवताओं का वास।
उत्तरईशानपूर्वआग्नेयदक्षिणनैऋत्यपश्चिमवायव्य
यात्रा त्यागें
पश्चिम
दिशा-शूल
पश्चिम
यात्रा त्यागें
होमाहुति
अनुपलब्ध
अग्नि देव
नक्षत्र-शूल
पश्चिम
नक्षत्रानुसार
राहु वास
नैऋत्य
तिथि-आधारित
अग्नि वास
आकाश
अशुभ
भद्रा वास
स्वर्ग
शुभ
शिव वास
सभा
अशुभ
चन्द्र वास
उत्तर
चन्द्र दिशा
कुम्भ चक्र
शुभ
शुभ
08

चन्द्र-तारा बलम

राशि-नक्षत्र शुभाशुभ
किन राशियों एवं नक्षत्रों के लिए आज का काल अनुकूल है।

चन्द्र बलम

राशि-शुभाशुभ
शुभ राशियाँ — आज
वृषमिथुनकन्यावृश्चिकमकरकुम्भ
⊝ अष्टम चन्द्र · मेष राशि — विशेष सावधानी

तारा बलम

नक्षत्र-शुभाशुभ
शुभ नक्षत्र — आज
अश्विनीकृत्तिकामृगशिरापुनर्वसुआश्लेषामघाउत्तर फाल्गुनीचित्राविशाखाज्येष्ठामूलउत्तराषाढ़ाधनिष्ठापूर्वभाद्रपद
09

सूर्य-चन्द्र विवरण

ज्योतिर्मय गणना
दोनों ज्योतिर्धरों की राशि, नक्षत्र, पाद, देशान्तर, गति, कला।

सूर्य

सौर ज्योतिर्धर
राशि
कर्क
समस्त दिवस
नक्षत्र
आश्लेषा
2 पाद
देशान्तर
110°19'42"
110.33° सायन
गति
0.958°
प्रति दिवस

चन्द्र

चन्द्र ज्योतिर्धर
राशि
वृश्चिक
चन्द्र राशि
नक्षत्र
अनुराधा
3 पाद
गति
14.3216°
प्रति दिवस
देशान्तर
220°13'37"
220.23° सायन
कला — वृद्धिक्रम
67%
शुक्ल पक्ष · शुक्ल दशमी
10

मास · ऋतु · अयन

पक्ष एवं काल विवरण
पूर्णिमान्त एवं अमान्त मास, सौर प्रविष्टे, दृक एवं वैदिक ऋतु, अयन।
पक्ष
शुक्ल
वृद्धिक्रम
मास — पूर्णिमान्त
श्रावण
उत्तर भारतीय
मास — अमान्त
श्रावण
दक्षिण भारतीय
प्रविष्टे
22
सौर दिवस
अधिक मास
नहीं
सामान्य
दृक ऋतु
वर्षा
सौर-आधारित
वैदिक ऋतु
वर्षा
चान्द्र-आधारित
दृक अयन
दक्षिणायन
सायन
वैदिक अयन
दक्षिणायन
निरयन
11

संवत्सर · काल-गणना

विक्रम · शक · गुजराती
विक्रम, शक, गुजराती संवत्, कलियुग वर्ष, अहर्गण, अयनांश, जूलियन दिवस।
विक्रम संवत्
2079
राक्षस
शक संवत्
1944
शुभकृत
गुजराती संवत्
2078
प्रमादी
कलियुग वर्ष
5,123
/ ४,३२,०००
कलि अहर्गण
18,71,333
दिवस
लाहिड़ी अयनांश
24°10'46"
24.179494°
जूलियन दिवस
24,59,798
JD
संशोधित JD
59,798
MJD
जूलियन (पुरातन)
25 जुलाई
2022
राष्ट्रीय सिविल
श्रावण 16
शक 1944
राष्ट्रीय निरयन
आषाढ़ 22
सौर
रात्रिदिए (R.D.)
7,38,374
proleptic
शक चक्र
चक्र 33
६० वर्ष
12

संवत्सर के दश अधिकारी

मन्त्री मण्डल
वर्ष-संचालन में दश ग्रह — राजा, मन्त्री, सेनाधिपति, मेघाधिपति आदि।
राजामन्त्रीसेनामेघसस्यधान्यफलरसधननिरस
वर्ष-राजा
शनि
राजा
शनि
मन्त्री
सूर्य
सेनाधिपति
चन्द्र
मेघाधिपति
मङ्गल
सस्याधिपति
बुध
धान्याधिपति
गुरु
फलाधिपति
शुक्र
रसाधिपति
सूर्य
धनाधिपति
शनि
निरसाधिपति
चन्द्र
13

संक्रमण

आगामी अन्त्य काल
तिथि, नक्षत्र, योग, करण के आगामी तीन परिवर्तन।

तिथि

अब
शुक्ल दशमी
23:51
अगला
शुक्ल एकादशी
21:01
+ २
शुक्ल द्वादशी

नक्षत्र

अब
अनुराधा
16:31
अगला
ज्येष्ठा
14:38
+ २
मूल

योग

अब
ब्रह्म
10:04
अगला
ऐन्द्र
06:57
+ २
वैधृति

करण

अब
तैतिल
13:05
अगला
गर
23:51
+ २
वणिज
दिल्लीमुंबईकोलकाताचेन्नईबेंगलुरुहैदराबादअहमदाबादपुणेजयपुरलखनऊवाराणसीप्रयागराजहरिद्वारउज्जैनमथुराअयोध्यापटनाइंदौर
गणना इंजन
JPL DE441 · दृक् (वेधसिद्ध)
अयनांश
लाहिड़ी · चित्रापक्ष · 24°10'46"
सूर्योदय परिभाषा
उत्तरबिम्ब · वायुमण्डल संशोधित
ॐ    तत्    सत्