ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
PAURANIK· सनातन पञ्चाङ्गम्
30°05'24"N · 78°16'12"E
दिनांक
आज
स्थान
समय क्षेत्र
GMT+5:30UTC +05:30
सोमवार — पञ्चाङ्ग गणना

21.4अप्रैल 2025

सोमवार · 21 अप्रैल 2025
चन्द्र वार·कृष्ण पक्ष·वैशाख मास·संवत् 2082 काललुक्त
ऋषिकेश
उत्तराखंड
30°05'24"N  78°16'12"E
GMT+5:30 · UTC +05:30
i.
तिथि
अष्टमीकृष्ण पक्ष
18:59 तक
ii.
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा3 पाद
12:39 तक
iii.
योग
साध्यशुभ
23:01 तक
iv.
करण
बालव
07:06 तक
v.
वार
सोमवारचन्द्र स्वामी
सूर्योदय 05:44

सूर्य आर्क

दिनमान · 13 घण्टे 04 मिनट
05:44सूर्योदय18:48सूर्यास्त12:16
अरुणोदय
04:08
मध्याह्न
12:16
दिनमान
13:04
प्रातः सन्धि
04:38

चन्द्र आर्क

रात्रिमान · 10 घण्टे 55 मिनट
02:12, 22 अप्रैलचन्द्रोदय11:44चन्द्रास्तकला ~51%
रात्रिमान
10:55
निशीथ
23:53
गोधूलि
18:46
कला
51%
01

शुभ — अशुभ काल

मुहूर्त निरीक्षण
दिन के शुभ और अशुभ काल — समस्त मुहूर्त एक ही स्थान पर।

शुभ मुहूर्त

अनुकूल काल
i
अभिजित मुहूर्तमध्याह्न का सर्वोत्तम काल
11:50 — 12:42
ii
ब्रह्म मुहूर्तध्यान-योग का काल
04:15 — 04:59
iii
विजय मुहूर्तविजय एवं सफलता
14:27 — 15:19
iv
गोधूलि मुहूर्तगृह-प्रवेश, विवाह
18:46 — 19:10
v
निशीथ मुहूर्तअर्धरात्रि पूजन
23:53 — 00:37
vi
प्रातः सन्ध्याप्रातः उपासना
04:38 — 05:44
vii
सायाह्न सन्ध्यासायं उपासना
18:48 — 19:53
viii
अमृत कालसर्व-सिद्धिकर
06:01 — 07:41
ix
अमृत चौघड़ियादिन का शुभ चौघड़िया
05:44 — 07:22
विशेष योग · आज सक्रिय
+
आनन्दादि — मृत्युअशुभ
12:39 तक

अशुभ काल

त्याज्य काल
i
राहुकालनवीन कार्य त्यागें
07:22 — 09:00
ii
यमगण्डयात्रा त्यागें
10:38 — 12:16
iii
गुलिक कालशुभ कार्य रोकें
13:54 — 15:32
iv
वर्ज्यम 1नक्षत्र-त्याज्य
16:40 — 18:16
अन्य दोष · दर्शन
पञ्चकअनुपस्थित
गण्डमूलअनुपस्थित
02

चौघड़िया

सोलह अंश · दिन-रात्रि चक्र
सूर्योदय से आठ दिन-चौघड़िया, सूर्यास्त से आठ रात्रि-चौघड़िया।
दिन ↑↓ रात्रिअमृतकालशुभरोगउद्वेगचरलाभअमृतचररोगकाललाभउद्वेगशुभअमृतचर
वर्तमान
.
अमृत
05:44 — 07:22
दिन05:4418:48
1अमृतचंद्र05:4407:22
2कालशनि07:2209:00
3शुभबृहस्पति09:0010:38
4रोगमंगल10:3812:16
5उद्वेगसूर्य12:1613:54
6चरशुक्र13:5415:32
7लाभबुध15:3217:10
8अमृतचंद्र17:1018:48
रात्रि18:48 → अगला सूर्योदय
1चरशुक्र18:4820:10
2रोगमंगल20:1021:32
3कालशनि21:3222:53
4लाभबुध22:5300:15
5उद्वेगसूर्य00:1501:37
6शुभबृहस्पति01:3702:59
7अमृतचंद्र02:5904:21
8चरशुक्र04:2105:43
03

होरा

चौबीस ग्रहाधिपति
सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चौबीस होरा, प्रत्येक का स्वामी।
वर्तमान होरा
चन्द्र
05:44 — 06:49
iचन्द्र05:44
iiशनि06:49
iiiगुरु07:54
ivमङ्गल09:00
vसूर्य10:05
viशुक्र11:10
viiबुध12:16
viiiचन्द्र13:21
ixशनि14:27
xगुरु15:32
xiमङ्गल16:37
xiiसूर्य17:43
xiiiशुक्र18:48
xivबुध19:42
xvचन्द्र20:37
xviशनि21:32
xviiगुरु22:26
xviiiमङ्गल23:21
xixसूर्य00:15
xxशुक्र01:10
xxiबुध02:04
xxiiचन्द्र02:59
xxiiiशनि03:54
xxivगुरु04:48
04

लग्न

द्वादश राशि · आरोह क्रम
दिन-रात्रि चक्र में पूर्व क्षितिज पर उदय होती द्वादश राशियाँ।
मेषवृषमिथुनकर्कसिंहकन्यातुलावृश्चिकधनुमकरकुम्भमीनiiiiiiivvviviiviiiixxxixii
वर्तमान लग्न
.
iमेष05:4307:01
iiवृष07:0108:56
iiiमिथुन08:5611:11
ivकर्क11:1113:32
vसिंह13:3215:51
viकन्या15:5118:09
viiतुला18:0920:30
viiiवृश्चिक20:3022:49
ixधनु22:4900:53
xमकर00:5302:34
xiकुम्भ02:3404:00
xiiमीन04:0005:23
05

पञ्चक रहित

लग्न-शुभाशुभ
प्रत्येक लग्न को शुभ या पञ्चक का गुण प्राप्त होता है — रोग, राज, अग्नि, चोर, मृत्यु।
05:4307:01
शुभ कालसमस्त शुभ कार्य
मेष · i
07:0108:56
शुभ कालसमस्त शुभ कार्य
वृष · ii
08:5611:11
रोग पञ्चकस्वास्थ्य · चिकित्सा त्यागें
मिथुन · iii
11:1113:32
शुभ कालसमस्त शुभ कार्य
कर्क · iv
13:3215:51
राज पञ्चकयात्रा · वाद-विवाद त्यागें
सिंह · v
15:5118:09
शुभ कालसमस्त शुभ कार्य
कन्या · vi
18:0920:30
अग्नि पञ्चकअग्नि कार्य त्यागें
तुला · vii
20:3022:49
शुभ कालसमस्त शुभ कार्य
वृश्चिक · viii
06

आनन्दादि योग

वार-नक्षत्र पर आधारित २८ योग
प्रत्येक वार-नक्षत्र संयोग एक आनन्दादि योग बनाता है।
वर्तमान योग
मृत्यु
परिवर्तन12:39
अगला योग
काण
आडलअनुपस्थित
विडालअनुपस्थित
तत्त्वजीवनमपृथ्वी
07

दिशा-शूल · वास

दिशा-नियंत्रण
आज किस दिशा में यात्रा त्याज्य, और प्रमुख देवताओं का वास।
उत्तरईशानपूर्वआग्नेयदक्षिणनैऋत्यपश्चिमवायव्य
यात्रा त्यागें
पूर्व
दिशा-शूल
पूर्व
यात्रा त्यागें
होमाहुति
अनुपलब्ध
अग्नि देव
नक्षत्र-शूल
पूर्व
नक्षत्रानुसार
राहु वास
उत्तर
तिथि-आधारित
अग्नि वास
आकाश
अशुभ
भद्रा वास
पाताल
शुभ
शिव वास
गौरी
शुभ
चन्द्र वास
दक्षिण
चन्द्र दिशा
कुम्भ चक्र
लाभ
शुभ
08

चन्द्र-तारा बलम

राशि-नक्षत्र शुभाशुभ
किन राशियों एवं नक्षत्रों के लिए आज का काल अनुकूल है।

चन्द्र बलम

राशि-शुभाशुभ
शुभ राशियाँ — आज
मेषकर्कसिंहवृश्चिकमकरमीन
⊝ अष्टम चन्द्र · मिथुन राशि — विशेष सावधानी

तारा बलम

नक्षत्र-शुभाशुभ
शुभ नक्षत्र — आज
भरणीरोहिणीमृगशिरापुनर्वसुआश्लेषापूर्व फाल्गुनीहस्तचित्राविशाखाज्येष्ठापूर्वाषाढ़ाश्रवणधनिष्ठापूर्वभाद्रपद
09

सूर्य-चन्द्र विवरण

ज्योतिर्मय गणना
दोनों ज्योतिर्धरों की राशि, नक्षत्र, पाद, देशान्तर, गति, कला।

सूर्य

सौर ज्योतिर्धर
राशि
मेष
समस्त दिवस
नक्षत्र
अश्विनी
3 पाद
देशान्तर
6°56'02"
6.93° सायन
गति
0.9758°
प्रति दिवस

चन्द्र

चन्द्र ज्योतिर्धर
राशि
मकर
चन्द्र राशि
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा
3 पाद
गति
13.158°
प्रति दिवस
देशान्तर
276°15'07"
276.25° सायन
कला — क्षयक्रम
51%
कृष्ण पक्ष · कृष्ण अष्टमी
10

मास · ऋतु · अयन

पक्ष एवं काल विवरण
पूर्णिमान्त एवं अमान्त मास, सौर प्रविष्टे, दृक एवं वैदिक ऋतु, अयन।
पक्ष
कृष्ण
क्षयक्रम
मास — पूर्णिमान्त
वैशाख
उत्तर भारतीय
मास — अमान्त
चैत्र
दक्षिण भारतीय
प्रविष्टे
8
सौर दिवस
अधिक मास
नहीं
सामान्य
दृक ऋतु
वसन्त
सौर-आधारित
वैदिक ऋतु
वसन्त
चान्द्र-आधारित
दृक अयन
उत्तरायण
सायन
वैदिक अयन
उत्तरायण
निरयन
11

संवत्सर · काल-गणना

विक्रम · शक · गुजराती
विक्रम, शक, गुजराती संवत्, कलियुग वर्ष, अहर्गण, अयनांश, जूलियन दिवस।
विक्रम संवत्
2082
काललुक्त
शक संवत्
1947
विश्वावसु
गुजराती संवत्
2081
नल
कलियुग वर्ष
5,126
/ ४,३२,०००
कलि अहर्गण
18,72,321
दिवस
लाहिड़ी अयनांश
24°13'02"
24.21728°
जूलियन दिवस
24,60,786
JD
संशोधित JD
60,786
MJD
जूलियन (पुरातन)
8 अप्रैल
2025
राष्ट्रीय सिविल
वैशाख 1
शक 1947
राष्ट्रीय निरयन
चैत्र 8
सौर
रात्रिदिए (R.D.)
7,39,362
proleptic
शक चक्र
चक्र 33
६० वर्ष
12

संवत्सर के दश अधिकारी

मन्त्री मण्डल
वर्ष-संचालन में दश ग्रह — राजा, मन्त्री, सेनाधिपति, मेघाधिपति आदि।
राजामन्त्रीसेनामेघसस्यधान्यफलरसधननिरस
वर्ष-राजा
चन्द्र
राजा
चन्द्र
मन्त्री
मङ्गल
सेनाधिपति
बुध
मेघाधिपति
गुरु
सस्याधिपति
शुक्र
धान्याधिपति
शनि
फलाधिपति
सूर्य
रसाधिपति
मङ्गल
धनाधिपति
चन्द्र
निरसाधिपति
बुध
13

संक्रमण

आगामी अन्त्य काल
तिथि, नक्षत्र, योग, करण के आगामी तीन परिवर्तन।

तिथि

अब
कृष्ण अष्टमी
18:59
अगला
कृष्ण नवमी
18:13
+ २
कृष्ण दशमी

नक्षत्र

अब
उत्तराषाढ़ा
12:39
अगला
श्रवण
12:45
+ २
धनिष्ठा

योग

अब
साध्य
23:01
अगला
शुभ
21:14
+ २
शुक्ल

करण

अब
बालव
07:06
अगला
कौलव
18:59
+ २
तैतिल
दिल्लीमुंबईकोलकाताचेन्नईबेंगलुरुहैदराबादअहमदाबादपुणेजयपुरलखनऊवाराणसीप्रयागराजहरिद्वारउज्जैनमथुराअयोध्यापटनाइंदौर
गणना इंजन
JPL DE441 · दृक् (वेधसिद्ध)
अयनांश
लाहिड़ी · चित्रापक्ष · 24°13'02"
सूर्योदय परिभाषा
उत्तरबिम्ब · वायुमण्डल संशोधित
ॐ    तत्    सत्