ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
सांची, मध्य प्रदेश

सांची — पंचांग

14 मार्च 2025, शुक्रवार

सूर्योदय
06:29
सूर्यास्त
18:28
चंद्रोदय
18:37
चंद्रास्त
06:26
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मार्च 2025 — मासिक पंचांग

सर्वार्थ सिद्धि योग
14 मार्च 2025, शुक्रवार को सर्वार्थ सिद्धि योग है — सभी शुभ कार्यों के लिए उत्तम दिन

पंचांग — पाँच अंग

तिथि
शुक्ल पूर्णिमा
12:25 तक
अगली: कृष्ण प्रतिपदा
प्रगति77%
नक्षत्र
उत्तर फाल्गुनी (1 पाद)
00:00 तक
अगली: हस्त
स्वामी: सूर्य
योग
शूल
13:22 तक
अगला: गंड
अशुभ
करण
बव
12:25 तक
अगला: बालव
शुभ
वार
शुक्रवार

पंचांग सार

तिथि
शुक्ल पूर्णिमा· 12:25 तक
कृष्ण प्रतिपदा
नक्षत्र
उत्तर फाल्गुनी · पद 1· 00:00 तक
हस्त
योग
शूल· 13:22 तक
गंड
करण
बव· 12:25 तक
बालव
वार
शुक्रवार
पक्ष
शुक्ल पक्ष

ग्रह स्थिति

सूर्य
राशिकुम्भ
नक्षत्रपूर्वभाद्रपद
पद3
देशांतर329°29'26"
चन्द्रमा
राशिसिंह
नक्षत्रउत्तर फाल्गुनी
पद1
देशांतर146°44'31"

राशि

चंद्र राशि
सिंह
सूर्य राशि
कुम्भ

सांची — शुभ-अशुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:53 — 05:41
प्रातः सन्ध्या
05:41 — 07:17
सूर्योदय
06:29
अभिजित मुहूर्त
12:04 — 12:52
अमृत कालविशेष
09:29 — 10:59
विजय मुहूर्त
16:04 — 16:52
गोधूलि मुहूर्त
18:04 — 18:52
सूर्यास्त
18:28
सायाह्न सन्ध्या
18:31 — 19:40
निशिता मुहूर्त
00:04 — 00:52
राहु काल
10:59 — 12:28
यमगंड काल
15:28 — 16:58
गुलिक काल
07:59 — 09:29
प्रथम दुर्मुहूर्त
08:44 — 09:29
द्वितीय दुर्मुहूर्त
10:59 — 11:43
चंद्रोदय
18:37
चंद्रास्त
06:26
मध्याह्न
12:28
सर्वार्थ सिद्धि योगसम्पूर्ण दिन

हिन्दू पंचांग — संवत् एवं मास

चन्द्र माह (पूर्णिमान्त)
फाल्गुन
चन्द्र माह (अमान्त)
फाल्गुन
पक्ष
शुक्ल पक्ष
विक्रम संवत्
2082
शक संवत्
1946
गुजराती संवत्
2080

नक्षत्र विस्तार

नक्षत्र पद
पद 1
उत्तर फाल्गुनी
नक्षत्र स्वामी
सूर्य
नक्षत्र देवता
अर्यमा
सूर्य नक्षत्र
पूर्वभाद्रपद
पद 3स्वामी: बृहस्पति

ऋतु एवं अयन

वैदिक ऋतु
शिशिर
द्रिक ऋतु
वसन्त
अयन
उत्तरायण

दिनमान एवं रात्रिमान

दिनमान
11 घण्टे 58 मिनट 46 सेकण्ड
29 घटी 57 पल
रात्रिमान
12 घण्टे 01 मिनट 14 सेकण्ड
30 घटी 3 पल
मध्याह्न (सौर)
12:28
सूर्य का उच्चतम बिन्दु

दिन का चौघड़िया — 14 मार्च 2025, शुक्रवार

अमृतशुभलाभचरकालउद्वेगरोग
06:2907:59
चर
यात्रा, वाहन चालन
07:5909:29
लाभ
व्यापार, धन लेनदेन, नौकरी
09:2910:59
अमृत
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह
10:5912:28
काल
महत्वपूर्ण निर्णय टालें
12:2813:58
शुभ
विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य
13:5815:28
रोग
स्वास्थ्य निर्णय टालें
15:2816:58
उद्वेग
नया काम प्रारंभ न करें
16:5818:28
चर
यात्रा, वाहन चालन

रात का चौघड़िया

18:2819:58
रोग
स्वास्थ्य निर्णय टालें
19:5821:28
उद्वेग
नया काम प्रारंभ न करें
21:2822:58
चर
यात्रा, वाहन चालन
22:5800:28
लाभ
व्यापार, धन लेनदेन, नौकरी
00:2801:59
अमृत
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह
01:5903:29
काल
महत्वपूर्ण निर्णय टालें
03:2904:59
शुभ
विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य
04:5906:29
रोग
स्वास्थ्य निर्णय टालें

सांची पंचांग — मार्च 2025

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अन्य शहरों का पंचांग — 14 मार्च 2025, शुक्रवार

दिल्लीमुंबईकोलकाताचेन्नईबेंगलुरुहैदराबादअहमदाबादपुणेजयपुरलखनऊवाराणसीप्रयागराज

सांची पंचांग — 14 मार्च 2025, शुक्रवार

सांची (मध्य प्रदेश) के लिए 14 मार्च 2025, शुक्रवार का सम्पूर्ण हिन्दू पंचांग यहाँ प्रस्तुत है। पंचांग के पाँच अंग — तिथि, नक्षत्र, योग, करण और वार — के साथ-साथ सूर्योदय, सूर्यास्त, चंद्रोदय, राहु काल, यमगंड काल, गुलिक काल, ब्रह्म मुहूर्त, अभिजित मुहूर्त और चौघड़िया की सटीक जानकारी दी गई है।

यह पंचांग सांची के अक्षांश-देशांतर के अनुसार खगोलीय गणना पर आधारित है, जिससे सूर्योदय और अन्य समय स्थानीय रूप से सटीक हैं। किसी भी शुभ कार्य, पूजा, व्रत या मुहूर्त के लिए अपने शहर का पंचांग अवश्य देखें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सांची में 14 मार्च 2025, शुक्रवार को सूर्योदय कब है?

सांची में 14 मार्च 2025, शुक्रवार को सूर्योदय 06:29 बजे और सूर्यास्त 18:28 बजे है। ये समय खगोलीय गणना के आधार पर सटीक हैं।

सांची में 14 मार्च 2025, शुक्रवार को राहु काल कब है?

सांची में 14 मार्च 2025, शुक्रवार को राहु काल 10:59 से 12:28 तक है। इस समय नए कार्य प्रारंभ न करें।

सांची में 14 मार्च 2025, शुक्रवार को तिथि क्या है?

सांची में 14 मार्च 2025, शुक्रवार को शुक्ल पूर्णिमा तिथि है।

पंचांग के पाँच अंग कौन से हैं?

पंचांग के पाँच अंग हैं — तिथि (चंद्र दिन), नक्षत्र (चंद्र मंडल), योग (सूर्य-चंद्र संयोग), करण (अर्ध-तिथि) और वार (सप्ताह का दिन)। ये पाँचों मिलकर किसी भी दिन की शुभता निर्धारित करते हैं।

अभिजित मुहूर्त किसे कहते हैं?

अभिजित मुहूर्त दिन का सबसे शुभ समय है, जो सौर मध्याह्न (solar noon) के आसपास 48 मिनट का होता है। बृहत्संहिता के अनुसार यह दिन का आठवाँ मुहूर्त है।