ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
Silao, बिहार

Silao — पंचांग

13 अक्टूबर 2027, बुधवार

सूर्योदय
05:45
सूर्यास्त
17:24
चंद्रोदय
15:55
चंद्रास्त
03:33
← पिछला दिनआज का पंचांगअगला दिन →

अक्टूबर 2027 — मासिक पंचांग

पंचक चल रहा है
पंचक काल में शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं

पंचांग — पाँच अंग

तिथि
शुक्ल त्रयोदशी
17:49 तक
अगली: शुक्ल चतुर्दशी
प्रगति53%
नक्षत्र
पूर्वभाद्रपद (2 पाद)
20:59 तक
अगली: उत्तरभाद्रपद
स्वामी: बृहस्पति
योग
वृद्धि
16:30 तक
अगला: ध्रुव
शुभ
करण
तैतिल
00:00 तक
अगला: गर
शुभ
वार
बुधवार

पंचांग सार

तिथि
शुक्ल त्रयोदशी· 17:49 तक
शुक्ल चतुर्दशी
नक्षत्र
पूर्वभाद्रपद · पद 2· 20:59 तक
उत्तरभाद्रपद
योग
वृद्धि· 16:30 तक
ध्रुव
करण
तैतिल· 00:00 तक
गर
वार
बुधवार
पक्ष
शुक्ल पक्ष

ग्रह स्थिति

सूर्य
राशिकन्या
नक्षत्रचित्रा
पद1
देशांतर175°12'14"
चन्द्रमा
राशिकुम्भ
नक्षत्रपूर्वभाद्रपद
पद2
देशांतर325°30'43"

राशि

चंद्र राशि
कुम्भ
सूर्य राशि
कन्या

Silao — शुभ-अशुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:09 — 04:57
प्रातः सन्ध्या
04:57 — 06:33
सूर्योदय
05:45
अभिजित मुहूर्त
11:10 — 11:58
अमृत कालविशेष
07:13 — 08:40
विजय मुहूर्त
15:04 — 15:50
गोधूलि मुहूर्त
17:00 — 17:48
सूर्यास्त
17:24
सायाह्न सन्ध्या
17:27 — 18:36
निशिता मुहूर्त
23:10 — 23:58
राहु काल
11:34 — 13:02
यमगंड काल
05:45 — 07:13
गुलिक काल
10:07 — 11:34
प्रथम दुर्मुहूर्त
10:07 — 10:51
चंद्रोदय
15:55
चंद्रास्त
03:33
मध्याह्न
11:34

हिन्दू पंचांग — संवत् एवं मास

चन्द्र माह (पूर्णिमान्त)
आश्विन
चन्द्र माह (अमान्त)
आश्विन
पक्ष
शुक्ल पक्ष
विक्रम संवत्
2084
शक संवत्
1949
गुजराती संवत्
2082

नक्षत्र विस्तार

नक्षत्र पद
पद 2
पूर्वभाद्रपद
नक्षत्र स्वामी
बृहस्पति
नक्षत्र देवता
अजैकपाद
सूर्य नक्षत्र
चित्रा
पद 1स्वामी: मंगल

ऋतु एवं अयन

वैदिक ऋतु
शरद
द्रिक ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

दिनमान एवं रात्रिमान

दिनमान
11 घण्टे 38 मिनट 16 सेकण्ड
29 घटी 6 पल
रात्रिमान
12 घण्टे 21 मिनट 44 सेकण्ड
30 घटी 54 पल
मध्याह्न (सौर)
11:34
सूर्य का उच्चतम बिन्दु

दिन का चौघड़िया — 13 अक्टूबर 2027, बुधवार

अमृतशुभलाभचरकालउद्वेगरोग
05:4507:13
लाभ
व्यापार, धन लेनदेन, नौकरी
07:1308:40
अमृत
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह
08:4010:07
काल
महत्वपूर्ण निर्णय टालें
10:0711:34
शुभ
विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य
11:3413:02
रोग
स्वास्थ्य निर्णय टालें
13:0214:29
उद्वेग
नया काम प्रारंभ न करें
14:2915:56
चर
यात्रा, वाहन चालन
15:5617:24
लाभ
व्यापार, धन लेनदेन, नौकरी

रात का चौघड़िया

17:2418:56
लाभ
व्यापार, धन लेनदेन, नौकरी
18:5620:29
अमृत
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह
20:2922:02
काल
महत्वपूर्ण निर्णय टालें
22:0223:34
शुभ
विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य
23:3401:07
रोग
स्वास्थ्य निर्णय टालें
01:0702:40
उद्वेग
नया काम प्रारंभ न करें
02:4004:13
चर
यात्रा, वाहन चालन
04:1305:45
लाभ
व्यापार, धन लेनदेन, नौकरी

Silao पंचांग — अक्टूबर 2027

12345678910111213141516171819202122232425262728293031

अन्य शहरों का पंचांग — 13 अक्टूबर 2027, बुधवार

दिल्लीमुंबईकोलकाताचेन्नईबेंगलुरुहैदराबादअहमदाबादपुणेजयपुरलखनऊवाराणसीप्रयागराज

Silao पंचांग — 13 अक्टूबर 2027, बुधवार

Silao (बिहार) के लिए 13 अक्टूबर 2027, बुधवार का सम्पूर्ण हिन्दू पंचांग यहाँ प्रस्तुत है। पंचांग के पाँच अंग — तिथि, नक्षत्र, योग, करण और वार — के साथ-साथ सूर्योदय, सूर्यास्त, चंद्रोदय, राहु काल, यमगंड काल, गुलिक काल, ब्रह्म मुहूर्त, अभिजित मुहूर्त और चौघड़िया की सटीक जानकारी दी गई है।

यह पंचांग Silao के अक्षांश-देशांतर के अनुसार खगोलीय गणना पर आधारित है, जिससे सूर्योदय और अन्य समय स्थानीय रूप से सटीक हैं। किसी भी शुभ कार्य, पूजा, व्रत या मुहूर्त के लिए अपने शहर का पंचांग अवश्य देखें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

Silao में 13 अक्टूबर 2027, बुधवार को सूर्योदय कब है?

Silao में 13 अक्टूबर 2027, बुधवार को सूर्योदय 05:45 बजे और सूर्यास्त 17:24 बजे है। ये समय खगोलीय गणना के आधार पर सटीक हैं।

Silao में 13 अक्टूबर 2027, बुधवार को राहु काल कब है?

Silao में 13 अक्टूबर 2027, बुधवार को राहु काल 11:34 से 13:02 तक है। इस समय नए कार्य प्रारंभ न करें।

Silao में 13 अक्टूबर 2027, बुधवार को तिथि क्या है?

Silao में 13 अक्टूबर 2027, बुधवार को शुक्ल त्रयोदशी तिथि है।

पंचांग के पाँच अंग कौन से हैं?

पंचांग के पाँच अंग हैं — तिथि (चंद्र दिन), नक्षत्र (चंद्र मंडल), योग (सूर्य-चंद्र संयोग), करण (अर्ध-तिथि) और वार (सप्ताह का दिन)। ये पाँचों मिलकर किसी भी दिन की शुभता निर्धारित करते हैं।

अभिजित मुहूर्त किसे कहते हैं?

अभिजित मुहूर्त दिन का सबसे शुभ समय है, जो सौर मध्याह्न (solar noon) के आसपास 48 मिनट का होता है। बृहत्संहिता के अनुसार यह दिन का आठवाँ मुहूर्त है।