ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
PAURANIK· सनातन पञ्चाङ्गम्
26°43'12"N · 88°25'48"E
दिनांक
आज
स्थान
समय क्षेत्र
GMT+5:30UTC +05:30
मंगलवार — पञ्चाङ्ग गणना

17.5मई 2022

मंगलवार · 17 मई 2022
मङ्गल वार·कृष्ण पक्ष·ज्येष्ठ मास·संवत् 2079 राक्षस
सिलीगुड़ी
पश्चिम बंगाल
26°43'12"N  88°25'48"E
GMT+5:30 · UTC +05:30
i.
तिथि
प्रतिपदाकृष्ण पक्ष
06:26 तक
ii.
नक्षत्र
अनुराधा3 पाद
10:48 तक
iii.
योग
शिवशुभ
22:39 तक
iv.
करण
कौलव
06:26 तक
v.
वार
मंगलवारमङ्गल स्वामी
सूर्योदय 04:48

सूर्य आर्क

दिनमान · 13 घण्टे 29 मिनट
04:48सूर्योदय18:18सूर्यास्त11:33
अरुणोदय
03:12
मध्याह्न
11:33
दिनमान
13:29
प्रातः सन्धि
03:45

चन्द्र आर्क

रात्रिमान · 10 घण्टे 30 मिनट
19:54चन्द्रोदय05:25चन्द्रास्तकला ~99%
रात्रिमान
10:30
निशीथ
23:12
गोधूलि
18:15
कला
99%
01

शुभ — अशुभ काल

मुहूर्त निरीक्षण
दिन के शुभ और अशुभ काल — समस्त मुहूर्त एक ही स्थान पर।

शुभ मुहूर्त

अनुकूल काल
i
अभिजित मुहूर्तमध्याह्न का सर्वोत्तम काल
11:06 — 12:00
ii
ब्रह्म मुहूर्तध्यान-योग का काल
03:24 — 04:06
iii
विजय मुहूर्तविजय एवं सफलता
13:48 — 14:42
iv
गोधूलि मुहूर्तगृह-प्रवेश, विवाह
18:15 — 18:39
v
निशीथ मुहूर्तअर्धरात्रि पूजन
23:12 — 23:54
vi
प्रातः सन्ध्याप्रातः उपासना
03:45 — 04:48
vii
सायाह्न सन्ध्यासायं उपासना
18:18 — 19:21
viii
अमृत कालसर्व-सिद्धिकर
00:20 — 01:45
ix
अमृत चौघड़ियादिन का शुभ चौघड़िया
11:33 — 13:14
विशेष योग · आज सक्रिय
+
सर्वार्थ सिद्धिसिद्धिदायक
समस्त दिवस
+
आनन्दादि — वज्रअशुभ
10:48 तक

अशुभ काल

त्याज्य काल
i
राहुकालनवीन कार्य त्यागें
14:55 — 16:36
ii
यमगण्डयात्रा त्यागें
08:10 — 09:52
iii
गुलिक कालशुभ कार्य रोकें
11:33 — 13:14
iv
वर्ज्यम 1नक्षत्र-त्याज्य
15:47 — 17:12
अन्य दोष · दर्शन
पञ्चकअनुपस्थित
गण्डमूलसक्रिय
सक्रिय
अस्त — बुधसूर्य से 7.22° दहन
सक्रिय
02

चौघड़िया

सोलह अंश · दिन-रात्रि चक्र
सूर्योदय से आठ दिन-चौघड़िया, सूर्यास्त से आठ रात्रि-चौघड़िया।
दिन ↑↓ रात्रिरोगउद्वेगचरलाभअमृतकालशुभरोगकाललाभउद्वेगशुभअमृतचररोगकाल
वर्तमान
.
रोग
04:48 — 06:29
दिन04:4818:18
1रोगमंगल04:4806:29
2उद्वेगसूर्य06:2908:10
3चरशुक्र08:1009:52
4लाभबुध09:5211:33
5अमृतचंद्र11:3313:14
6कालशनि13:1414:55
7शुभबृहस्पति14:5516:36
8रोगमंगल16:3618:18
रात्रि18:18 → अगला सूर्योदय
1कालशनि18:1819:36
2लाभबुध19:3620:55
3उद्वेगसूर्य20:5522:14
4शुभबृहस्पति22:1423:33
5अमृतचंद्र23:3300:51
6चरशुक्र00:5102:10
7रोगमंगल02:1003:29
8कालशनि03:2904:48
03

होरा

चौबीस ग्रहाधिपति
सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चौबीस होरा, प्रत्येक का स्वामी।
वर्तमान होरा
मङ्गल
04:48 — 05:56
iमङ्गल04:48
iiसूर्य05:56
iiiशुक्र07:03
ivबुध08:10
vचन्द्र09:18
viशनि10:25
viiगुरु11:33
viiiमङ्गल12:40
ixसूर्य13:48
xशुक्र14:55
xiबुध16:03
xiiचन्द्र17:10
xiiiशनि18:18
xivगुरु19:10
xvमङ्गल20:03
xviसूर्य20:55
xviiशुक्र21:48
xviiiबुध22:40
xixचन्द्र23:33
xxशनि00:25
xxiगुरु01:18
xxiiमङ्गल02:10
xxiiiसूर्य03:03
xxivशुक्र03:55
04

लग्न

द्वादश राशि · आरोह क्रम
दिन-रात्रि चक्र में पूर्व क्षितिज पर उदय होती द्वादश राशियाँ।
मेषवृषमिथुनकर्कसिंहकन्यातुलावृश्चिकधनुमकरकुम्भमीनiiiiiiivvviviiviiiixxxixii
वर्तमान लग्न
.
iवृष04:4806:42
iiमिथुन06:4208:56
iiiकर्क08:5611:15
ivसिंह11:1513:31
vकन्या13:3115:45
viतुला15:4518:03
viiवृश्चिक18:0320:20
viiiधनु20:2022:25
ixमकर22:2500:08
xकुम्भ00:0801:38
xiमीन01:3803:05
xiiमेष03:0504:42
05

पञ्चक रहित

लग्न-शुभाशुभ
प्रत्येक लग्न को शुभ या पञ्चक का गुण प्राप्त होता है — रोग, राज, अग्नि, चोर, मृत्यु।
04:4806:42
शुभ कालसमस्त शुभ कार्य
वृष · i
06:4208:56
शुभ कालसमस्त शुभ कार्य
मिथुन · ii
08:5611:15
रोग पञ्चकस्वास्थ्य · चिकित्सा त्यागें
कर्क · iii
11:1513:31
शुभ कालसमस्त शुभ कार्य
सिंह · iv
13:3115:45
राज पञ्चकयात्रा · वाद-विवाद त्यागें
कन्या · v
15:4518:03
शुभ कालसमस्त शुभ कार्य
तुला · vi
18:0320:20
अग्नि पञ्चकअग्नि कार्य त्यागें
वृश्चिक · vii
20:2022:25
शुभ कालसमस्त शुभ कार्य
धनु · viii
06

आनन्दादि योग

वार-नक्षत्र पर आधारित २८ योग
प्रत्येक वार-नक्षत्र संयोग एक आनन्दादि योग बनाता है।
वर्तमान योग
वज्र
परिवर्तन10:48
अगला योग
मुद्गर
आडलअनुपस्थित
विडालअनुपस्थित
तत्त्वजीवनमजल
07

दिशा-शूल · वास

दिशा-नियंत्रण
आज किस दिशा में यात्रा त्याज्य, और प्रमुख देवताओं का वास।
उत्तरईशानपूर्वआग्नेयदक्षिणनैऋत्यपश्चिमवायव्य
यात्रा त्यागें
उत्तर
दिशा-शूल
उत्तर
यात्रा त्यागें
होमाहुति
अनुपलब्ध
अग्नि देव
नक्षत्र-शूल
पश्चिम
नक्षत्रानुसार
राहु वास
वायव्य
तिथि-आधारित
अग्नि वास
पृथ्वी
शुभ
भद्रा वास
स्वर्ग
शुभ
शिव वास
गौरी
शुभ
चन्द्र वास
उत्तर
चन्द्र दिशा
कुम्भ चक्र
हानि
त्याज्य
08

चन्द्र-तारा बलम

राशि-नक्षत्र शुभाशुभ
किन राशियों एवं नक्षत्रों के लिए आज का काल अनुकूल है।

चन्द्र बलम

राशि-शुभाशुभ
शुभ राशियाँ — आज
वृषमिथुनकन्यावृश्चिकमकरकुम्भ
⊝ अष्टम चन्द्र · मेष राशि — विशेष सावधानी

तारा बलम

नक्षत्र-शुभाशुभ
शुभ नक्षत्र — आज
अश्विनीकृत्तिकामृगशिरापुनर्वसुआश्लेषामघाउत्तर फाल्गुनीचित्राविशाखाज्येष्ठामूलउत्तराषाढ़ाधनिष्ठापूर्वभाद्रपद
09

सूर्य-चन्द्र विवरण

ज्योतिर्मय गणना
दोनों ज्योतिर्धरों की राशि, नक्षत्र, पाद, देशान्तर, गति, कला।

सूर्य

सौर ज्योतिर्धर
राशि
वृषभ
समस्त दिवस
नक्षत्र
कृत्तिका
2 पाद
देशान्तर
31°53'21"
31.89° सायन
गति
0.9633°
प्रति दिवस

चन्द्र

चन्द्र ज्योतिर्धर
राशि
वृश्चिक
चन्द्र राशि
नक्षत्र
अनुराधा
3 पाद
गति
14.9564°
प्रति दिवस
देशान्तर
222°56'26"
222.94° सायन
कला — क्षयक्रम
99%
कृष्ण पक्ष · कृष्ण प्रतिपदा
10

मास · ऋतु · अयन

पक्ष एवं काल विवरण
पूर्णिमान्त एवं अमान्त मास, सौर प्रविष्टे, दृक एवं वैदिक ऋतु, अयन।
पक्ष
कृष्ण
क्षयक्रम
मास — पूर्णिमान्त
ज्येष्ठ
उत्तर भारतीय
मास — अमान्त
वैशाख
दक्षिण भारतीय
प्रविष्टे
2
सौर दिवस
अधिक मास
नहीं
सामान्य
दृक ऋतु
ग्रीष्म
सौर-आधारित
वैदिक ऋतु
ग्रीष्म
चान्द्र-आधारित
दृक अयन
उत्तरायण
सायन
वैदिक अयन
उत्तरायण
निरयन
11

संवत्सर · काल-गणना

विक्रम · शक · गुजराती
विक्रम, शक, गुजराती संवत्, कलियुग वर्ष, अहर्गण, अयनांश, जूलियन दिवस।
विक्रम संवत्
2079
राक्षस
शक संवत्
1944
शुभकृत
गुजराती संवत्
2078
प्रमादी
कलियुग वर्ष
5,123
/ ४,३२,०००
कलि अहर्गण
18,71,251
दिवस
लाहिड़ी अयनांश
24°10'35"
24.176357°
जूलियन दिवस
24,59,716
JD
संशोधित JD
59,716
MJD
जूलियन (पुरातन)
4 मई
2022
राष्ट्रीय सिविल
वैशाख 27
शक 1944
राष्ट्रीय निरयन
वैशाख 2
सौर
रात्रिदिए (R.D.)
7,38,292
proleptic
शक चक्र
चक्र 33
६० वर्ष
12

संवत्सर के दश अधिकारी

मन्त्री मण्डल
वर्ष-संचालन में दश ग्रह — राजा, मन्त्री, सेनाधिपति, मेघाधिपति आदि।
राजामन्त्रीसेनामेघसस्यधान्यफलरसधननिरस
वर्ष-राजा
सूर्य
राजा
सूर्य
मन्त्री
चन्द्र
सेनाधिपति
मङ्गल
मेघाधिपति
बुध
सस्याधिपति
गुरु
धान्याधिपति
शुक्र
फलाधिपति
शनि
रसाधिपति
चन्द्र
धनाधिपति
सूर्य
निरसाधिपति
मङ्गल
13

संक्रमण

आगामी अन्त्य काल
तिथि, नक्षत्र, योग, करण के आगामी तीन परिवर्तन।

तिथि

अब
कृष्ण प्रतिपदा
06:26
अगला
कृष्ण द्वितीया
03:01
+ २
कृष्ण तृतीया

नक्षत्र

अब
अनुराधा
10:48
अगला
ज्येष्ठा
08:10
+ २
मूल

योग

अब
शिव
22:39
अगला
सिद्ध
18:46
+ २
साध्य

करण

अब
कौलव
06:26
अगला
तैतिल
16:44
+ २
गर
दिल्लीमुंबईकोलकाताचेन्नईबेंगलुरुहैदराबादअहमदाबादपुणेजयपुरलखनऊवाराणसीप्रयागराजहरिद्वारउज्जैनमथुराअयोध्यापटनाइंदौर
गणना इंजन
JPL DE441 · दृक् (वेधसिद्ध)
अयनांश
लाहिड़ी · चित्रापक्ष · 24°10'35"
सूर्योदय परिभाषा
उत्तरबिम्ब · वायुमण्डल संशोधित
ॐ    तत्    सत्