ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
सुपौल, बिहार

सुपौल — पंचांग

31 जुलाई 2025, गुरुवार

सूर्योदय
05:09
सूर्यास्त
18:31
चंद्रोदय
10:56
चंद्रास्त
22:21
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जुलाई 2025 — मासिक पंचांग

सर्वार्थ सिद्धि योग
31 जुलाई 2025, गुरुवार को सर्वार्थ सिद्धि योग है — सभी शुभ कार्यों के लिए उत्तम दिन

पंचांग — पाँच अंग

तिथि
शुक्ल सप्तमी
00:00 तक
अगली: शुक्ल अष्टमी
प्रगति6%
नक्षत्र
चित्रा (1 पाद)
00:41 तक
अगली: स्वाति
स्वामी: मंगल
योग
साध्य
00:00 तक
अगला: शुभ
शुभ
करण
गर
00:00 तक
अगला: वणिज
शुभ
वार
गुरुवार

पंचांग सार

तिथि
शुक्ल सप्तमी· 00:00 तक
शुक्ल अष्टमी
नक्षत्र
चित्रा · पद 1· 00:41 तक
स्वाति
योग
साध्य· 00:00 तक
शुभ
करण
गर· 00:00 तक
वणिज
वार
गुरुवार
पक्ष
शुक्ल पक्ष

ग्रह स्थिति

सूर्य
राशिकर्क
नक्षत्रपुष्य
पद4
देशांतर103°48'07"
चन्द्रमा
राशिकन्या
नक्षत्रचित्रा
पद1
देशांतर176°28'02"

राशि

चंद्र राशि
कन्या
सूर्य राशि
कर्क

सुपौल — शुभ-अशुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:33 — 04:21
प्रातः सन्ध्या
04:21 — 05:57
सूर्योदय
05:09
अभिजित मुहूर्त
11:26 — 12:14
अमृत कालविशेष
13:30 — 15:10
विजय मुहूर्त
15:50 — 16:44
गोधूलि मुहूर्त
18:07 — 18:55
सूर्यास्त
18:31
सायाह्न सन्ध्या
18:34 — 19:43
निशिता मुहूर्त
23:26 — 00:14
राहु काल
13:30 — 15:10
यमगंड काल
16:51 — 18:31
गुलिक काल
08:29 — 10:10
प्रथम दुर्मुहूर्त
11:00 — 11:50
द्वितीय दुर्मुहूर्त
16:51 — 17:41
चंद्रोदय
10:56
चंद्रास्त
22:21
मध्याह्न
11:50
सर्वार्थ सिद्धि योगसम्पूर्ण दिन

हिन्दू पंचांग — संवत् एवं मास

चन्द्र माह (पूर्णिमान्त)
श्रावण
चन्द्र माह (अमान्त)
श्रावण
पक्ष
शुक्ल पक्ष
विक्रम संवत्
2082
शक संवत्
1947
गुजराती संवत्
2080

नक्षत्र विस्तार

नक्षत्र पद
पद 1
चित्रा
नक्षत्र स्वामी
मंगल
नक्षत्र देवता
विश्वकर्मा
सूर्य नक्षत्र
पुष्य
पद 4स्वामी: शनि

ऋतु एवं अयन

वैदिक ऋतु
वर्षा
द्रिक ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

दिनमान एवं रात्रिमान

दिनमान
13 घण्टे 21 मिनट 60 सेकण्ड
33 घटी 25 पल
रात्रिमान
10 घण्टे 38 मिनट 00 सेकण्ड
26 घटी 35 पल
मध्याह्न (सौर)
11:50
सूर्य का उच्चतम बिन्दु

दिन का चौघड़िया — 31 जुलाई 2025, गुरुवार

अमृतशुभलाभचरकालउद्वेगरोग
05:0906:49
शुभ
विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य
06:4908:29
रोग
स्वास्थ्य निर्णय टालें
08:2910:10
उद्वेग
नया काम प्रारंभ न करें
10:1011:50
चर
यात्रा, वाहन चालन
11:5013:30
लाभ
व्यापार, धन लेनदेन, नौकरी
13:3015:10
अमृत
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह
15:1016:51
काल
महत्वपूर्ण निर्णय टालें
16:5118:31
शुभ
विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य

रात का चौघड़िया

18:3119:51
अमृत
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह
19:5121:10
काल
महत्वपूर्ण निर्णय टालें
21:1022:30
शुभ
विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य
22:3023:50
रोग
स्वास्थ्य निर्णय टालें
23:5001:10
उद्वेग
नया काम प्रारंभ न करें
01:1002:29
चर
यात्रा, वाहन चालन
02:2903:49
लाभ
व्यापार, धन लेनदेन, नौकरी
03:4905:09
अमृत
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह

सुपौल पंचांग — जुलाई 2025

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अन्य शहरों का पंचांग — 31 जुलाई 2025, गुरुवार

दिल्लीमुंबईकोलकाताचेन्नईबेंगलुरुहैदराबादअहमदाबादपुणेजयपुरलखनऊवाराणसीप्रयागराज

सुपौल पंचांग — 31 जुलाई 2025, गुरुवार

सुपौल (बिहार) के लिए 31 जुलाई 2025, गुरुवार का सम्पूर्ण हिन्दू पंचांग यहाँ प्रस्तुत है। पंचांग के पाँच अंग — तिथि, नक्षत्र, योग, करण और वार — के साथ-साथ सूर्योदय, सूर्यास्त, चंद्रोदय, राहु काल, यमगंड काल, गुलिक काल, ब्रह्म मुहूर्त, अभिजित मुहूर्त और चौघड़िया की सटीक जानकारी दी गई है।

यह पंचांग सुपौल के अक्षांश-देशांतर के अनुसार खगोलीय गणना पर आधारित है, जिससे सूर्योदय और अन्य समय स्थानीय रूप से सटीक हैं। किसी भी शुभ कार्य, पूजा, व्रत या मुहूर्त के लिए अपने शहर का पंचांग अवश्य देखें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सुपौल में 31 जुलाई 2025, गुरुवार को सूर्योदय कब है?

सुपौल में 31 जुलाई 2025, गुरुवार को सूर्योदय 05:09 बजे और सूर्यास्त 18:31 बजे है। ये समय खगोलीय गणना के आधार पर सटीक हैं।

सुपौल में 31 जुलाई 2025, गुरुवार को राहु काल कब है?

सुपौल में 31 जुलाई 2025, गुरुवार को राहु काल 13:30 से 15:10 तक है। इस समय नए कार्य प्रारंभ न करें।

सुपौल में 31 जुलाई 2025, गुरुवार को तिथि क्या है?

सुपौल में 31 जुलाई 2025, गुरुवार को शुक्ल सप्तमी तिथि है।

पंचांग के पाँच अंग कौन से हैं?

पंचांग के पाँच अंग हैं — तिथि (चंद्र दिन), नक्षत्र (चंद्र मंडल), योग (सूर्य-चंद्र संयोग), करण (अर्ध-तिथि) और वार (सप्ताह का दिन)। ये पाँचों मिलकर किसी भी दिन की शुभता निर्धारित करते हैं।

अभिजित मुहूर्त किसे कहते हैं?

अभिजित मुहूर्त दिन का सबसे शुभ समय है, जो सौर मध्याह्न (solar noon) के आसपास 48 मिनट का होता है। बृहत्संहिता के अनुसार यह दिन का आठवाँ मुहूर्त है।