ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
Taj Pul, दिल्ली

Taj Pul — पंचांग

19 फरवरी 2026, गुरुवार

सूर्योदय
06:56
सूर्यास्त
18:14
चंद्रोदय
07:54
चंद्रास्त
20:10
← पिछला दिनआज का पंचांगअगला दिन →

फरवरी 2026 — मासिक पंचांग

पंचक चल रहा है
पंचक काल में शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं

पंचांग — पाँच अंग

तिथि
शुक्ल द्वितीया
16:00 तक
अगली: शुक्ल तृतीया
प्रगति60%
नक्षत्र
पूर्वभाद्रपद (2 पाद)
20:51 तक
अगली: उत्तरभाद्रपद
स्वामी: बृहस्पति
योग
सिद्ध
20:41 तक
अगला: साध्य
शुभ
करण
कौलव
00:00 तक
अगला: तैतिल
शुभ
वार
गुरुवार

पंचांग सार

तिथि
शुक्ल द्वितीया· 16:00 तक
शुक्ल तृतीया
नक्षत्र
पूर्वभाद्रपद · पद 2· 20:51 तक
उत्तरभाद्रपद
योग
सिद्ध· 20:41 तक
साध्य
करण
कौलव· 00:00 तक
तैतिल
वार
गुरुवार
पक्ष
शुक्ल पक्ष

ग्रह स्थिति

सूर्य
राशिकुम्भ
नक्षत्रधनिष्ठा
पद4
देशांतर306°11'01"
चन्द्रमा
राशिकुम्भ
नक्षत्रपूर्वभाद्रपद
पद2
देशांतर325°25'53"

राशि

चंद्र राशि
कुम्भ
सूर्य राशि
कुम्भ

Taj Pul — शुभ-अशुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:20 — 06:08
प्रातः सन्ध्या
06:08 — 07:44
सूर्योदय
06:56
अभिजित मुहूर्त
12:11 — 12:59
अमृत कालविशेष
14:00 — 15:24
विजय मुहूर्त
15:58 — 16:43
गोधूलि मुहूर्त
17:50 — 18:38
सूर्यास्त
18:14
सायाह्न सन्ध्या
18:17 — 19:26
निशिता मुहूर्त
00:11 — 00:59
राहु काल
14:00 — 15:24
यमगंड काल
16:49 — 18:14
गुलिक काल
09:45 — 11:10
प्रथम दुर्मुहूर्त
11:52 — 12:35
द्वितीय दुर्मुहूर्त
16:49 — 17:31
चंद्रोदय
07:54
चंद्रास्त
20:10
मध्याह्न
12:35

हिन्दू पंचांग — संवत् एवं मास

चन्द्र माह (पूर्णिमान्त)
फाल्गुन
चन्द्र माह (अमान्त)
फाल्गुन
पक्ष
शुक्ल पक्ष
विक्रम संवत्
2083
शक संवत्
1947
गुजराती संवत्
2081

नक्षत्र विस्तार

नक्षत्र पद
पद 2
पूर्वभाद्रपद
नक्षत्र स्वामी
बृहस्पति
नक्षत्र देवता
अजैकपाद
सूर्य नक्षत्र
धनिष्ठा
पद 4स्वामी: मंगल

ऋतु एवं अयन

वैदिक ऋतु
शिशिर
द्रिक ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

दिनमान एवं रात्रिमान

दिनमान
11 घण्टे 18 मिनट 10 सेकण्ड
28 घटी 15 पल
रात्रिमान
12 घण्टे 41 मिनट 50 सेकण्ड
31 घटी 45 पल
मध्याह्न (सौर)
12:35
सूर्य का उच्चतम बिन्दु

दिन का चौघड़िया — 19 फरवरी 2026, गुरुवार

अमृतशुभलाभचरकालउद्वेगरोग
06:5608:20
शुभ
विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य
08:2009:45
रोग
स्वास्थ्य निर्णय टालें
09:4511:10
उद्वेग
नया काम प्रारंभ न करें
11:1012:35
चर
यात्रा, वाहन चालन
12:3514:00
लाभ
व्यापार, धन लेनदेन, नौकरी
14:0015:24
अमृत
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह
15:2416:49
काल
महत्वपूर्ण निर्णय टालें
16:4918:14
शुभ
विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य

रात का चौघड़िया

18:1419:49
अमृत
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह
19:4921:24
काल
महत्वपूर्ण निर्णय टालें
21:2423:00
शुभ
विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य
23:0000:35
रोग
स्वास्थ्य निर्णय टालें
00:3502:10
उद्वेग
नया काम प्रारंभ न करें
02:1003:45
चर
यात्रा, वाहन चालन
03:4505:20
लाभ
व्यापार, धन लेनदेन, नौकरी
05:2006:56
अमृत
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह

Taj Pul पंचांग — फरवरी 2026

12345678910111213141516171819202122232425262728

अन्य शहरों का पंचांग — 19 फरवरी 2026, गुरुवार

दिल्लीमुंबईकोलकाताचेन्नईबेंगलुरुहैदराबादअहमदाबादपुणेजयपुरलखनऊवाराणसीप्रयागराज

Taj Pul पंचांग — 19 फरवरी 2026, गुरुवार

Taj Pul (दिल्ली) के लिए 19 फरवरी 2026, गुरुवार का सम्पूर्ण हिन्दू पंचांग यहाँ प्रस्तुत है। पंचांग के पाँच अंग — तिथि, नक्षत्र, योग, करण और वार — के साथ-साथ सूर्योदय, सूर्यास्त, चंद्रोदय, राहु काल, यमगंड काल, गुलिक काल, ब्रह्म मुहूर्त, अभिजित मुहूर्त और चौघड़िया की सटीक जानकारी दी गई है।

यह पंचांग Taj Pul के अक्षांश-देशांतर के अनुसार खगोलीय गणना पर आधारित है, जिससे सूर्योदय और अन्य समय स्थानीय रूप से सटीक हैं। किसी भी शुभ कार्य, पूजा, व्रत या मुहूर्त के लिए अपने शहर का पंचांग अवश्य देखें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

Taj Pul में 19 फरवरी 2026, गुरुवार को सूर्योदय कब है?

Taj Pul में 19 फरवरी 2026, गुरुवार को सूर्योदय 06:56 बजे और सूर्यास्त 18:14 बजे है। ये समय खगोलीय गणना के आधार पर सटीक हैं।

Taj Pul में 19 फरवरी 2026, गुरुवार को राहु काल कब है?

Taj Pul में 19 फरवरी 2026, गुरुवार को राहु काल 14:00 से 15:24 तक है। इस समय नए कार्य प्रारंभ न करें।

Taj Pul में 19 फरवरी 2026, गुरुवार को तिथि क्या है?

Taj Pul में 19 फरवरी 2026, गुरुवार को शुक्ल द्वितीया तिथि है।

पंचांग के पाँच अंग कौन से हैं?

पंचांग के पाँच अंग हैं — तिथि (चंद्र दिन), नक्षत्र (चंद्र मंडल), योग (सूर्य-चंद्र संयोग), करण (अर्ध-तिथि) और वार (सप्ताह का दिन)। ये पाँचों मिलकर किसी भी दिन की शुभता निर्धारित करते हैं।

अभिजित मुहूर्त किसे कहते हैं?

अभिजित मुहूर्त दिन का सबसे शुभ समय है, जो सौर मध्याह्न (solar noon) के आसपास 48 मिनट का होता है। बृहत्संहिता के अनुसार यह दिन का आठवाँ मुहूर्त है।