ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
Tāti, झारखंड

Tāti — पंचांग

3 नवंबर 2027, बुधवार

सूर्योदय
05:54
सूर्यास्त
17:09
चंद्रोदय
10:16
चंद्रास्त
21:02
← पिछला दिनआज का पंचांगअगला दिन →

नवंबर 2027 — मासिक पंचांग

पंचांग — पाँच अंग

तिथि
शुक्ल पंचमी
19:32 तक
अगली: शुक्ल षष्ठी
प्रगति47%
नक्षत्र
मूल (3 पाद)
12:57 तक
अगली: पूर्वाषाढ़ा
स्वामी: केतु
योग
सुकर्मा
19:29 तक
अगला: धृति
शुभ
करण
बव
06:43 तक
अगला: बालव
शुभ
वार
बुधवार

पंचांग सार

तिथि
शुक्ल पंचमी· 19:32 तक
शुक्ल षष्ठी
नक्षत्र
मूल · पद 3· 12:57 तक
पूर्वाषाढ़ा
योग
सुकर्मा· 19:29 तक
धृति
करण
बव· 06:43 तक
बालव
वार
बुधवार
पक्ष
शुक्ल पक्ष

ग्रह स्थिति

सूर्य
राशितुला
नक्षत्रस्वाति
पद3
देशांतर196°06'44"
चन्द्रमा
राशिधनु
नक्षत्रमूल
पद3
देशांतर249°44'01"

राशि

चंद्र राशि
धनु
सूर्य राशि
तुला

Tāti — शुभ-अशुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:18 — 05:06
प्रातः सन्ध्या
05:06 — 06:42
सूर्योदय
05:54
अभिजित मुहूर्त
11:08 — 11:56
अमृत कालविशेष
07:19 — 08:43
विजय मुहूर्त
14:54 — 15:39
गोधूलि मुहूर्त
16:45 — 17:33
सूर्यास्त
17:09
सायाह्न सन्ध्या
17:12 — 18:21
निशिता मुहूर्त
23:08 — 23:56
राहु काल
11:32 — 12:56
यमगंड काल
05:54 — 07:19
गुलिक काल
10:07 — 11:32
प्रथम दुर्मुहूर्त
10:07 — 10:50
चंद्रोदय
10:16
चंद्रास्त
21:02
मध्याह्न
11:32

हिन्दू पंचांग — संवत् एवं मास

चन्द्र माह (पूर्णिमान्त)
कार्तिक
चन्द्र माह (अमान्त)
कार्तिक
पक्ष
शुक्ल पक्ष
विक्रम संवत्
2084
शक संवत्
1949
गुजराती संवत्
2083

नक्षत्र विस्तार

नक्षत्र पद
पद 3
मूल
नक्षत्र स्वामी
केतु
नक्षत्र देवता
निऋति
सूर्य नक्षत्र
स्वाति
पद 3स्वामी: राहु

ऋतु एवं अयन

वैदिक ऋतु
शरद
द्रिक ऋतु
हेमन्त
अयन
दक्षिणायन

दिनमान एवं रात्रिमान

दिनमान
11 घण्टे 14 मिनट 21 सेकण्ड
28 घटी 6 पल
रात्रिमान
12 घण्टे 45 मिनट 39 सेकण्ड
31 घटी 54 पल
मध्याह्न (सौर)
11:32
सूर्य का उच्चतम बिन्दु

दिन का चौघड़िया — 3 नवंबर 2027, बुधवार

अमृतशुभलाभचरकालउद्वेगरोग
05:5407:19
लाभ
व्यापार, धन लेनदेन, नौकरी
07:1908:43
अमृत
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह
08:4310:07
काल
महत्वपूर्ण निर्णय टालें
10:0711:32
शुभ
विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य
11:3212:56
रोग
स्वास्थ्य निर्णय टालें
12:5614:20
उद्वेग
नया काम प्रारंभ न करें
14:2015:45
चर
यात्रा, वाहन चालन
15:4517:09
लाभ
व्यापार, धन लेनदेन, नौकरी

रात का चौघड़िया

17:0918:45
लाभ
व्यापार, धन लेनदेन, नौकरी
18:4520:20
अमृत
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह
20:2021:56
काल
महत्वपूर्ण निर्णय टालें
21:5623:32
शुभ
विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य
23:3201:07
रोग
स्वास्थ्य निर्णय टालें
01:0702:43
उद्वेग
नया काम प्रारंभ न करें
02:4304:19
चर
यात्रा, वाहन चालन
04:1905:54
लाभ
व्यापार, धन लेनदेन, नौकरी

Tāti पंचांग — नवंबर 2027

123456789101112131415161718192021222324252627282930

अन्य शहरों का पंचांग — 3 नवंबर 2027, बुधवार

दिल्लीमुंबईकोलकाताचेन्नईबेंगलुरुहैदराबादअहमदाबादपुणेजयपुरलखनऊवाराणसीप्रयागराज

Tāti पंचांग — 3 नवंबर 2027, बुधवार

Tāti (झारखंड) के लिए 3 नवंबर 2027, बुधवार का सम्पूर्ण हिन्दू पंचांग यहाँ प्रस्तुत है। पंचांग के पाँच अंग — तिथि, नक्षत्र, योग, करण और वार — के साथ-साथ सूर्योदय, सूर्यास्त, चंद्रोदय, राहु काल, यमगंड काल, गुलिक काल, ब्रह्म मुहूर्त, अभिजित मुहूर्त और चौघड़िया की सटीक जानकारी दी गई है।

यह पंचांग Tāti के अक्षांश-देशांतर के अनुसार खगोलीय गणना पर आधारित है, जिससे सूर्योदय और अन्य समय स्थानीय रूप से सटीक हैं। किसी भी शुभ कार्य, पूजा, व्रत या मुहूर्त के लिए अपने शहर का पंचांग अवश्य देखें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

Tāti में 3 नवंबर 2027, बुधवार को सूर्योदय कब है?

Tāti में 3 नवंबर 2027, बुधवार को सूर्योदय 05:54 बजे और सूर्यास्त 17:09 बजे है। ये समय खगोलीय गणना के आधार पर सटीक हैं।

Tāti में 3 नवंबर 2027, बुधवार को राहु काल कब है?

Tāti में 3 नवंबर 2027, बुधवार को राहु काल 11:32 से 12:56 तक है। इस समय नए कार्य प्रारंभ न करें।

Tāti में 3 नवंबर 2027, बुधवार को तिथि क्या है?

Tāti में 3 नवंबर 2027, बुधवार को शुक्ल पंचमी तिथि है।

पंचांग के पाँच अंग कौन से हैं?

पंचांग के पाँच अंग हैं — तिथि (चंद्र दिन), नक्षत्र (चंद्र मंडल), योग (सूर्य-चंद्र संयोग), करण (अर्ध-तिथि) और वार (सप्ताह का दिन)। ये पाँचों मिलकर किसी भी दिन की शुभता निर्धारित करते हैं।

अभिजित मुहूर्त किसे कहते हैं?

अभिजित मुहूर्त दिन का सबसे शुभ समय है, जो सौर मध्याह्न (solar noon) के आसपास 48 मिनट का होता है। बृहत्संहिता के अनुसार यह दिन का आठवाँ मुहूर्त है।