ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
Tāti, झारखंड

Tāti — पंचांग

19 दिसंबर 2027, रविवार

सूर्योदय
06:24
सूर्यास्त
17:06
चंद्रोदय
23:09
चंद्रास्त
10:53
← पिछला दिनआज का पंचांगअगला दिन →

दिसंबर 2027 — मासिक पंचांग

पंचांग — पाँच अंग

तिथि
कृष्ण सप्तमी
00:00 तक
अगली: कृष्ण अष्टमी
प्रगति4%
नक्षत्र
पूर्व फाल्गुनी (1 पाद)
00:00 तक
अगली: उत्तर फाल्गुनी
स्वामी: शुक्र
योग
प्रीति
20:36 तक
अगला: आयुष्मान
शुभ
करण
विष्टि
00:00 तक
अगला: बव
अशुभ
वार
रविवार

पंचांग सार

तिथि
कृष्ण सप्तमी· 00:00 तक
कृष्ण अष्टमी
नक्षत्र
पूर्व फाल्गुनी · पद 1· 00:00 तक
उत्तर फाल्गुनी
योग
प्रीति· 20:36 तक
आयुष्मान
करण
विष्टि· 00:00 तक
बव
वार
रविवार
पक्ष
कृष्ण पक्ष

ग्रह स्थिति

सूर्य
राशिधनु
नक्षत्रमूल
पद1
देशांतर242°37'32"
चन्द्रमा
राशिसिंह
नक्षत्रपूर्व फाल्गुनी
पद1
देशांतर135°03'36"

राशि

चंद्र राशि
सिंह
सूर्य राशि
धनु

Tāti — शुभ-अशुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:48 — 05:36
प्रातः सन्ध्या
05:36 — 07:12
सूर्योदय
06:24
अभिजित मुहूर्त
11:21 — 12:09
अमृत कालविशेष
10:25 — 11:45
विजय मुहूर्त
14:58 — 15:40
गोधूलि मुहूर्त
16:42 — 17:30
सूर्यास्त
17:06
सायाह्न सन्ध्या
17:09 — 18:18
निशिता मुहूर्त
23:21 — 00:09
राहु काल
15:46 — 17:06
यमगंड काल
10:25 — 11:45
गुलिक काल
14:26 — 15:46
प्रथम दुर्मुहूर्त
10:25 — 11:05
द्वितीय दुर्मुहूर्त
16:26 — 17:06
चंद्रोदय
23:09
चंद्रास्त
10:53
मध्याह्न
11:45

हिन्दू पंचांग — संवत् एवं मास

चन्द्र माह (पूर्णिमान्त)
माघ
चन्द्र माह (अमान्त)
पौष
पक्ष
कृष्ण पक्ष
विक्रम संवत्
2084
शक संवत्
1949
गुजराती संवत्
2083

नक्षत्र विस्तार

नक्षत्र पद
पद 1
पूर्व फाल्गुनी
नक्षत्र स्वामी
शुक्र
नक्षत्र देवता
भग
सूर्य नक्षत्र
मूल
पद 1स्वामी: केतु

ऋतु एवं अयन

वैदिक ऋतु
शिशिर
द्रिक ऋतु
हेमन्त
अयन
दक्षिणायन

दिनमान एवं रात्रिमान

दिनमान
10 घण्टे 41 मिनट 59 सेकण्ड
26 घटी 45 पल
रात्रिमान
13 घण्टे 18 मिनट 01 सेकण्ड
33 घटी 15 पल
मध्याह्न (सौर)
11:45
सूर्य का उच्चतम बिन्दु

दिन का चौघड़िया — 19 दिसंबर 2027, रविवार

अमृतशुभलाभचरकालउद्वेगरोग
06:2407:44
उद्वेग
नया काम प्रारंभ न करें
07:4409:05
चर
यात्रा, वाहन चालन
09:0510:25
लाभ
व्यापार, धन लेनदेन, नौकरी
10:2511:45
अमृत
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह
11:4513:05
काल
महत्वपूर्ण निर्णय टालें
13:0514:26
शुभ
विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य
14:2615:46
रोग
स्वास्थ्य निर्णय टालें
15:4617:06
उद्वेग
नया काम प्रारंभ न करें

रात का चौघड़िया

17:0618:46
शुभ
विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य
18:4620:26
रोग
स्वास्थ्य निर्णय टालें
20:2622:05
उद्वेग
नया काम प्रारंभ न करें
22:0523:45
चर
यात्रा, वाहन चालन
23:4501:25
लाभ
व्यापार, धन लेनदेन, नौकरी
01:2503:05
अमृत
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह
03:0504:44
काल
महत्वपूर्ण निर्णय टालें
04:4406:24
शुभ
विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य

Tāti पंचांग — दिसंबर 2027

12345678910111213141516171819202122232425262728293031

अन्य शहरों का पंचांग — 19 दिसंबर 2027, रविवार

दिल्लीमुंबईकोलकाताचेन्नईबेंगलुरुहैदराबादअहमदाबादपुणेजयपुरलखनऊवाराणसीप्रयागराज

Tāti पंचांग — 19 दिसंबर 2027, रविवार

Tāti (झारखंड) के लिए 19 दिसंबर 2027, रविवार का सम्पूर्ण हिन्दू पंचांग यहाँ प्रस्तुत है। पंचांग के पाँच अंग — तिथि, नक्षत्र, योग, करण और वार — के साथ-साथ सूर्योदय, सूर्यास्त, चंद्रोदय, राहु काल, यमगंड काल, गुलिक काल, ब्रह्म मुहूर्त, अभिजित मुहूर्त और चौघड़िया की सटीक जानकारी दी गई है।

यह पंचांग Tāti के अक्षांश-देशांतर के अनुसार खगोलीय गणना पर आधारित है, जिससे सूर्योदय और अन्य समय स्थानीय रूप से सटीक हैं। किसी भी शुभ कार्य, पूजा, व्रत या मुहूर्त के लिए अपने शहर का पंचांग अवश्य देखें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

Tāti में 19 दिसंबर 2027, रविवार को सूर्योदय कब है?

Tāti में 19 दिसंबर 2027, रविवार को सूर्योदय 06:24 बजे और सूर्यास्त 17:06 बजे है। ये समय खगोलीय गणना के आधार पर सटीक हैं।

Tāti में 19 दिसंबर 2027, रविवार को राहु काल कब है?

Tāti में 19 दिसंबर 2027, रविवार को राहु काल 15:46 से 17:06 तक है। इस समय नए कार्य प्रारंभ न करें।

Tāti में 19 दिसंबर 2027, रविवार को तिथि क्या है?

Tāti में 19 दिसंबर 2027, रविवार को कृष्ण सप्तमी तिथि है।

पंचांग के पाँच अंग कौन से हैं?

पंचांग के पाँच अंग हैं — तिथि (चंद्र दिन), नक्षत्र (चंद्र मंडल), योग (सूर्य-चंद्र संयोग), करण (अर्ध-तिथि) और वार (सप्ताह का दिन)। ये पाँचों मिलकर किसी भी दिन की शुभता निर्धारित करते हैं।

अभिजित मुहूर्त किसे कहते हैं?

अभिजित मुहूर्त दिन का सबसे शुभ समय है, जो सौर मध्याह्न (solar noon) के आसपास 48 मिनट का होता है। बृहत्संहिता के अनुसार यह दिन का आठवाँ मुहूर्त है।