ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
PAURANIK· सनातन पञ्चाङ्गम्
27°00'00"N · 95°45'00"E
दिनांक
आज
स्थान
समय क्षेत्र
GMT+5:30UTC +05:30
सोमवार — पञ्चाङ्ग गणना

16.11नवंबर 2026

सोमवार · 16 नवंबर 2026
चन्द्र वार·शुक्ल पक्ष·कार्तिक मास·संवत् 2083 सिद्धार्थी
तिरप
अरुणाचल प्रदेश
27°00'00"N  95°45'00"E
GMT+5:30 · UTC +05:30
भद्रा सक्रियविष्टि करण · अशुभ — 04:20 — 05:28
i.
तिथि
सप्तमीशुक्ल पक्ष
04:20 तक
ii.
नक्षत्र
श्रवण1 पाद
02:17 तक
iii.
योग
गंडअशुभ
07:17 तक
iv.
करण
गर
15:14 तक
v.
वार
सोमवारचन्द्र स्वामी
सूर्योदय 05:27

सूर्य आर्क

दिनमान · 10 घण्टे 48 मिनट
05:27सूर्योदय16:16सूर्यास्त10:52
अरुणोदय
03:51
मध्याह्न
10:52
दिनमान
10:48
प्रातः सन्धि
04:08

चन्द्र आर्क

रात्रिमान · 13 घण्टे 12 मिनट
11:01चन्द्रोदय21:56चन्द्रास्तकला ~36%
रात्रिमान
13:12
निशीथ
22:26
गोधूलि
16:14
कला
36%
01

शुभ — अशुभ काल

मुहूर्त निरीक्षण
दिन के शुभ और अशुभ काल — समस्त मुहूर्त एक ही स्थान पर।

शुभ मुहूर्त

अनुकूल काल
i
अभिजित मुहूर्तमध्याह्न का सर्वोत्तम काल
10:30 — 11:13
ii
ब्रह्म मुहूर्तध्यान-योग का काल
03:42 — 04:35
iii
विजय मुहूर्तविजय एवं सफलता
12:40 — 13:23
iv
गोधूलि मुहूर्तगृह-प्रवेश, विवाह
16:14 — 16:42
v
निशीथ मुहूर्तअर्धरात्रि पूजन
22:26 — 23:18
vi
प्रातः सन्ध्याप्रातः उपासना
04:08 — 05:27
vii
सायाह्न सन्ध्यासायं उपासना
16:16 — 17:35
viii
अमृत कालसर्व-सिद्धिकर
14:41 — 16:28
ix
अमृत चौघड़ियादिन का शुभ चौघड़िया
05:27 — 06:48
विशेष योग · आज सक्रिय
+
सर्वार्थ सिद्धिसिद्धिदायक
समस्त दिवस
+
आनन्दादि — काणअशुभ
02:17 तक

अशुभ काल

त्याज्य काल
i
राहुकालनवीन कार्य त्यागें
06:48 — 08:09
ii
यमगण्डयात्रा त्यागें
09:31 — 10:52
iii
गुलिक कालशुभ कार्य रोकें
12:13 — 13:34
भद्रा · विष्टि करण
मुखपूर्ण अशुभ
04:20 — 04:26
पुच्छअल्प अशुभ
05:26 — 05:28
अन्य दोष · दर्शन
पञ्चकअनुपस्थित
गण्डमूलअनुपस्थित
आडल योगक्षीणकारी
सक्रिय
02

चौघड़िया

सोलह अंश · दिन-रात्रि चक्र
सूर्योदय से आठ दिन-चौघड़िया, सूर्यास्त से आठ रात्रि-चौघड़िया।
दिन ↑↓ रात्रिअमृतकालशुभरोगउद्वेगचरलाभअमृतचररोगकाललाभउद्वेगशुभअमृतचर
वर्तमान
XII.
लाभ
21:13 — 22:52
दिन05:2716:16
1अमृतचंद्र05:2706:48
2कालशनि06:4808:09
3शुभबृहस्पति08:0909:31
4रोगमंगल09:3110:52
5उद्वेगसूर्य10:5212:13
6चरशुक्र12:1313:34
7लाभबुध13:3414:55
8अमृतचंद्र14:5516:16
रात्रि16:16 → अगला सूर्योदय
1चरशुक्र16:1617:55
2रोगमंगल17:5519:34
3कालशनि19:3421:13
4लाभबुध21:1322:52
5उद्वेगसूर्य22:5200:31
6शुभबृहस्पति00:3102:10
7अमृतचंद्र02:1003:49
8चरशुक्र03:4905:28
03

होरा

चौबीस ग्रहाधिपति
सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चौबीस होरा, प्रत्येक का स्वामी।
वर्तमान होरा
गुरु
20:40 — 21:46
iचन्द्र05:27
iiशनि06:21
iiiगुरु07:15
ivमङ्गल08:09
vसूर्य09:04
viशुक्र09:58
viiबुध10:52
viiiचन्द्र11:46
ixशनि12:40
xगुरु13:34
xiमङ्गल14:28
xiiसूर्य15:22
xiiiशुक्र16:16
xivबुध17:22
xvचन्द्र18:28
xviशनि19:34
xviiगुरु20:40
xviiiमङ्गल21:46
xixसूर्य22:52
xxशुक्र23:58
xxiबुध01:04
xxiiचन्द्र02:10
xxiiiशनि03:16
xxivगुरु04:22
04

लग्न

द्वादश राशि · आरोह क्रम
दिन-रात्रि चक्र में पूर्व क्षितिज पर उदय होती द्वादश राशियाँ।
मेषवृषमिथुनकर्कसिंहकन्यातुलावृश्चिकधनुमकरकुम्भमीनiiiiiiivvviviiviiiixxxixii
वर्तमान लग्न
IV.
कर्क
iतुला05:2705:34
iiवृश्चिक05:3407:52
iiiधनु07:5209:56
ivमकर09:5611:40
vकुम्भ11:4013:09
viमीन13:0914:36
viiमेष14:3616:13
viiiवृष16:1318:09
ixमिथुन18:0920:23
xकर्क20:2322:42
xiसिंह22:4200:58
xiiकन्या00:5803:12
05

पञ्चक रहित

लग्न-शुभाशुभ
प्रत्येक लग्न को शुभ या पञ्चक का गुण प्राप्त होता है — रोग, राज, अग्नि, चोर, मृत्यु।
05:2705:34
अग्नि पञ्चकअग्नि कार्य त्यागें
तुला · i
05:3407:52
शुभ कालसमस्त शुभ कार्य
वृश्चिक · ii
07:5209:56
चोर पञ्चकलेन-देन त्यागें
धनु · iii
09:5611:40
शुभ कालसमस्त शुभ कार्य
मकर · iv
11:4013:09
मृत्यु पञ्चकयात्रा त्यागें
कुम्भ · v
13:0914:36
शुभ कालसमस्त शुभ कार्य
मीन · vi
14:3616:13
शुभ कालसमस्त शुभ कार्य
मेष · vii
16:1318:09
शुभ कालसमस्त शुभ कार्य
वृष · viii
06

आनन्दादि योग

वार-नक्षत्र पर आधारित २८ योग
प्रत्येक वार-नक्षत्र संयोग एक आनन्दादि योग बनाता है।
वर्तमान योग
काण
परिवर्तन02:17
अगला योग
सिद्धि
आडलसक्रिय
विडालअनुपस्थित
तत्त्वजीवनमपृथ्वी
07

दिशा-शूल · वास

दिशा-नियंत्रण
आज किस दिशा में यात्रा त्याज्य, और प्रमुख देवताओं का वास।
उत्तरईशानपूर्वआग्नेयदक्षिणनैऋत्यपश्चिमवायव्य
यात्रा त्यागें
पूर्व
दिशा-शूल
पूर्व
यात्रा त्यागें
होमाहुति
अनुपलब्ध
अग्नि देव
नक्षत्र-शूल
पश्चिम
नक्षत्रानुसार
राहु वास
पूर्व
तिथि-आधारित
अग्नि वास
आकाश
अशुभ
भद्रा वास
पाताल
शुभ
शिव वास
भोजन
अशुभ
चन्द्र वास
दक्षिण
चन्द्र दिशा
कुम्भ चक्र
हानि
त्याज्य
08

चन्द्र-तारा बलम

राशि-नक्षत्र शुभाशुभ
किन राशियों एवं नक्षत्रों के लिए आज का काल अनुकूल है।

चन्द्र बलम

राशि-शुभाशुभ
शुभ राशियाँ — आज
मेषकर्कसिंहवृश्चिकमकरमीन
⊝ अष्टम चन्द्र · मिथुन राशि — विशेष सावधानी

तारा बलम

नक्षत्र-शुभाशुभ
शुभ नक्षत्र — आज
अश्विनीकृत्तिकामृगशिराआर्द्रापुष्यमघाउत्तर फाल्गुनीचित्रास्वातिअनुराधामूलउत्तराषाढ़ाधनिष्ठाशतभिषा
09

सूर्य-चन्द्र विवरण

ज्योतिर्मय गणना
दोनों ज्योतिर्धरों की राशि, नक्षत्र, पाद, देशान्तर, गति, कला।

सूर्य

सौर ज्योतिर्धर
राशि
तुला
19:49 तक
नक्षत्र
विशाखा
3 पाद
देशान्तर
209°23'49"
209.4° सायन
गति
1.0076°
प्रति दिवस

चन्द्र

चन्द्र ज्योतिर्धर
राशि
मकर
चन्द्र राशि
नक्षत्र
श्रवण
1 पाद
गति
11.9703°
प्रति दिवस
देशान्तर
282°57'03"
282.95° सायन
कला — वृद्धिक्रम
36%
शुक्ल पक्ष · शुक्ल सप्तमी
10

मास · ऋतु · अयन

पक्ष एवं काल विवरण
पूर्णिमान्त एवं अमान्त मास, सौर प्रविष्टे, दृक एवं वैदिक ऋतु, अयन।
पक्ष
शुक्ल
वृद्धिक्रम
मास — पूर्णिमान्त
कार्तिक
उत्तर भारतीय
मास — अमान्त
कार्तिक
दक्षिण भारतीय
प्रविष्टे
30
सौर दिवस
अधिक मास
नहीं
सामान्य
दृक ऋतु
हेमन्त
सौर-आधारित
वैदिक ऋतु
शरद
चान्द्र-आधारित
दृक अयन
दक्षिणायन
सायन
वैदिक अयन
दक्षिणायन
निरयन
11

संवत्सर · काल-गणना

विक्रम · शक · गुजराती
विक्रम, शक, गुजराती संवत्, कलियुग वर्ष, अहर्गण, अयनांश, जूलियन दिवस।
विक्रम संवत्
2083
सिद्धार्थी
शक संवत्
1948
पराभव
गुजराती संवत्
2083
काललुक्त
कलियुग वर्ष
5,127
/ ४,३२,०००
कलि अहर्गण
18,72,895
दिवस
लाहिड़ी अयनांश
24°14'21"
24.239233°
जूलियन दिवस
24,61,360
JD
संशोधित JD
61,360
MJD
जूलियन (पुरातन)
3 नवंबर
2026
राष्ट्रीय सिविल
कार्तिक 25
शक 1948
राष्ट्रीय निरयन
आश्विन 30
सौर
रात्रिदिए (R.D.)
7,39,936
proleptic
शक चक्र
चक्र 33
६० वर्ष
12

संवत्सर के दश अधिकारी

मन्त्री मण्डल
वर्ष-संचालन में दश ग्रह — राजा, मन्त्री, सेनाधिपति, मेघाधिपति आदि।
राजामन्त्रीसेनामेघसस्यधान्यफलरसधननिरस
वर्ष-राजा
शनि
राजा
शनि
मन्त्री
शुक्र
सेनाधिपति
मङ्गल
मेघाधिपति
चन्द्र
सस्याधिपति
गुरु
धान्याधिपति
बुध
फलाधिपति
शनि
रसाधिपति
शुक्र
धनाधिपति
सूर्य
निरसाधिपति
मङ्गल
13

संक्रमण

आगामी अन्त्य काल
तिथि, नक्षत्र, योग, करण के आगामी तीन परिवर्तन।

तिथि

अब
शुक्ल सप्तमी
04:20
अगला
शुक्ल अष्टमी
06:05
+ २
शुक्ल नवमी

नक्षत्र

अब
श्रवण
02:17
अगला
धनिष्ठा
04:35
+ २
शतभिषा

योग

अब
गंड
07:17
अगला
वृद्धि
07:55
+ २
ध्रुव

करण

अब
गर
15:14
अगला
वणिज
04:20
+ २
विष्टि
दिल्लीमुंबईकोलकाताचेन्नईबेंगलुरुहैदराबादअहमदाबादपुणेजयपुरलखनऊवाराणसीप्रयागराजहरिद्वारउज्जैनमथुराअयोध्यापटनाइंदौर
गणना इंजन
JPL DE441 · दृक् (वेधसिद्ध)
अयनांश
लाहिड़ी · चित्रापक्ष · 24°14'21"
सूर्योदय परिभाषा
उत्तरबिम्ब · वायुमण्डल संशोधित
ॐ    तत्    सत्