ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
PAURANIK· सनातन पञ्चाङ्गम्
28°03'00"N · 94°02'60"E
दिनांक
आज
स्थान
समय क्षेत्र
GMT+5:30UTC +05:30
मंगलवार — पञ्चाङ्ग गणना

13.10अक्टूबर 2026

मंगलवार · 13 अक्टूबर 2026
मङ्गल वार·शुक्ल पक्ष·आश्विन मास·संवत् 2083 सिद्धार्थी
ऊपरी सुबनसिरी
अरुणाचल प्रदेश
28°03'00"N  94°02'60"E
GMT+5:30 · UTC +05:30
i.
तिथि
तृतीयाशुक्ल पक्ष
23:28 तक
ii.
नक्षत्र
विशाखा1 पाद
01:43 तक
iii.
योग
प्रीतिशुभ
20:25 तक
iv.
करण
तैतिल
10:47 तक
v.
वार
मंगलवारमङ्गल स्वामी
सूर्योदय 05:13

सूर्य आर्क

दिनमान · 11 घण्टे 34 मिनट
05:13सूर्योदय16:47सूर्यास्त11:00
अरुणोदय
03:37
मध्याह्न
11:00
दिनमान
11:34
प्रातः सन्धि
03:58

चन्द्र आर्क

रात्रिमान · 12 घण्टे 26 मिनट
07:38चन्द्रोदय18:06चन्द्रास्तकला ~6%
रात्रिमान
12:26
निशीथ
22:35
गोधूलि
16:45
कला
6%
01

शुभ — अशुभ काल

मुहूर्त निरीक्षण
दिन के शुभ और अशुभ काल — समस्त मुहूर्त एक ही स्थान पर।

शुभ मुहूर्त

अनुकूल काल
i
अभिजित मुहूर्तमध्याह्न का सर्वोत्तम काल
10:37 — 11:23
ii
ब्रह्म मुहूर्तध्यान-योग का काल
03:34 — 04:24
iii
विजय मुहूर्तविजय एवं सफलता
12:56 — 13:42
iv
गोधूलि मुहूर्तगृह-प्रवेश, विवाह
16:45 — 17:12
v
निशीथ मुहूर्तअर्धरात्रि पूजन
22:35 — 23:25
vi
प्रातः सन्ध्याप्रातः उपासना
03:58 — 05:13
vii
सायाह्न सन्ध्यासायं उपासना
16:47 — 18:02
viii
अमृत कालसर्व-सिद्धिकर
16:15 — 17:58
ix
अमृत चौघड़ियादिन का शुभ चौघड़िया
11:00 — 12:27
विशेष योग · आज सक्रिय
+
आनन्दादि — श्रीवत्सशुभ
01:43 तक

अशुभ काल

त्याज्य काल
i
राहुकालनवीन कार्य त्यागें
13:53 — 15:20
ii
यमगण्डयात्रा त्यागें
08:06 — 09:33
iii
गुलिक कालशुभ कार्य रोकें
11:00 — 12:27
iv
वर्ज्यम 1नक्षत्र-त्याज्य
05:54 — 07:38
अन्य दोष · दर्शन
पञ्चकअनुपस्थित
गण्डमूलअनुपस्थित
02

चौघड़िया

सोलह अंश · दिन-रात्रि चक्र
सूर्योदय से आठ दिन-चौघड़िया, सूर्यास्त से आठ रात्रि-चौघड़िया।
दिन ↑↓ रात्रिरोगउद्वेगचरलाभअमृतकालशुभरोगकाललाभउद्वेगशुभअमृतचररोगकाल
वर्तमान
XII.
शुभ
21:27 — 23:00
दिन05:1316:47
1रोगमंगल05:1306:40
2उद्वेगसूर्य06:4008:06
3चरशुक्र08:0609:33
4लाभबुध09:3311:00
5अमृतचंद्र11:0012:27
6कालशनि12:2713:53
7शुभबृहस्पति13:5315:20
8रोगमंगल15:2016:47
रात्रि16:47 → अगला सूर्योदय
1कालशनि16:4718:20
2लाभबुध18:2019:54
3उद्वेगसूर्य19:5421:27
4शुभबृहस्पति21:2723:00
5अमृतचंद्र23:0000:33
6चरशुक्र00:3302:07
7रोगमंगल02:0703:40
8कालशनि03:4005:13
03

होरा

चौबीस ग्रहाधिपति
सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चौबीस होरा, प्रत्येक का स्वामी।
वर्तमान होरा
बुध
21:58 — 23:00
iमङ्गल05:13
iiसूर्य06:11
iiiशुक्र07:09
ivबुध08:06
vचन्द्र09:04
viशनि10:02
viiगुरु11:00
viiiमङ्गल11:58
ixसूर्य12:56
xशुक्र13:53
xiबुध14:51
xiiचन्द्र15:49
xiiiशनि16:47
xivगुरु17:49
xvमङ्गल18:51
xviसूर्य19:54
xviiशुक्र20:56
xviiiबुध21:58
xixचन्द्र23:00
xxशनि00:02
xxiगुरु01:05
xxiiमङ्गल02:07
xxiiiसूर्य03:09
xxivशुक्र04:11
04

लग्न

द्वादश राशि · आरोह क्रम
दिन-रात्रि चक्र में पूर्व क्षितिज पर उदय होती द्वादश राशियाँ।
मेषवृषमिथुनकर्कसिंहकन्यातुलावृश्चिकधनुमकरकुम्भमीनiiiiiiivvviviiviiiixxxixii
वर्तमान लग्न
III.
मिथुन
iकन्या05:1205:37
iiतुला05:3707:56
iiiवृश्चिक07:5610:14
ivधनु10:1412:18
vमकर12:1814:01
viकुम्भ14:0115:29
viiमीन15:2916:55
viiiमेष16:5518:31
ixवृष18:3120:27
xमिथुन20:2722:41
xiकर्क22:4101:01
xiiसिंह01:0103:18
05

पञ्चक रहित

लग्न-शुभाशुभ
प्रत्येक लग्न को शुभ या पञ्चक का गुण प्राप्त होता है — रोग, राज, अग्नि, चोर, मृत्यु।
05:1205:37
राज पञ्चकयात्रा · वाद-विवाद त्यागें
कन्या · i
05:3707:56
शुभ कालसमस्त शुभ कार्य
तुला · ii
07:5610:14
अग्नि पञ्चकअग्नि कार्य त्यागें
वृश्चिक · iii
10:1412:18
शुभ कालसमस्त शुभ कार्य
धनु · iv
12:1814:01
चोर पञ्चकलेन-देन त्यागें
मकर · v
14:0115:29
शुभ कालसमस्त शुभ कार्य
कुम्भ · vi
15:2916:55
मृत्यु पञ्चकयात्रा त्यागें
मीन · vii
16:5518:31
शुभ कालसमस्त शुभ कार्य
मेष · viii
06

आनन्दादि योग

वार-नक्षत्र पर आधारित २८ योग
प्रत्येक वार-नक्षत्र संयोग एक आनन्दादि योग बनाता है।
वर्तमान योग
श्रीवत्स
परिवर्तन01:43
अगला योग
वज्र
आडलअनुपस्थित
विडालअनुपस्थित
तत्त्वजीवनमवायु
07

दिशा-शूल · वास

दिशा-नियंत्रण
आज किस दिशा में यात्रा त्याज्य, और प्रमुख देवताओं का वास।
उत्तरईशानपूर्वआग्नेयदक्षिणनैऋत्यपश्चिमवायव्य
यात्रा त्यागें
उत्तर
दिशा-शूल
उत्तर
यात्रा त्यागें
होमाहुति
अनुपलब्ध
अग्नि देव
नक्षत्र-शूल
पूर्व
नक्षत्रानुसार
राहु वास
पश्चिम
तिथि-आधारित
अग्नि वास
आकाश
अशुभ
भद्रा वास
पाताल
शुभ
शिव वास
सभा
अशुभ
चन्द्र वास
पश्चिम
चन्द्र दिशा
कुम्भ चक्र
लाभ
शुभ
08

चन्द्र-तारा बलम

राशि-नक्षत्र शुभाशुभ
किन राशियों एवं नक्षत्रों के लिए आज का काल अनुकूल है।

चन्द्र बलम

राशि-शुभाशुभ
शुभ राशियाँ — आज
मेषवृषसिंहतुलाधनुमकर
⊝ अष्टम चन्द्र · मीन राशि — विशेष सावधानी

तारा बलम

नक्षत्र-शुभाशुभ
शुभ नक्षत्र — आज
भरणीरोहिणीआर्द्रापुष्यआश्लेषापूर्व फाल्गुनीहस्तस्वातिअनुराधाज्येष्ठापूर्वाषाढ़ाश्रवणशतभिषाउत्तरभाद्रपद
09

सूर्य-चन्द्र विवरण

ज्योतिर्मय गणना
दोनों ज्योतिर्धरों की राशि, नक्षत्र, पाद, देशान्तर, गति, कला।

सूर्य

सौर ज्योतिर्धर
राशि
कन्या
समस्त दिवस
नक्षत्र
चित्रा
1 पाद
देशान्तर
175°25'34"
175.43° सायन
गति
0.9902°
प्रति दिवस

चन्द्र

चन्द्र ज्योतिर्धर
राशि
तुला
चन्द्र राशि
नक्षत्र
विशाखा
1 पाद
गति
12.3395°
प्रति दिवस
देशान्तर
202°46'25"
202.77° सायन
कला — वृद्धिक्रम
6%
शुक्ल पक्ष · शुक्ल तृतीया
10

मास · ऋतु · अयन

पक्ष एवं काल विवरण
पूर्णिमान्त एवं अमान्त मास, सौर प्रविष्टे, दृक एवं वैदिक ऋतु, अयन।
पक्ष
शुक्ल
वृद्धिक्रम
मास — पूर्णिमान्त
आश्विन
उत्तर भारतीय
मास — अमान्त
आश्विन
दक्षिण भारतीय
प्रविष्टे
26
सौर दिवस
अधिक मास
नहीं
सामान्य
दृक ऋतु
शरद
सौर-आधारित
वैदिक ऋतु
शरद
चान्द्र-आधारित
दृक अयन
दक्षिणायन
सायन
वैदिक अयन
दक्षिणायन
निरयन
11

संवत्सर · काल-गणना

विक्रम · शक · गुजराती
विक्रम, शक, गुजराती संवत्, कलियुग वर्ष, अहर्गण, अयनांश, जूलियन दिवस।
विक्रम संवत्
2083
सिद्धार्थी
शक संवत्
1948
पराभव
गुजराती संवत्
2082
पिंगल
कलियुग वर्ष
5,127
/ ४,३२,०००
कलि अहर्गण
18,72,861
दिवस
लाहिड़ी अयनांश
24°14'17"
24.237932°
जूलियन दिवस
24,61,326
JD
संशोधित JD
61,326
MJD
जूलियन (पुरातन)
30 सितंबर
2026
राष्ट्रीय सिविल
आश्विन 21
शक 1948
राष्ट्रीय निरयन
भाद्रपद 26
सौर
रात्रिदिए (R.D.)
7,39,902
proleptic
शक चक्र
चक्र 33
६० वर्ष
12

संवत्सर के दश अधिकारी

मन्त्री मण्डल
वर्ष-संचालन में दश ग्रह — राजा, मन्त्री, सेनाधिपति, मेघाधिपति आदि।
राजामन्त्रीसेनामेघसस्यधान्यफलरसधननिरस
वर्ष-राजा
गुरु
राजा
गुरु
मन्त्री
शुक्र
सेनाधिपति
मङ्गल
मेघाधिपति
चन्द्र
सस्याधिपति
गुरु
धान्याधिपति
बुध
फलाधिपति
शनि
रसाधिपति
शुक्र
धनाधिपति
सूर्य
निरसाधिपति
मङ्गल
13

संक्रमण

आगामी अन्त्य काल
तिथि, नक्षत्र, योग, करण के आगामी तीन परिवर्तन।

तिथि

अब
शुक्ल तृतीया
23:28
अगला
शुक्ल चतुर्थी
01:13
+ २
शुक्ल पंचमी

नक्षत्र

अब
विशाखा
01:43
अगला
अनुराधा
04:04
+ २
ज्येष्ठा

योग

अब
प्रीति
20:25
अगला
आयुष्मान
20:40
+ २
सौभाग्य

करण

अब
तैतिल
10:47
अगला
गर
23:28
+ २
वणिज
दिल्लीमुंबईकोलकाताचेन्नईबेंगलुरुहैदराबादअहमदाबादपुणेजयपुरलखनऊवाराणसीप्रयागराजहरिद्वारउज्जैनमथुराअयोध्यापटनाइंदौर
गणना इंजन
JPL DE441 · दृक् (वेधसिद्ध)
अयनांश
लाहिड़ी · चित्रापक्ष · 24°14'17"
सूर्योदय परिभाषा
उत्तरबिम्ब · वायुमण्डल संशोधित
ॐ    तत्    सत्