ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
Usehat, उत्तर प्रदेश

Usehat — पंचांग

21 दिसंबर 2026, सोमवार

सूर्योदय
07:00
सूर्यास्त
17:22
चंद्रोदय
14:34
चंद्रास्त
03:46
← पिछला दिनआज का पंचांगअगला दिन →

दिसंबर 2026 — मासिक पंचांग

सर्वार्थ सिद्धि योग
21 दिसंबर 2026, सोमवार को सर्वार्थ सिद्धि योग है — सभी शुभ कार्यों के लिए उत्तम दिन

पंचांग — पाँच अंग

तिथि
शुक्ल द्वादशी
17:37 तक
अगली: शुक्ल त्रयोदशी
प्रगति50%
नक्षत्र
भरणी (3 पाद)
13:08 तक
अगली: कृत्तिका
स्वामी: शुक्र
योग
सिद्ध
00:00 तक
अगला: साध्य
शुभ
करण
बव
07:00 तक
अगला: बालव
शुभ
वार
सोमवार

पंचांग सार

तिथि
शुक्ल द्वादशी· 17:37 तक
शुक्ल त्रयोदशी
नक्षत्र
भरणी · पद 3· 13:08 तक
कृत्तिका
योग
सिद्ध· 00:00 तक
साध्य
करण
बव· 07:00 तक
बालव
वार
सोमवार
पक्ष
शुक्ल पक्ष

ग्रह स्थिति

सूर्य
राशिधनु
नक्षत्रमूल
पद2
देशांतर244°56'57"
चन्द्रमा
राशिमेष
नक्षत्रभरणी
पद3
देशांतर22°55'58"

राशि

चंद्र राशि
मेष
सूर्य राशि
धनु

Usehat — शुभ-अशुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:24 — 06:12
प्रातः सन्ध्या
06:12 — 07:48
सूर्योदय
07:00
अभिजित मुहूर्त
11:47 — 12:35
अमृत कालविशेष
07:00 — 08:17
विजय मुहूर्त
15:18 — 15:59
गोधूलि मुहूर्त
16:58 — 17:46
सूर्यास्त
17:22
सायाह्न सन्ध्या
17:25 — 18:34
निशिता मुहूर्त
23:47 — 00:35
राहु काल
08:17 — 09:35
यमगंड काल
09:35 — 10:53
गुलिक काल
13:29 — 14:47
प्रथम दुर्मुहूर्त
10:53 — 11:32
द्वितीय दुर्मुहूर्त
13:29 — 14:08
चंद्रोदय
14:34
चंद्रास्त
03:46
मध्याह्न
12:11
सर्वार्थ सिद्धि योगसम्पूर्ण दिन

हिन्दू पंचांग — संवत् एवं मास

चन्द्र माह (पूर्णिमान्त)
पौष
चन्द्र माह (अमान्त)
पौष
पक्ष
शुक्ल पक्ष
विक्रम संवत्
2083
शक संवत्
1948
गुजराती संवत्
2082

नक्षत्र विस्तार

नक्षत्र पद
पद 3
भरणी
नक्षत्र स्वामी
शुक्र
नक्षत्र देवता
यम
सूर्य नक्षत्र
मूल
पद 2स्वामी: केतु

ऋतु एवं अयन

वैदिक ऋतु
हेमन्त
द्रिक ऋतु
हेमन्त
अयन
दक्षिणायन

दिनमान एवं रात्रिमान

दिनमान
10 घण्टे 22 मिनट 58 सेकण्ड
25 घटी 57 पल
रात्रिमान
13 घण्टे 37 मिनट 02 सेकण्ड
34 घटी 3 पल
मध्याह्न (सौर)
12:11
सूर्य का उच्चतम बिन्दु

दिन का चौघड़िया — 21 दिसंबर 2026, सोमवार

अमृतशुभलाभचरकालउद्वेगरोग
07:0008:17
अमृत
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह
08:1709:35
काल
महत्वपूर्ण निर्णय टालें
09:3510:53
शुभ
विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य
10:5312:11
रोग
स्वास्थ्य निर्णय टालें
12:1113:29
उद्वेग
नया काम प्रारंभ न करें
13:2914:47
चर
यात्रा, वाहन चालन
14:4716:05
लाभ
व्यापार, धन लेनदेन, नौकरी
16:0517:22
अमृत
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह

रात का चौघड़िया

17:2219:05
चर
यात्रा, वाहन चालन
19:0520:47
लाभ
व्यापार, धन लेनदेन, नौकरी
20:4722:29
अमृत
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह
22:2900:11
काल
महत्वपूर्ण निर्णय टालें
00:1101:53
शुभ
विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य
01:5303:35
रोग
स्वास्थ्य निर्णय टालें
03:3505:17
उद्वेग
नया काम प्रारंभ न करें
05:1707:00
चर
यात्रा, वाहन चालन

Usehat पंचांग — दिसंबर 2026

12345678910111213141516171819202122232425262728293031

अन्य शहरों का पंचांग — 21 दिसंबर 2026, सोमवार

दिल्लीमुंबईकोलकाताचेन्नईबेंगलुरुहैदराबादअहमदाबादपुणेजयपुरलखनऊवाराणसीप्रयागराज

Usehat पंचांग — 21 दिसंबर 2026, सोमवार

Usehat (उत्तर प्रदेश) के लिए 21 दिसंबर 2026, सोमवार का सम्पूर्ण हिन्दू पंचांग यहाँ प्रस्तुत है। पंचांग के पाँच अंग — तिथि, नक्षत्र, योग, करण और वार — के साथ-साथ सूर्योदय, सूर्यास्त, चंद्रोदय, राहु काल, यमगंड काल, गुलिक काल, ब्रह्म मुहूर्त, अभिजित मुहूर्त और चौघड़िया की सटीक जानकारी दी गई है।

यह पंचांग Usehat के अक्षांश-देशांतर के अनुसार खगोलीय गणना पर आधारित है, जिससे सूर्योदय और अन्य समय स्थानीय रूप से सटीक हैं। किसी भी शुभ कार्य, पूजा, व्रत या मुहूर्त के लिए अपने शहर का पंचांग अवश्य देखें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

Usehat में 21 दिसंबर 2026, सोमवार को सूर्योदय कब है?

Usehat में 21 दिसंबर 2026, सोमवार को सूर्योदय 07:00 बजे और सूर्यास्त 17:22 बजे है। ये समय खगोलीय गणना के आधार पर सटीक हैं।

Usehat में 21 दिसंबर 2026, सोमवार को राहु काल कब है?

Usehat में 21 दिसंबर 2026, सोमवार को राहु काल 08:17 से 09:35 तक है। इस समय नए कार्य प्रारंभ न करें।

Usehat में 21 दिसंबर 2026, सोमवार को तिथि क्या है?

Usehat में 21 दिसंबर 2026, सोमवार को शुक्ल द्वादशी तिथि है।

पंचांग के पाँच अंग कौन से हैं?

पंचांग के पाँच अंग हैं — तिथि (चंद्र दिन), नक्षत्र (चंद्र मंडल), योग (सूर्य-चंद्र संयोग), करण (अर्ध-तिथि) और वार (सप्ताह का दिन)। ये पाँचों मिलकर किसी भी दिन की शुभता निर्धारित करते हैं।

अभिजित मुहूर्त किसे कहते हैं?

अभिजित मुहूर्त दिन का सबसे शुभ समय है, जो सौर मध्याह्न (solar noon) के आसपास 48 मिनट का होता है। बृहत्संहिता के अनुसार यह दिन का आठवाँ मुहूर्त है।