ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
Vadāli, गुजरात

Vadāli — पंचांग

27 फरवरी 2025, गुरुवार

सूर्योदय
07:02
सूर्यास्त
18:40
चंद्रोदय
06:33
चंद्रास्त
18:04
← पिछला दिनआज का पंचांगअगला दिन →

फरवरी 2025 — मासिक पंचांग

सर्वार्थ सिद्धि योग
27 फरवरी 2025, गुरुवार को सर्वार्थ सिद्धि योग है — सभी शुभ कार्यों के लिए उत्तम दिन
पंचक चल रहा है
पंचक काल में शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं

पंचांग — पाँच अंग

तिथि
कृष्ण चतुर्दशी
08:55 तक
अगली: कृष्ण अमावस्या
प्रगति91%
नक्षत्र
धनिष्ठा (3 पाद)
15:44 तक
अगली: शतभिषा
स्वामी: मंगल
योग
शिव
00:00 तक
अगला: सिद्ध
शुभ
करण
शकुनि
08:55 तक
अगला: चतुष्पद
शुभ
वार
गुरुवार

पंचांग सार

तिथि
कृष्ण चतुर्दशी· 08:55 तक
कृष्ण अमावस्या
नक्षत्र
धनिष्ठा · पद 3· 15:44 तक
शतभिषा
योग
शिव· 00:00 तक
सिद्ध
करण
शकुनि· 08:55 तक
चतुष्पद
वार
गुरुवार
पक्ष
कृष्ण पक्ष

ग्रह स्थिति

सूर्य
राशिकुम्भ
नक्षत्रशतभिषा
पद3
देशांतर314°29'53"
चन्द्रमा
राशिकुम्भ
नक्षत्रधनिष्ठा
पद3
देशांतर301°26'20"

राशि

चंद्र राशि
कुम्भ
सूर्य राशि
कुम्भ

Vadāli — शुभ-अशुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:26 — 06:14
प्रातः सन्ध्या
06:14 — 07:50
सूर्योदय
07:02
अभिजित मुहूर्त
12:27 — 13:15
अमृत कालविशेष
14:18 — 15:45
विजय मुहूर्त
16:20 — 17:07
गोधूलि मुहूर्त
18:16 — 19:04
सूर्यास्त
18:40
सायाह्न सन्ध्या
18:43 — 19:52
निशिता मुहूर्त
00:27 — 01:15
राहु काल
14:18 — 15:45
यमगंड काल
17:12 — 18:40
गुलिक काल
09:56 — 11:23
प्रथम दुर्मुहूर्त
12:07 — 12:51
द्वितीय दुर्मुहूर्त
17:12 — 17:56
चंद्रोदय
06:33
चंद्रास्त
18:04
मध्याह्न
12:51
सर्वार्थ सिद्धि योगसम्पूर्ण दिन

हिन्दू पंचांग — संवत् एवं मास

चन्द्र माह (पूर्णिमान्त)
चैत्र
चन्द्र माह (अमान्त)
फाल्गुन
पक्ष
कृष्ण पक्ष
विक्रम संवत्
2082
शक संवत्
1946
गुजराती संवत्
2080

नक्षत्र विस्तार

नक्षत्र पद
पद 3
धनिष्ठा
नक्षत्र स्वामी
मंगल
नक्षत्र देवता
वसु
सूर्य नक्षत्र
शतभिषा
पद 3स्वामी: राहु

ऋतु एवं अयन

वैदिक ऋतु
वसन्त
द्रिक ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

दिनमान एवं रात्रिमान

दिनमान
11 घण्टे 37 मिनट 54 सेकण्ड
29 घटी 5 पल
रात्रिमान
12 घण्टे 22 मिनट 06 सेकण्ड
30 घटी 55 पल
मध्याह्न (सौर)
12:51
सूर्य का उच्चतम बिन्दु

दिन का चौघड़िया — 27 फरवरी 2025, गुरुवार

अमृतशुभलाभचरकालउद्वेगरोग
07:0208:29
शुभ
विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य
08:2909:56
रोग
स्वास्थ्य निर्णय टालें
09:5611:23
उद्वेग
नया काम प्रारंभ न करें
11:2312:51
चर
यात्रा, वाहन चालन
12:5114:18
लाभ
व्यापार, धन लेनदेन, नौकरी
14:1815:45
अमृत
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह
15:4517:12
काल
महत्वपूर्ण निर्णय टालें
17:1218:40
शुभ
विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य

रात का चौघड़िया

18:4020:12
अमृत
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह
20:1221:45
काल
महत्वपूर्ण निर्णय टालें
21:4523:18
शुभ
विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य
23:1800:51
रोग
स्वास्थ्य निर्णय टालें
00:5102:23
उद्वेग
नया काम प्रारंभ न करें
02:2303:56
चर
यात्रा, वाहन चालन
03:5605:29
लाभ
व्यापार, धन लेनदेन, नौकरी
05:2907:02
अमृत
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह

Vadāli पंचांग — फरवरी 2025

12345678910111213141516171819202122232425262728

अन्य शहरों का पंचांग — 27 फरवरी 2025, गुरुवार

दिल्लीमुंबईकोलकाताचेन्नईबेंगलुरुहैदराबादअहमदाबादपुणेजयपुरलखनऊवाराणसीप्रयागराज

Vadāli पंचांग — 27 फरवरी 2025, गुरुवार

Vadāli (गुजरात) के लिए 27 फरवरी 2025, गुरुवार का सम्पूर्ण हिन्दू पंचांग यहाँ प्रस्तुत है। पंचांग के पाँच अंग — तिथि, नक्षत्र, योग, करण और वार — के साथ-साथ सूर्योदय, सूर्यास्त, चंद्रोदय, राहु काल, यमगंड काल, गुलिक काल, ब्रह्म मुहूर्त, अभिजित मुहूर्त और चौघड़िया की सटीक जानकारी दी गई है।

यह पंचांग Vadāli के अक्षांश-देशांतर के अनुसार खगोलीय गणना पर आधारित है, जिससे सूर्योदय और अन्य समय स्थानीय रूप से सटीक हैं। किसी भी शुभ कार्य, पूजा, व्रत या मुहूर्त के लिए अपने शहर का पंचांग अवश्य देखें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

Vadāli में 27 फरवरी 2025, गुरुवार को सूर्योदय कब है?

Vadāli में 27 फरवरी 2025, गुरुवार को सूर्योदय 07:02 बजे और सूर्यास्त 18:40 बजे है। ये समय खगोलीय गणना के आधार पर सटीक हैं।

Vadāli में 27 फरवरी 2025, गुरुवार को राहु काल कब है?

Vadāli में 27 फरवरी 2025, गुरुवार को राहु काल 14:18 से 15:45 तक है। इस समय नए कार्य प्रारंभ न करें।

Vadāli में 27 फरवरी 2025, गुरुवार को तिथि क्या है?

Vadāli में 27 फरवरी 2025, गुरुवार को कृष्ण चतुर्दशी तिथि है।

पंचांग के पाँच अंग कौन से हैं?

पंचांग के पाँच अंग हैं — तिथि (चंद्र दिन), नक्षत्र (चंद्र मंडल), योग (सूर्य-चंद्र संयोग), करण (अर्ध-तिथि) और वार (सप्ताह का दिन)। ये पाँचों मिलकर किसी भी दिन की शुभता निर्धारित करते हैं।

अभिजित मुहूर्त किसे कहते हैं?

अभिजित मुहूर्त दिन का सबसे शुभ समय है, जो सौर मध्याह्न (solar noon) के आसपास 48 मिनट का होता है। बृहत्संहिता के अनुसार यह दिन का आठवाँ मुहूर्त है।