ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
वाराणसी, उत्तर प्रदेश

वाराणसी — पंचांग

1 मई 2027, शनिवार

सूर्योदय
05:22
सूर्यास्त
18:28
चंद्रोदय
01:57
चंद्रास्त
13:46
← पिछला दिनआज का पंचांगअगला दिन →

मई 2027 — मासिक पंचांग

पंचक चल रहा है
पंचक काल में शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं

पंचांग — पाँच अंग

तिथि
कृष्ण दशमी
18:54 तक
अगली: कृष्ण एकादशी
प्रगति43%
नक्षत्र
शतभिषा (1 पाद)
01:15 तक
अगली: पूर्वभाद्रपद
स्वामी: राहु
योग
ब्रह्म
18:42 तक
अगला: ऐन्द्र
शुभ
करण
वणिज
06:09 तक
अगला: विष्टि
शुभ
वार
शनिवार

पंचांग सार

तिथि
कृष्ण दशमी· 18:54 तक
कृष्ण एकादशी
नक्षत्र
शतभिषा · पद 1· 01:15 तक
पूर्वभाद्रपद
योग
ब्रह्म· 18:42 तक
ऐन्द्र
करण
वणिज· 06:09 तक
विष्टि
वार
शनिवार
पक्ष
कृष्ण पक्ष

ग्रह स्थिति

सूर्य
राशिमेष
नक्षत्रभरणी
पद1
देशांतर16°08'06"
चन्द्रमा
राशिकुम्भ
नक्षत्रशतभिषा
पद1
देशांतर309°18'41"

राशि

चंद्र राशि
कुम्भ
सूर्य राशि
मेष

वाराणसी — शुभ-अशुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:46 — 04:34
प्रातः सन्ध्या
04:34 — 06:10
सूर्योदय
05:22
अभिजित मुहूर्त
11:31 — 12:19
अमृत कालविशेष
15:12 — 16:50
विजय मुहूर्त
15:51 — 16:44
गोधूलि मुहूर्त
18:04 — 18:52
सूर्यास्त
18:28
सायाह्न सन्ध्या
18:31 — 19:40
निशिता मुहूर्त
23:31 — 00:19
राहु काल
08:39 — 10:17
यमगंड काल
13:34 — 15:12
गुलिक काल
05:22 — 07:01
प्रथम दुर्मुहूर्त
08:39 — 09:28
द्वितीय दुर्मुहूर्त
15:12 — 16:01
चंद्रोदय
01:57
चंद्रास्त
13:46
मध्याह्न
11:55

हिन्दू पंचांग — संवत् एवं मास

चन्द्र माह (पूर्णिमान्त)
ज्येष्ठ
चन्द्र माह (अमान्त)
वैशाख
पक्ष
कृष्ण पक्ष
विक्रम संवत्
2084
शक संवत्
1949
गुजराती संवत्
2082

नक्षत्र विस्तार

नक्षत्र पद
पद 1
शतभिषा
नक्षत्र स्वामी
राहु
नक्षत्र देवता
वरुण
सूर्य नक्षत्र
भरणी
पद 1स्वामी: शुक्र

ऋतु एवं अयन

वैदिक ऋतु
ग्रीष्म
द्रिक ऋतु
ग्रीष्म
अयन
उत्तरायण

दिनमान एवं रात्रिमान

दिनमान
13 घण्टे 05 मिनट 58 सेकण्ड
32 घटी 45 पल
रात्रिमान
10 घण्टे 54 मिनट 02 सेकण्ड
27 घटी 15 पल
मध्याह्न (सौर)
11:55
सूर्य का उच्चतम बिन्दु

दिन का चौघड़िया — 1 मई 2027, शनिवार

अमृतशुभलाभचरकालउद्वेगरोग
05:2207:01
काल
महत्वपूर्ण निर्णय टालें
07:0108:39
शुभ
विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य
08:3910:17
रोग
स्वास्थ्य निर्णय टालें
10:1711:55
उद्वेग
नया काम प्रारंभ न करें
11:5513:34
चर
यात्रा, वाहन चालन
13:3415:12
लाभ
व्यापार, धन लेनदेन, नौकरी
15:1216:50
अमृत
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह
16:5018:28
काल
महत्वपूर्ण निर्णय टालें

रात का चौघड़िया

18:2819:50
उद्वेग
नया काम प्रारंभ न करें
19:5021:12
चर
यात्रा, वाहन चालन
21:1222:34
लाभ
व्यापार, धन लेनदेन, नौकरी
22:3423:55
अमृत
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह
23:5501:17
काल
महत्वपूर्ण निर्णय टालें
01:1702:39
शुभ
विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य
02:3904:01
रोग
स्वास्थ्य निर्णय टालें
04:0105:22
उद्वेग
नया काम प्रारंभ न करें

वाराणसी पंचांग — मई 2027

12345678910111213141516171819202122232425262728293031

अन्य शहरों का पंचांग — 1 मई 2027, शनिवार

दिल्लीमुंबईकोलकाताचेन्नईबेंगलुरुहैदराबादअहमदाबादपुणेजयपुरलखनऊप्रयागराजहरिद्वार

वाराणसी पंचांग — 1 मई 2027, शनिवार

वाराणसी (उत्तर प्रदेश) के लिए 1 मई 2027, शनिवार का सम्पूर्ण हिन्दू पंचांग यहाँ प्रस्तुत है। पंचांग के पाँच अंग — तिथि, नक्षत्र, योग, करण और वार — के साथ-साथ सूर्योदय, सूर्यास्त, चंद्रोदय, राहु काल, यमगंड काल, गुलिक काल, ब्रह्म मुहूर्त, अभिजित मुहूर्त और चौघड़िया की सटीक जानकारी दी गई है।

यह पंचांग वाराणसी के अक्षांश-देशांतर के अनुसार खगोलीय गणना पर आधारित है, जिससे सूर्योदय और अन्य समय स्थानीय रूप से सटीक हैं। किसी भी शुभ कार्य, पूजा, व्रत या मुहूर्त के लिए अपने शहर का पंचांग अवश्य देखें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

वाराणसी में 1 मई 2027, शनिवार को सूर्योदय कब है?

वाराणसी में 1 मई 2027, शनिवार को सूर्योदय 05:22 बजे और सूर्यास्त 18:28 बजे है। ये समय खगोलीय गणना के आधार पर सटीक हैं।

वाराणसी में 1 मई 2027, शनिवार को राहु काल कब है?

वाराणसी में 1 मई 2027, शनिवार को राहु काल 08:39 से 10:17 तक है। इस समय नए कार्य प्रारंभ न करें।

वाराणसी में 1 मई 2027, शनिवार को तिथि क्या है?

वाराणसी में 1 मई 2027, शनिवार को कृष्ण दशमी तिथि है।

पंचांग के पाँच अंग कौन से हैं?

पंचांग के पाँच अंग हैं — तिथि (चंद्र दिन), नक्षत्र (चंद्र मंडल), योग (सूर्य-चंद्र संयोग), करण (अर्ध-तिथि) और वार (सप्ताह का दिन)। ये पाँचों मिलकर किसी भी दिन की शुभता निर्धारित करते हैं।

अभिजित मुहूर्त किसे कहते हैं?

अभिजित मुहूर्त दिन का सबसे शुभ समय है, जो सौर मध्याह्न (solar noon) के आसपास 48 मिनट का होता है। बृहत्संहिता के अनुसार यह दिन का आठवाँ मुहूर्त है।