ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
वाराणसी, उत्तर प्रदेश

वाराणसी — पंचांग

5 जून 2027, शनिवार

सूर्योदय
05:07
सूर्यास्त
18:46
चंद्रोदय
05:10
चंद्रास्त
19:37
← पिछला दिनआज का पंचांगअगला दिन →

जून 2027 — मासिक पंचांग

सर्वार्थ सिद्धि योग
5 जून 2027, शनिवार को सर्वार्थ सिद्धि योग है — सभी शुभ कार्यों के लिए उत्तम दिन

पंचांग — पाँच अंग

तिथि
शुक्ल प्रतिपदा
00:00 तक
अगली: शुक्ल द्वितीया
प्रगति14%
नक्षत्र
रोहिणी (4 पाद)
07:01 तक
अगली: मृगशिरा
स्वामी: चंद्र
योग
धृति
12:09 तक
अगला: शूल
शुभ
करण
किंस्तुघ्न
00:00 तक
अगला: बव
शुभ
वार
शनिवार

पंचांग सार

तिथि
शुक्ल प्रतिपदा· 00:00 तक
शुक्ल द्वितीया
नक्षत्र
रोहिणी · पद 4· 07:01 तक
मृगशिरा
योग
धृति· 12:09 तक
शूल
करण
किंस्तुघ्न· 00:00 तक
बव
वार
शनिवार
पक्ष
शुक्ल पक्ष

ग्रह स्थिति

सूर्य
राशिवृषभ
नक्षत्ररोहिणी
पद3
देशांतर49°51'16"
चन्द्रमा
राशिवृषभ
नक्षत्ररोहिणी
पद4
देशांतर51°33'19"

राशि

चंद्र राशि
वृषभ
सूर्य राशि
वृषभ

वाराणसी — शुभ-अशुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:31 — 04:19
प्रातः सन्ध्या
04:19 — 05:55
सूर्योदय
05:07
अभिजित मुहूर्त
11:33 — 12:21
अमृत कालविशेष
15:21 — 17:04
विजय मुहूर्त
16:02 — 16:57
गोधूलि मुहूर्त
18:22 — 19:10
सूर्यास्त
18:46
सायाह्न सन्ध्या
18:49 — 19:58
निशिता मुहूर्त
23:33 — 00:21
राहु काल
08:32 — 10:14
यमगंड काल
13:39 — 15:21
गुलिक काल
05:07 — 06:50
प्रथम दुर्मुहूर्त
08:32 — 09:23
द्वितीय दुर्मुहूर्त
15:21 — 16:12
चंद्रोदय
05:10
चंद्रास्त
19:37
मध्याह्न
11:57
सर्वार्थ सिद्धि योगसम्पूर्ण दिन

हिन्दू पंचांग — संवत् एवं मास

चन्द्र माह (पूर्णिमान्त)
ज्येष्ठ
चन्द्र माह (अमान्त)
ज्येष्ठ
पक्ष
शुक्ल पक्ष
विक्रम संवत्
2084
शक संवत्
1949
गुजराती संवत्
2082

नक्षत्र विस्तार

नक्षत्र पद
पद 4
रोहिणी
नक्षत्र स्वामी
चंद्र
नक्षत्र देवता
ब्रह्मा
सूर्य नक्षत्र
रोहिणी
पद 3स्वामी: चंद्र

ऋतु एवं अयन

वैदिक ऋतु
ग्रीष्म
द्रिक ऋतु
ग्रीष्म
अयन
उत्तरायण

दिनमान एवं रात्रिमान

दिनमान
13 घण्टे 38 मिनट 42 सेकण्ड
34 घटी 7 पल
रात्रिमान
10 घण्टे 21 मिनट 18 सेकण्ड
25 घटी 53 पल
मध्याह्न (सौर)
11:57
सूर्य का उच्चतम बिन्दु

दिन का चौघड़िया — 5 जून 2027, शनिवार

अमृतशुभलाभचरकालउद्वेगरोग
05:0706:50
काल
महत्वपूर्ण निर्णय टालें
06:5008:32
शुभ
विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य
08:3210:14
रोग
स्वास्थ्य निर्णय टालें
10:1411:57
उद्वेग
नया काम प्रारंभ न करें
11:5713:39
चर
यात्रा, वाहन चालन
13:3915:21
लाभ
व्यापार, धन लेनदेन, नौकरी
15:2117:04
अमृत
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह
17:0418:46
काल
महत्वपूर्ण निर्णय टालें

रात का चौघड़िया

18:4620:04
उद्वेग
नया काम प्रारंभ न करें
20:0421:21
चर
यात्रा, वाहन चालन
21:2122:39
लाभ
व्यापार, धन लेनदेन, नौकरी
22:3923:57
अमृत
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह
23:5701:14
काल
महत्वपूर्ण निर्णय टालें
01:1402:32
शुभ
विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य
02:3203:50
रोग
स्वास्थ्य निर्णय टालें
03:5005:07
उद्वेग
नया काम प्रारंभ न करें

वाराणसी पंचांग — जून 2027

123456789101112131415161718192021222324252627282930

अन्य शहरों का पंचांग — 5 जून 2027, शनिवार

दिल्लीमुंबईकोलकाताचेन्नईबेंगलुरुहैदराबादअहमदाबादपुणेजयपुरलखनऊप्रयागराजहरिद्वार

वाराणसी पंचांग — 5 जून 2027, शनिवार

वाराणसी (उत्तर प्रदेश) के लिए 5 जून 2027, शनिवार का सम्पूर्ण हिन्दू पंचांग यहाँ प्रस्तुत है। पंचांग के पाँच अंग — तिथि, नक्षत्र, योग, करण और वार — के साथ-साथ सूर्योदय, सूर्यास्त, चंद्रोदय, राहु काल, यमगंड काल, गुलिक काल, ब्रह्म मुहूर्त, अभिजित मुहूर्त और चौघड़िया की सटीक जानकारी दी गई है।

यह पंचांग वाराणसी के अक्षांश-देशांतर के अनुसार खगोलीय गणना पर आधारित है, जिससे सूर्योदय और अन्य समय स्थानीय रूप से सटीक हैं। किसी भी शुभ कार्य, पूजा, व्रत या मुहूर्त के लिए अपने शहर का पंचांग अवश्य देखें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

वाराणसी में 5 जून 2027, शनिवार को सूर्योदय कब है?

वाराणसी में 5 जून 2027, शनिवार को सूर्योदय 05:07 बजे और सूर्यास्त 18:46 बजे है। ये समय खगोलीय गणना के आधार पर सटीक हैं।

वाराणसी में 5 जून 2027, शनिवार को राहु काल कब है?

वाराणसी में 5 जून 2027, शनिवार को राहु काल 08:32 से 10:14 तक है। इस समय नए कार्य प्रारंभ न करें।

वाराणसी में 5 जून 2027, शनिवार को तिथि क्या है?

वाराणसी में 5 जून 2027, शनिवार को शुक्ल प्रतिपदा तिथि है।

पंचांग के पाँच अंग कौन से हैं?

पंचांग के पाँच अंग हैं — तिथि (चंद्र दिन), नक्षत्र (चंद्र मंडल), योग (सूर्य-चंद्र संयोग), करण (अर्ध-तिथि) और वार (सप्ताह का दिन)। ये पाँचों मिलकर किसी भी दिन की शुभता निर्धारित करते हैं।

अभिजित मुहूर्त किसे कहते हैं?

अभिजित मुहूर्त दिन का सबसे शुभ समय है, जो सौर मध्याह्न (solar noon) के आसपास 48 मिनट का होता है। बृहत्संहिता के अनुसार यह दिन का आठवाँ मुहूर्त है।