शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
भैरव मंत्र
ॐ अघोराय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपशान्त नरसिंह
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो दुष्टों के लिए घोर हैं परंतु भक्तों के लिए अघोर (सौम्य) हैं, उन्हें नमस्कार है।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
भगवान के प्रति भय-मुक्त, विशुद्ध और निष्काम प्रेम-भाव का उदय
विस्तृत लाभ
भगवान के प्रति भय-मुक्त, विशुद्ध और निष्काम प्रेम-भाव का उदय।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ कराल-वदनां घोरां मुक्त-केशीं चतुर्भुजाम्। कालिकां दक्षिणां दिव्यां मुण्ड-माला विभूषिताम्। सद्यः-छिन्न-शिरः-खड्ग-वामाधोर्ध्व-कराम्बुजाम्। अभयं वरदञ्चैव दक्षिणोर्ध्वाधः-पाणिकाम्॥
ॐ ह्रीं बटुकाय मम कन्या विवाह बाधा निवारणं कुरु कुरु बटुकाय ह्रीं ॐ स्वाहा।
श्री राम लक्ष्मण जानकी, जय बोलो हनुमान की
ॐ अहिर्बुध्न्याय नमः
ॐ देवी कूष्माण्डायै नमः॥ 16
ॐ शब्दब्रह्ममयाय नमः