शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
भैरव मंत्र
ॐ दिव्याय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपदिव्य रूप
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो भौतिकता से परे, पूर्णतः अलौकिक हैं, उन्हें नमस्कार है।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
ध्यान और समाधि में दिव्य अनुभवों व दर्शन की प्राप्ति
विस्तृत लाभ
ध्यान और समाधि में दिव्य अनुभवों व दर्शन की प्राप्ति।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ अश्वारूढाय विद्महे खड्गहस्ताय धीमहि तन्नो कल्किः प्रचोदयात्।
नितम्बबिम्बरुलम्बमानपुष्पमेखले प्रशस्तरलकिङ्किणीकलापमध्यमञ्जुले। करीन्द्रशुण्डदण्डिकாவरोहसौभगोरुके कदा करिष्यसीह मां कृपाकटाक्षभाजनम्॥
ॐ परब्रह्मणे नमः
ॐ वाण्यै नमः
ॐ यो वै रामचन्द्रः स भगवान् ये परमात्मा तस्मै वै नमो नमः भूर्भुवः स्वः
ॐ गहनाय नमः