शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
भैरव मंत्र
ॐ मधुरिपवे नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
मधु नामक घोर राक्षस के शत्रु
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
जीवन के कठिनतम बाधाओं का उन्मूलन
विस्तृत लाभ
जीवन के कठिनतम बाधाओं का उन्मूलन 23
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
वागीशा यस्य वदने लक्ष्मीर्यस्य च वक्षसि। यस्यास्ते हृदये संवित् तं नृसिंहमहं भजे॥
ॐ रुद्राय नमः
ॐ कलिपूज्यायै नमः
ऐं क्लीं सौः श्रीं ह्रीं कामेश्वर ह्रीं श्रीं सौः क्लीं ऐं।
चोदयित्री सूनृतानां चेतन्ती सुमतीनाम्। यज्ञं दधे सरस्वती॥
देवि प्रपन्नार्तिहरे प्रसीद प्रसीद मातर्जगतोऽखिलस्य। प्रसीद विश्वेश्वरि पाहि विश्वं त्वमीश्वरी देवि चराचरस्य॥ 18