नवार्ण (चण्डी) महामंत्र
ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे॥
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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इस मंत्र का अर्थ
'ऐं' सरस्वती का, 'ह्रीं' लक्ष्मी का, 'क्लीं' काली का बीज है। हे चामुण्डा देवी! आप अविद्या रूपी पाश को काटकर मुझे ज्ञान (विच्चे) प्रदान करें 14।
इस मंत्र से क्या होगा?
समस्त सिद्धियों की प्राप्ति, जीवन में पूर्णता, नकारात्मक ऊर्जा का नाश और मोक्ष की प्राप्ति
विस्तृत लाभ
समस्त सिद्धियों की प्राप्ति, जीवन में पूर्णता, नकारात्मक ऊर्जा का नाश और मोक्ष की प्राप्ति 17।
जप काल
नवरात्रि, प्रतिदिन प्रातः/संध्या, रुद्राक्ष या रक्त-चंदन की माला से 108 बार जप 24।
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ पिङ्गाक्षाय नमः
ॐ जयायै नमः।
ॐ सर्ववर्णात्मिकायै पादयुग्मं सदाऽवतु। (स्वरूप: सर्ववर्णात्मिका | लाभ: दोनों पैरों की रक्षा | अर्थ: समस्त अक्षर-स्वरूपा देवी मेरे पैरों की रक्षा करें) 8
पूर्वे असितांग भैरवाय नमः पूर्वे मां रक्ष रक्ष काल कंटकान् भक्ष भक्ष आवाहयाम्यहं इत्र तिष्ठ तिष्ठ हुं फट् स्वाहा।
ॐ धीरोदात्ताय नमः
ॐ यो वै रामचन्द्रः स भगवान् ये महादेवतः तस्मै वै नमो नमः भूर्भुवः स्वः