शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
भैरव मंत्र
ॐ अनेकसोमसूर्याग्निगणाकाराय नमः।
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारनामावली मंत्र
स्वरूपबटुक भैरव
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
अनेक सूर्य, चंद्र और अग्नि के समान तेज वाले को नमन।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
सर्व-भय नाश व मोक्ष
विस्तृत लाभ
सर्व-भय नाश व मोक्ष
जप काल
बिल्व पत्र या पुष्प अर्पण
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
देव्या यया ततमिदं जगदात्मशक्त्या निश्शेषदेवगणशक्तिसमूहमूत्र्या। तामम्बिकामखिलदेवमहर्षिपूज्यां भक्त्या नताः स्म विदधातु शुभानि सा नः॥ 18
ॐ कृष्णानन्दप्रवर्धिन्यै नमः
ॐ कर्पूरमालाभरणायै नमः
ॐ तत्पुरुषाय विद्महे महादेवाय धीमहि तन्नो रुद्रः प्रचोदयात्॥
ॐ कमलोद्भवायै नमः
ॐ वल्ली देवसेनासमेत श्री सुब्रह्मण्यस्वामिने नमः